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बॉर्डर एरिया में चुनाव पर एक दूसरे के सहयोगी बनेगी पुलिस
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मुरादाबाद। उत्तराखंड की सीमा से लगे जिलों में चुनाव के दौरान अपराधी उपद्रव करके दूसरे प्रांतों में नहीं छिप सकेंगे। इसके लिए सीमावर्ती जिलों के एसपी स्तर के अधिकारियों की बैठक में अपराधियों की सूची का आदान प्रदान इसी माह हो जाएगा। उसी के बाद अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए दोनों प्रांतों के सीमावर्ती जिलों की पुलिस संयुक्त अभियान चलाएगी।
शनिवार को सर्किट हाउस में आईजी स्तर के अधिकारियों की बैठक में रणनीति तैयार होने के बाद जिलों की पुलिस एक्शन का खाका तैयार कर रही है। इसके लिए मुरादाबाद में एसपी ग्रामीण उदय शंकर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने रविवार का अवकाश होने के बावजूद उत्तराखंड में छिपने वाले अपराधियों की सूची तैयार कर ली है। वहीं नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी मुरादाबाद और आसपास के जिलों में छिपे होने की आशंका वाले अपराधियों का ब्योरा मांगा है। इसमें अपने अपराध करने का तरीका और अब किए गए अपराधों की भी जानकारी मांगी गई है। उसी के बाद संयुक्त रुप के कार्रवाई की जाएगी। जिसमें सड़क और नदी किनारे वाहन तथा नाव के जरिए पेट्रोलिंग आदि शामिल हैं।
इस दौरान कच्ची शराब और नशे का धंधा करने वालों के सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि अभी चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है। उससे पहले ही चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर सुरक्षा चक्र तैयार कर लिया गया है। ऐसे में अगर स्थिति यह बनती है कि मुरादाबाद और इससे सटे उत्तराखंड के जिलों में एक ही तिथि को चुनाव हुए तब पुलिस की टीमें मोबाइल के जरिए एक दूसरे के संपर्क में रहेगी और मतदान स्थलों पर अगर किसी ने उपद्रव किया तो दोनों राज्यों की पुलिस एक साथ मिलकर ऐसे उपद्रवियों से निपटने के लिए पहुंचेगी। अगर चुनाव अलग-अलग तिथि में हुए तो सीमा से सटे जिलों में उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश पुलिस एक दूसरे का सहयोग करने के लिए संवेदनशील मतदान स्थलों पर मौजूद रहेगी। ठाकुरद्वारा, भगतपुर के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो उत्तराखंड से सटे हुए हैं। यहां पर मतदान के दौरान उपद्रव करने वाले आरोपी पुलिस की पकड़ में आने से बचने के लिए उत्तराखंड भाग सकते हैं। ऐेसे में उनको भी गिरफ्तार करने के लिए उत्तराखंड पुलिस की टीमें मुरादाबाद पुलिस की मदद करेगी।
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शनिवार को सर्किट हाउस में आईजी स्तर के अधिकारियों की बैठक में रणनीति तैयार होने के बाद जिलों की पुलिस एक्शन का खाका तैयार कर रही है। इसके लिए मुरादाबाद में एसपी ग्रामीण उदय शंकर सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्होंने रविवार का अवकाश होने के बावजूद उत्तराखंड में छिपने वाले अपराधियों की सूची तैयार कर ली है। वहीं नैनीताल, ऊधमसिंह नगर जिलों के पुलिस अधिकारियों से भी मुरादाबाद और आसपास के जिलों में छिपे होने की आशंका वाले अपराधियों का ब्योरा मांगा है। इसमें अपने अपराध करने का तरीका और अब किए गए अपराधों की भी जानकारी मांगी गई है। उसी के बाद संयुक्त रुप के कार्रवाई की जाएगी। जिसमें सड़क और नदी किनारे वाहन तथा नाव के जरिए पेट्रोलिंग आदि शामिल हैं।
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इस दौरान कच्ची शराब और नशे का धंधा करने वालों के सिंडिकेट के खिलाफ कार्रवाई भी शामिल है। एसपी देहात उदय शंकर सिंह ने बताया कि अभी चुनाव की तिथि घोषित नहीं हुई है। उससे पहले ही चुनाव को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने को लेकर सुरक्षा चक्र तैयार कर लिया गया है। ऐसे में अगर स्थिति यह बनती है कि मुरादाबाद और इससे सटे उत्तराखंड के जिलों में एक ही तिथि को चुनाव हुए तब पुलिस की टीमें मोबाइल के जरिए एक दूसरे के संपर्क में रहेगी और मतदान स्थलों पर अगर किसी ने उपद्रव किया तो दोनों राज्यों की पुलिस एक साथ मिलकर ऐसे उपद्रवियों से निपटने के लिए पहुंचेगी। अगर चुनाव अलग-अलग तिथि में हुए तो सीमा से सटे जिलों में उत्तराखंड और उत्तरप्रदेश पुलिस एक दूसरे का सहयोग करने के लिए संवेदनशील मतदान स्थलों पर मौजूद रहेगी। ठाकुरद्वारा, भगतपुर के कुछ क्षेत्र ऐसे हैं जो उत्तराखंड से सटे हुए हैं। यहां पर मतदान के दौरान उपद्रव करने वाले आरोपी पुलिस की पकड़ में आने से बचने के लिए उत्तराखंड भाग सकते हैं। ऐेसे में उनको भी गिरफ्तार करने के लिए उत्तराखंड पुलिस की टीमें मुरादाबाद पुलिस की मदद करेगी।
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