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नाबालिग छात्रा से दुष्कर्म में दोषी को दस साल की कैद
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:56 AM IST
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मुरादाबाद।
कांठ के तीन साल पुराने नाबालिग छात्रा के अपहरण व दुष्कर्म मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (आठ) संजीव त्यागी की अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने बताया कि कांठ थाने में दस अक्तूबर 2015 में एक किसान ने केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी घर से स्कूल जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ओमप्रकाश सैनी उर्फ पिंटू उसकी बेटी को अगवा कर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस केस की सुनवाई एडीजे आठ सजीव त्यागी की अदालत में सुनवाई चली। सरकार की ओर से एडीजीसी एमपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम पिंटू को दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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कांठ के तीन साल पुराने नाबालिग छात्रा के अपहरण व दुष्कर्म मामले में अपर जिला सत्र न्यायाधीश (आठ) संजीव त्यागी की अदालत ने मुलजिम को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता एमपी सिंह ने बताया कि कांठ थाने में दस अक्तूबर 2015 में एक किसान ने केस दर्ज कराया था। जिसमें उसने बताया कि उसकी नाबालिग बेटी घर से स्कूल जा रही थी। इसी दौरान आरोपी ओमप्रकाश सैनी उर्फ पिंटू उसकी बेटी को अगवा कर अपने साथ ले गया और उसके साथ दुष्कर्म किया। पुलिस ने पीड़िता को बरामद कर उसका मेडिकल परीक्षण कराया। जिसमें दुष्कर्म की पुष्टि हुई। इस केस की सुनवाई एडीजे आठ सजीव त्यागी की अदालत में सुनवाई चली। सरकार की ओर से एडीजीसी एमपी सिंह ने पक्ष रखा और मुलजिम को कड़ी से कड़ी सजा दिलाने की दलीलें दीं। अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद मुलजिम पिंटू को दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई। जबकि बीस हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। सजा सुनाए जाने के बाद दोषी को कड़ी सुरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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