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परिचय पत्र मांगने पर प्राचार्य से भिड़े छात्रनेता
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मुरादाबाद।
हिंदू कालेज में पिछले तीन दिन से चल रहे विवाद के बाद मंगलवार को छात्रों के प्रवेश पर सख्ती कर दी गई। मुख्य नियंता मंडल और प्राचार्य ने मुख्य द्वार पर खड़े होकर परिचय पत्र देखे। न होने पर जब छात्र नेताओं को रोका तो वह प्राचार्य से उलझ गए। प्राचार्य ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस प्रशासन की सहायता नहीं मिली है।
शनिवार और सोमवार को छात्रनेताओं ने विद्यार्थियों से परिचय पत्र मांगे थे, जिसके बाद जमकर मारपीट हुई थी। सोमवार को तीन बार मारपीट हुई। इसकी शिकायत प्राचार्य ने एसएसपी और कोतवाली पुलिस को से अराजकता फैलाने की शिकायत की थी, लेकिन उसमें किसी भी छात्र या युवक का नाम नहीं लिखा था। मंगलवार को सुबह से ही प्राचार्य छात्रों को परिचय पत्र देखने के बाद ही प्रवेश दे रहे थे। करीब दोपहर 12 बजे सोमवार को विवाद करने वाले छात्र नेता फिर से कालेज पहुंच गए और प्रवेश का प्रयास करने लगे। जब प्राचार्य ने उनसे प्रवेश पत्र मांगा तो वह भड़क गए और खूब नोकझोंक हुई। प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि एक छात्रनेता कालेज का छात्र है, जबकि दूसरे का कालेज में किसी भी विषय में प्रवेश नहीं है। लैपर्ड बाइक पर दो पुलिसकर्मी आए थे, जो परिसर का चक्कर लगाकर और अपना मोबाइल नंबर देकर लौट गए। पूछताछ या जांच के लिए कोई अधिकारी नहीं आया है। आरोपी युवक की शिकायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष से की है। प्रतिदिन कालेज के गेट पर खड़े होकर परिचय पत्र नहीं देखे जा सकते। इसलिए कुलपति से शिकायत की जाएगी, ताकि प्रयोगात्मक परीक्षा में कोई अराजकता न हो।
छात्रों में छाई रही दहशत
मंगलवार को अचानक सख्ती होने से छात्र भी असमंजस में पड़ गए। ज्यादातर छात्राओं के चेहरे पर सोमवार को हुए विवाद की दहशत साफ झलक रही थी। मुख्य नियंता डॉ. बीबी सिंह ने बताया कि करीब 50 फीसदी छात्र-छात्राएं परिचय पत्र न होने की वजह से लौट गए हैं।
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हिंदू कालेज में पिछले तीन दिन से चल रहे विवाद के बाद मंगलवार को छात्रों के प्रवेश पर सख्ती कर दी गई। मुख्य नियंता मंडल और प्राचार्य ने मुख्य द्वार पर खड़े होकर परिचय पत्र देखे। न होने पर जब छात्र नेताओं को रोका तो वह प्राचार्य से उलझ गए। प्राचार्य ने बताया कि शिकायत दर्ज कराने के बावजूद पुलिस प्रशासन की सहायता नहीं मिली है।
शनिवार और सोमवार को छात्रनेताओं ने विद्यार्थियों से परिचय पत्र मांगे थे, जिसके बाद जमकर मारपीट हुई थी। सोमवार को तीन बार मारपीट हुई। इसकी शिकायत प्राचार्य ने एसएसपी और कोतवाली पुलिस को से अराजकता फैलाने की शिकायत की थी, लेकिन उसमें किसी भी छात्र या युवक का नाम नहीं लिखा था। मंगलवार को सुबह से ही प्राचार्य छात्रों को परिचय पत्र देखने के बाद ही प्रवेश दे रहे थे। करीब दोपहर 12 बजे सोमवार को विवाद करने वाले छात्र नेता फिर से कालेज पहुंच गए और प्रवेश का प्रयास करने लगे। जब प्राचार्य ने उनसे प्रवेश पत्र मांगा तो वह भड़क गए और खूब नोकझोंक हुई। प्राचार्य डॉ. केसी गुप्ता ने बताया कि एक छात्रनेता कालेज का छात्र है, जबकि दूसरे का कालेज में किसी भी विषय में प्रवेश नहीं है। लैपर्ड बाइक पर दो पुलिसकर्मी आए थे, जो परिसर का चक्कर लगाकर और अपना मोबाइल नंबर देकर लौट गए। पूछताछ या जांच के लिए कोई अधिकारी नहीं आया है। आरोपी युवक की शिकायत संगठन के प्रदेश अध्यक्ष से की है। प्रतिदिन कालेज के गेट पर खड़े होकर परिचय पत्र नहीं देखे जा सकते। इसलिए कुलपति से शिकायत की जाएगी, ताकि प्रयोगात्मक परीक्षा में कोई अराजकता न हो।
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छात्रों में छाई रही दहशत
मंगलवार को अचानक सख्ती होने से छात्र भी असमंजस में पड़ गए। ज्यादातर छात्राओं के चेहरे पर सोमवार को हुए विवाद की दहशत साफ झलक रही थी। मुख्य नियंता डॉ. बीबी सिंह ने बताया कि करीब 50 फीसदी छात्र-छात्राएं परिचय पत्र न होने की वजह से लौट गए हैं।
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