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महिला के साथ दुष्कर्म में ससुर को दस साल की कैद
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मुरादाबाद।
एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने महिला से दुष्कर्म के मामले में मुलजिम ससुर को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सरकार की ओर से एडीजीसी नितिन गुप्ता ने पक्ष रहा।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने सिविल लाइंस थाने में अपने ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 23 दिसंबर 2016 को वह घर में अकेली थी। इसी दौरान उसके ससुर पहुंचे। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति था। महिला ने आरोप लगाया था कि ससुर ने रिवाल्वर के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी ससुर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई एफटीसी प्रथम की अदालत में चली। अदालत ने मुलजिम को दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि पचास हजार रुपये रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जिसमें से चालीस हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अनुज विश्नोई ने पैरवी की थी।
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एफटीसी प्रथम संध्या चौधरी की अदालत ने महिला से दुष्कर्म के मामले में मुलजिम ससुर को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है, जबकि पचास हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। सरकार की ओर से एडीजीसी नितिन गुप्ता ने पक्ष रहा।
सिविल लाइंस थानाक्षेत्र के एक मोहल्ले में रहने वाली महिला ने सिविल लाइंस थाने में अपने ससुर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया कि 23 दिसंबर 2016 को वह घर में अकेली थी। इसी दौरान उसके ससुर पहुंचे। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति था। महिला ने आरोप लगाया था कि ससुर ने रिवाल्वर के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया था। पुलिस ने इस मामले में तफ्तीश पूरी करने के बाद आरोपी ससुर के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी। इस केस की सुनवाई एफटीसी प्रथम की अदालत में चली। अदालत ने मुलजिम को दोषी ठहराते हुए दस साल की कैद की सजा सुनाई है। जबकि पचास हजार रुपये रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। जिसमें से चालीस हजार रुपये पीड़िता को दिए जाने के आदेश दिए हैं। पीड़िता की ओर से अधिवक्ता अनुज विश्नोई ने पैरवी की थी।
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