{"_id":"5c2fc1e6bdec22532f13e7b0","slug":"181546633702-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर निगम के विकास कार्यों में अब आएगी तेजी","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
नगर निगम के विकास कार्यों में अब आएगी तेजी
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने नगर निगम के अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए अधिकारियों को दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने अब तक विकास कार्यों के लंबित होने पर अफसरों का जवाब तलब किया है। उन्होेंने साफ साफ कहा है कि समय सीमा के अंदर अधूरे काम पूरे नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
नगर आयुक्त का काम देख रहे डीएम ने शुक्रवार को नगर निगम के निर्माण तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। जिसमें दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरे न होने के बारे में अधिकारियों से कारण पूछे। उन्होेंने कहा कि 12 नवंबर को 14 वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना निधि की बैठक में नगर निगम के प्रस्तावित निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए निविदाएं जारी करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन अभी तब निविदा जारी क्यों नहीं की गईं। शहर में अधूरे पड़े कार्य पूरे नहीं किए गए हैं। अमृत योजना से शहर में दस पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए पांच करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत हैं। परंतु अमृत योजना के सभी पार्कों के कार्य अधूरे पड़े हैं। प्रत्येक वार्ड में 20 सफाई कर्मचारियों के स्थान पर दस हजार की आबादी पर 28 सफाई कर्मचारियाें उपलब्ध कराएं। पूर्व में जारी इस आदेश का पालन न होने के बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा है। नगर निगम के जिन ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण कर दिए हैं। उनके लंबित बिलों का भुगतान एक महीने में किया जाए।
इन सभी कामों में तेजी लाने के लिए महापौर विनोद अग्रवाल ने दो दिन पहले डीएम को पत्र लिखा था। इन अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की गई थी । उसी पत्र को डीएम ने गंभीरता से लिया और नगर निगम के अधिकारियों को अधूरे कार्यों को पूरा करने के आदेश जारी किए हैं ।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने नगर निगम के अधूरे कामों को पूरा कराने के लिए अधिकारियों को दो महीने का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने अब तक विकास कार्यों के लंबित होने पर अफसरों का जवाब तलब किया है। उन्होेंने साफ साफ कहा है कि समय सीमा के अंदर अधूरे काम पूरे नहीं हुए तो उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
नगर आयुक्त का काम देख रहे डीएम ने शुक्रवार को नगर निगम के निर्माण तथा अन्य विभागों के अधिकारियों के साथ करीब दो घंटे तक बैठक की। जिसमें दिसंबर तक निर्माण कार्य पूरे न होने के बारे में अधिकारियों से कारण पूछे। उन्होेंने कहा कि 12 नवंबर को 14 वें वित्त आयोग एवं अवस्थापना निधि की बैठक में नगर निगम के प्रस्तावित निर्माण एवं विकास कार्यों के लिए निविदाएं जारी करने का निर्णय लिया गया था। लेकिन अभी तब निविदा जारी क्यों नहीं की गईं। शहर में अधूरे पड़े कार्य पूरे नहीं किए गए हैं। अमृत योजना से शहर में दस पार्कों के सौंदर्यीकरण के लिए पांच करोड़ रुपये शासन से स्वीकृत हैं। परंतु अमृत योजना के सभी पार्कों के कार्य अधूरे पड़े हैं। प्रत्येक वार्ड में 20 सफाई कर्मचारियों के स्थान पर दस हजार की आबादी पर 28 सफाई कर्मचारियाें उपलब्ध कराएं। पूर्व में जारी इस आदेश का पालन न होने के बारे में स्पष्टीकरण भी मांगा है। नगर निगम के जिन ठेकेदारों द्वारा निर्माण कार्य पूर्ण कर दिए हैं। उनके लंबित बिलों का भुगतान एक महीने में किया जाए।
विज्ञापन
इन सभी कामों में तेजी लाने के लिए महापौर विनोद अग्रवाल ने दो दिन पहले डीएम को पत्र लिखा था। इन अधूरे कार्यों को जल्द पूरा कराने की मांग की गई थी । उसी पत्र को डीएम ने गंभीरता से लिया और नगर निगम के अधिकारियों को अधूरे कार्यों को पूरा करने के आदेश जारी किए हैं ।
विज्ञापन