फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Moradabad News ›   एनसीआर से ताल ठोक रहा मुरादाबाद का प्रदूषण

एनसीआर से ताल ठोक रहा मुरादाबाद का प्रदूषण

Thu, 25 Oct 2018 02:28 AM IST
Updated Thu, 25 Oct 2018 02:28 AM IST
विज्ञापन
एनसीआर से ताल ठोक रहा मुरादाबाद का प्रदूषण
मुरादाबाद।
विज्ञापन

दिल्ली से करीब पौने दो सौ किमी दूर मुरादाबाद में भी हवा साफ नहीं है। यहां की हवा में घुला स्मॉग और अन्य रसायन एनसीआर के समकक्ष पहुंचने को हैं। यानी कि हरियाणा-पंजाब से चला स्मॉग दिल्ली होकर अब मुरादाबाद पहुंचने लगा है। दिन में तेज धूप होने पर यह तेजी से आगे बढ़ता है और रात की सर्दी में जमीन से 50 -100 फीट तक जमा हो जाता है। ऐसे में लोगों को सांस लेना मुश्किल होता है।
धूल और रासायनिक गैस के कारण यह हवा लोगों की सेहत को नुकसान पहुंचाती है। फेफड़ों और सांस की नली में पहुंचकर कई तरह की गंभीर बीमारियों का कारण बनती है। एसपीएम 2.5 और गैस के कण फेफड़ों से भी नहीं रुकते हैं। ये सीधे खून में मिल जाते हैं और शरीर के विभिन्न हिस्सों में कैंसर का कारण बनते हैं। हरियाणा-पंजाब की ओर जलाया जा रहा पुआल जहरीला धुआं छोड़ता है। यह हवा अब मुरादाबाद की ओर पहुंचने लगा है। यही कारण है कि शहर में प्रदूषण का ग्राफ बढ़ रहा है।
विज्ञापन

शहर में एसपीएम 2.5 का स्तर (मानक 85)
मुरादाबाद 316
बागपत 318
नोएडा 321
गाजियाबाद 358
हापुड़ 315
दिल्ली 430


हवा में कोई दीवार नहीं लगी होती है। प्रदूषण एक स्थान पर बढ़ता है तो वह दूसरे क्षेत्रों तक फैलता जाता है। महानगर की हवा खतरनाक होने के बावजूद प्रदेश के कई शहरों से अच्छी है। लोगों की सेहत को ध्यान में रखकर और कई उपाय किए जा रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

- बीके राजपूत, पर्यावरण वैज्ञानिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed