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फर्जी कागजात लगाने पर ठेकेदार ब्लेकलिस्ट
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:52 AM IST
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मुरादाबाद।
सात करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 240 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का ठेका लेने के लिए एक ठेकेदार ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगा दिए। शिकायत के बाद एमडीए ने जांच कराई तो ठेकेदार के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। वीसी एमडीए कनक त्रिपाठी के आदेश पर बुधवार को ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर उसे एमडीए से हमेशा के लिए डिबार कर दिया गया है। प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे।
एमडीए एक्सईएन राजीव दीक्षित ने बताया कि ठेकेदार मुर्तजा अली की कंपनी एमएन बिल्डर्स ने एमडीए द्वारा बनाए जा रहे 240 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का ठेका लिया था। यह आवास करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने हैं। ठेकेदार के पक्ष में वर्क आर्डर होने के बाद एमडीए को शिकायत मिली कि टेंडर की पात्रता को पूरा करने के लिए ठेकेदार द्वारा जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया गया है, वह फर्जी है। शिकायत मिलने के बाद वीसी कनक त्रिपाठी ने जांच के आदेश कर दिए। एक्सईएन के मुताबिक जांच में एमएन बिल्डर्स के प्रमाण पत्र फर्जी निकले। जांच रिपोर्ट के आधार पर एमएन बिल्डर्स का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। ठेकेदार ने अभी तक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था। शिकायत मिलने के बाद उसके वर्क आर्डर को स्थगित कर दिया गया था। एक्सईएन ने बताया कि ठेकेदार ने वर्ष 2012 से लेकर अभी तक एमडीए में इन्हीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर कई कार्य किए हैं। उनमें से कई काम पूरे हो चुके हैं जबकि कुछ में 80 फीसदी तक काम हो चुका है। इन कार्यों को उसी ठेकेदार से पूरा कराया जाएगा। यदि वह उन्हें पूरा नहीं करेगा तो बाकी काम के लिए नए सिरेे से टेंडर निकाले जाएंगे।
कमिश्नर से भी मिले ठेकेदार
मुरादाबाद। एमडीए ठेकेदार बुधवार को कमिश्नर अनिल राजकुमार से भी मिले। कमिश्नर ने बताया कि ठेकेदारों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की बात उठाई थी। एमडीए के स्तर पर यह कार्रवाई की जा चुकी है। ठेकेदारों की शिकायत की थी कि पांच टेंडरों में दो निरस्त होने पर बाकी तीन टेंडरों में से किसी को काम देने के बजाए नए सिरे से टेंडर निकाले जाते हैं। कमिश्नर ने कहा कि तीन टेंडर पात्र पाए जाते हैं तो उन्हीं में से कार्य आवंटित होगा। आयकर विभाग से एमडीए द्वारा किए गए पत्राचार पर ठेकेदारों की आपत्ति को कमिश्नर ने जरूरी बताते हुए खारिज कर दिया।
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सात करोड़ रुपये की लागत से बन रहे 240 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का ठेका लेने के लिए एक ठेकेदार ने फर्जी अनुभव प्रमाण पत्र लगा दिए। शिकायत के बाद एमडीए ने जांच कराई तो ठेकेदार के प्रमाण पत्र फर्जी मिले। वीसी एमडीए कनक त्रिपाठी के आदेश पर बुधवार को ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर उसे एमडीए से हमेशा के लिए डिबार कर दिया गया है। प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण के लिए नए सिरे से टेंडर जारी किए जाएंगे।
एमडीए एक्सईएन राजीव दीक्षित ने बताया कि ठेकेदार मुर्तजा अली की कंपनी एमएन बिल्डर्स ने एमडीए द्वारा बनाए जा रहे 240 प्रधानमंत्री आवासों के निर्माण का ठेका लिया था। यह आवास करीब सात करोड़ रुपये की लागत से बनाए जाने हैं। ठेकेदार के पक्ष में वर्क आर्डर होने के बाद एमडीए को शिकायत मिली कि टेंडर की पात्रता को पूरा करने के लिए ठेकेदार द्वारा जो अनुभव प्रमाण पत्र लगाया गया है, वह फर्जी है। शिकायत मिलने के बाद वीसी कनक त्रिपाठी ने जांच के आदेश कर दिए। एक्सईएन के मुताबिक जांच में एमएन बिल्डर्स के प्रमाण पत्र फर्जी निकले। जांच रिपोर्ट के आधार पर एमएन बिल्डर्स का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। ठेकेदार ने अभी तक प्रधानमंत्री आवासों का निर्माण कार्य शुरू नहीं किया था। शिकायत मिलने के बाद उसके वर्क आर्डर को स्थगित कर दिया गया था। एक्सईएन ने बताया कि ठेकेदार ने वर्ष 2012 से लेकर अभी तक एमडीए में इन्हीं फर्जी प्रमाण पत्रों के आधार पर कई कार्य किए हैं। उनमें से कई काम पूरे हो चुके हैं जबकि कुछ में 80 फीसदी तक काम हो चुका है। इन कार्यों को उसी ठेकेदार से पूरा कराया जाएगा। यदि वह उन्हें पूरा नहीं करेगा तो बाकी काम के लिए नए सिरेे से टेंडर निकाले जाएंगे।
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कमिश्नर से भी मिले ठेकेदार
मुरादाबाद। एमडीए ठेकेदार बुधवार को कमिश्नर अनिल राजकुमार से भी मिले। कमिश्नर ने बताया कि ठेकेदारों ने फर्जी प्रमाण पत्र लगाने वाले ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की बात उठाई थी। एमडीए के स्तर पर यह कार्रवाई की जा चुकी है। ठेकेदारों की शिकायत की थी कि पांच टेंडरों में दो निरस्त होने पर बाकी तीन टेंडरों में से किसी को काम देने के बजाए नए सिरे से टेंडर निकाले जाते हैं। कमिश्नर ने कहा कि तीन टेंडर पात्र पाए जाते हैं तो उन्हीं में से कार्य आवंटित होगा। आयकर विभाग से एमडीए द्वारा किए गए पत्राचार पर ठेकेदारों की आपत्ति को कमिश्नर ने जरूरी बताते हुए खारिज कर दिया।
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