{"_id":"5b0873594f1c1b8d6e8b4b02","slug":"51527280473-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भारी मात्रा में इंजेक्\nशन के साथ दो गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
भारी मात्रा में इंजेक् शन के साथ दो गिरफ्तार
Updated Sat, 26 May 2018 02:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
ड्रग विभाग और पुलिस ने मिलकर संयुक्त रूप से शुक्रवार शाम दो ई- रिक्शा चालकों को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बरामद ड्रग्स की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है। दोनों से पुलिस की टीम पूछताछ कर उनको ड्रग्स मुहैया कराने वालों की जानकारी कर रही है।
एसएचओ कोतवाली रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि औषधि निरीक्षक नरेश मोहन व कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को मोहल्ला गुलाल गली से एक सूचना पर गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी दो ई- रिक्शों में आठ हजार पेंटाजोसीन (नशीले इंजेक्शन) लेकर रेलवे स्टेशन पर जा रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया है कि वह पेंटाजोसीन को धीरे धीरे खरीदकर अपने पास जमा करते हैं, इसके बाद इनको नशे के लिए महंगे दामों पर बेच देते हैं। वह शुक्रवार को भी इंजेक्शन बेचने जा रहे थे। हालांकि, रात तक पुलिस और ड्रग विभाग की टीम आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों के शामिल होने के बारे में जानकारी कर रही है। इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। साधारण तौर पर यह इंजेक्शन दर्द निवारक होता है जो कि बिना डॉक्टर की अनुमति के नहीं बेचा जा सकता है। ऐसे में इन आरोपियों के खिलाफ इतनी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन कैसे पहुंचे? यह भी जांच का विषय है। पकडे़ गए इंजेक्शन की कीमत अवैध रूप से बिक्री पर करीब चार से पांच लाख रुपये बताई गई है।
इंजेक्शन बना रहा है युवाओं को नशे का आदी
मुरादाबाद। इंजेक्शन की वजह से युवा नशे के आदी बन रहे हैं। पुलिस को शक है कि आरोपियाें के कई साथी शहर में सक्रि य हैं, जो कि नशे का इंजेक्शन बेचने का काम करते हैं। यह इंजेक्शन छात्राें और मजदूरों को बेचा जाता है। पूछताछ के दौरान आरोपियों से अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
विज्ञापन
विज्ञापन
ड्रग विभाग और पुलिस ने मिलकर संयुक्त रूप से शुक्रवार शाम दो ई- रिक्शा चालकों को भारी मात्रा में ड्रग्स के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से बरामद ड्रग्स की कीमत करीब पांच लाख रुपये बताई गई है। दोनों से पुलिस की टीम पूछताछ कर उनको ड्रग्स मुहैया कराने वालों की जानकारी कर रही है।
एसएचओ कोतवाली रविंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि औषधि निरीक्षक नरेश मोहन व कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से कार्रवाई कर दोनों आरोपियों को मोहल्ला गुलाल गली से एक सूचना पर गिरफ्तार किया। दोनों आरोपी दो ई- रिक्शों में आठ हजार पेंटाजोसीन (नशीले इंजेक्शन) लेकर रेलवे स्टेशन पर जा रहे थे। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान पुलिस को बताया है कि वह पेंटाजोसीन को धीरे धीरे खरीदकर अपने पास जमा करते हैं, इसके बाद इनको नशे के लिए महंगे दामों पर बेच देते हैं। वह शुक्रवार को भी इंजेक्शन बेचने जा रहे थे। हालांकि, रात तक पुलिस और ड्रग विभाग की टीम आरोपियों से जुड़े अन्य लोगों के शामिल होने के बारे में जानकारी कर रही है। इन आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई है। साधारण तौर पर यह इंजेक्शन दर्द निवारक होता है जो कि बिना डॉक्टर की अनुमति के नहीं बेचा जा सकता है। ऐसे में इन आरोपियों के खिलाफ इतनी बड़ी मात्रा में इंजेक्शन कैसे पहुंचे? यह भी जांच का विषय है। पकडे़ गए इंजेक्शन की कीमत अवैध रूप से बिक्री पर करीब चार से पांच लाख रुपये बताई गई है।
विज्ञापन
इंजेक्शन बना रहा है युवाओं को नशे का आदी
मुरादाबाद। इंजेक्शन की वजह से युवा नशे के आदी बन रहे हैं। पुलिस को शक है कि आरोपियाें के कई साथी शहर में सक्रि य हैं, जो कि नशे का इंजेक्शन बेचने का काम करते हैं। यह इंजेक्शन छात्राें और मजदूरों को बेचा जाता है। पूछताछ के दौरान आरोपियों से अहम खुलासे होने की उम्मीद है।
विज्ञापन