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कुंभमेले में तय होगा गद्दी का हकदार कौन
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मुरादाबाद।
लाल बाग स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ काली मंदिर में महंत की गद्दी को लेकर हुए विवाद का मामला अब कुंभ मेले में निस्तारित किया जाएगा। वहां से ही इसका निष्कर्ष निकलेगा कि महंत की गद्दी पर किस पक्ष का हक है। शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके मद्देनजर काली मंदिर में लगातार पुलिस नजर बनाए हुए है।
शनिवार की रात हुए विवाद के बाद रविवार को सुबह से शाम तक समझौते के प्रयास किए गए। प्रबंध समिति और साधु संतों के गुटों के बीच शाम तक कई दौर की वार्ता हुई। लेकिन वार्ता के दौरान किसी भी तरह का फैसला नहीं हुआ। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। देर शाम को तय हुआ कि इस मामले में कुंभ मेले के दौरान साधु संतों की बैठक में फैसला लिया जाएगा।
एसएचओ मुगलपुरा गजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को काली मंदिर में हुए विवाद के बाद रविवार को भी दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। दोनों पक्ष के लोग इस मामले में अपने अपने बयान पर कायम हैं। वर्तमान में गद्दी पर आसीन महंत सज्जन गिरी ने बताया कि वह गद्दी से नहीं हटेंगे, क्योंकि गद्दी पर उनका हक है। जबकि श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के पूर्व सभापति महंत गिरिजा दत्त गिरी ने कहा है कि मौजूदा महंत सज्जन गिरी को गद्दी पर उन्होंने ही बैठाया था। अब महंत के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत मिली है। इसके बाद गद्दी से महंत सज्जन गिरी को हटाकर नए महंत सुरेंद्र गिरी को गद्दी पर बैठाने की घोषणा उन्होंने की है। वह चाहते हैं कि महंत सुरेंद्र गिरी को अब गद्दी पर बैठाया जाए। लेकिन महंत सज्जन गिरी और उनके पक्ष के लोग इस फैसले के खिलाफ हैं। एसएचओ मुगलपुरा ने बताया कि दोनों पक्षों ने बताया कि वह इस मामले को अब श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के मौजूदा सभापति के समक्ष लेकर जाएंगे। इन दिनों पूरे देश के संत समाज के लोग कुंभ मेले में पहुंच रहे हैं, वहां पर जूना अखाड़ा के मौजूदा सभापति सहित अन्य पदाधिकारी भी आ रहे हैं। वहीं पर ही दोनों पक्ष के लोग जाकर अपना अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि महंत की गद्दी पर किसका हक है। महंत सज्जन गिरी ही गद्दी संभालेंगे या फिर महंत सुरेंद्र गिरी को गद्दी पर बैठाया जाएगा।
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लाल बाग स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ काली मंदिर में महंत की गद्दी को लेकर हुए विवाद का मामला अब कुंभ मेले में निस्तारित किया जाएगा। वहां से ही इसका निष्कर्ष निकलेगा कि महंत की गद्दी पर किस पक्ष का हक है। शांति व्यवस्था बनी रहे, इसके मद्देनजर काली मंदिर में लगातार पुलिस नजर बनाए हुए है।
शनिवार की रात हुए विवाद के बाद रविवार को सुबह से शाम तक समझौते के प्रयास किए गए। प्रबंध समिति और साधु संतों के गुटों के बीच शाम तक कई दौर की वार्ता हुई। लेकिन वार्ता के दौरान किसी भी तरह का फैसला नहीं हुआ। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की ओर से भी शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया। देर शाम को तय हुआ कि इस मामले में कुंभ मेले के दौरान साधु संतों की बैठक में फैसला लिया जाएगा।
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एसएचओ मुगलपुरा गजेंद्र सिंह ने बताया कि शनिवार को काली मंदिर में हुए विवाद के बाद रविवार को भी दोनों पक्षों के बीच बैठक हुई। दोनों पक्ष के लोग इस मामले में अपने अपने बयान पर कायम हैं। वर्तमान में गद्दी पर आसीन महंत सज्जन गिरी ने बताया कि वह गद्दी से नहीं हटेंगे, क्योंकि गद्दी पर उनका हक है। जबकि श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के पूर्व सभापति महंत गिरिजा दत्त गिरी ने कहा है कि मौजूदा महंत सज्जन गिरी को गद्दी पर उन्होंने ही बैठाया था। अब महंत के खिलाफ दुर्व्यवहार की शिकायत मिली है। इसके बाद गद्दी से महंत सज्जन गिरी को हटाकर नए महंत सुरेंद्र गिरी को गद्दी पर बैठाने की घोषणा उन्होंने की है। वह चाहते हैं कि महंत सुरेंद्र गिरी को अब गद्दी पर बैठाया जाए। लेकिन महंत सज्जन गिरी और उनके पक्ष के लोग इस फैसले के खिलाफ हैं। एसएचओ मुगलपुरा ने बताया कि दोनों पक्षों ने बताया कि वह इस मामले को अब श्री पंचदस नाम जूना अखाड़ा के मौजूदा सभापति के समक्ष लेकर जाएंगे। इन दिनों पूरे देश के संत समाज के लोग कुंभ मेले में पहुंच रहे हैं, वहां पर जूना अखाड़ा के मौजूदा सभापति सहित अन्य पदाधिकारी भी आ रहे हैं। वहीं पर ही दोनों पक्ष के लोग जाकर अपना अपना पक्ष रखेंगे, जिसके बाद ही यह तय हो सकेगा कि महंत की गद्दी पर किसका हक है। महंत सज्जन गिरी ही गद्दी संभालेंगे या फिर महंत सुरेंद्र गिरी को गद्दी पर बैठाया जाएगा।
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