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शहर की हवा में सांस लेना संभलकर
Updated Sat, 03 Nov 2018 02:36 AM IST
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मुरादाबाद।
महानगर की हवा में तेजी से जहर घुल रहा है। शुक्रवार को शहर की हवा इस सीजन की सबसे ज्यादा दूषित रही। जिसकी वजह से फेफड़ों और स्वांस नली तथा ब्लड में कैंसर का खतरा बना हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रात आठ बजे के आसपास हवा हवा सांस लेने लायक नहीं रही।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 16 और अधिकतम 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को हल्के बादल भी छा गए। इस वजह से शाम को इतना ज्यादा प्रदूषण फैल गया कि हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई। विशेषज्ञों की सलाह है कि खुली हवा में सांस लेने से कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। धूल और धुआं के कणों की संख्या बढ़ने के साथ ही हानिकारक गैस भी हवा के साथ साथ नीचे की ओर आ गई है।
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तत्व अधिकतम न्यूनतम औसत मानक
...
पीएम-2.5 500 299 351 50
पीएम-10 455 88 193 50
एनओ-2 179 25 84 15
एनएच-3 19 01 11 01
सीओ 120 06 66 04
....
बचाव के लिए यह करें
विशेषज्ञों के अनुसार दूषित हवा के शरीर में जाने से फेफड़ों और सांस की नली में गंभीर संक्रमण हो सकता है। जिसकी वजह से सूजन के साथ ही टीबी और कैंसर की स्थिति बन सकती है। इसके रक्त में घुलने से ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
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यदि आप वाहन से जा रहे हैं तो इससे बचने के लिए कार या अन्य वाहन के सीसे बंद रखकर चलें। दो पहिया वाहनों पर हेलमेट और मास्क का प्रयोग करें। सुबह टहलने से परहेज करें और घर से बाहर मास्क लगाकर निकले या नाक पर कपड़ा बांध लें। घर में पानी भरकर रख दें। ऐसा करने से कार्बन व धूल के कण नीचे बैठ जाते हैं। घर के आसपास पानी का छिड़काव भी करें।
...
सर्दी बढ़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है। लोगों से निर्माण कार्य और जेनरेटर बंद रखने का आग्रह किया गया है। दीपावली पर पटाखे न चलाने को कहा गया है। यदि बारिश हो जाती है तो प्रदूषण से छुटकारा मिल सकता है।
- आर के सिंह, आर ओ - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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महानगर की हवा में तेजी से जहर घुल रहा है। शुक्रवार को शहर की हवा इस सीजन की सबसे ज्यादा दूषित रही। जिसकी वजह से फेफड़ों और स्वांस नली तथा ब्लड में कैंसर का खतरा बना हुआ है। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार रात आठ बजे के आसपास हवा हवा सांस लेने लायक नहीं रही।
शुक्रवार को न्यूनतम तापमान 16 और अधिकतम 29.4 डिग्री सेल्सियस रहा। शाम को हल्के बादल भी छा गए। इस वजह से शाम को इतना ज्यादा प्रदूषण फैल गया कि हवा सांस लेने लायक नहीं रह गई। विशेषज्ञों की सलाह है कि खुली हवा में सांस लेने से कई गंभीर बीमारियों का सामना करना पड़ सकता है। धूल और धुआं के कणों की संख्या बढ़ने के साथ ही हानिकारक गैस भी हवा के साथ साथ नीचे की ओर आ गई है।
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तत्व अधिकतम न्यूनतम औसत मानक
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पीएम-2.5 500 299 351 50
पीएम-10 455 88 193 50
एनओ-2 179 25 84 15
एनएच-3 19 01 11 01
सीओ 120 06 66 04
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बचाव के लिए यह करें
विशेषज्ञों के अनुसार दूषित हवा के शरीर में जाने से फेफड़ों और सांस की नली में गंभीर संक्रमण हो सकता है। जिसकी वजह से सूजन के साथ ही टीबी और कैंसर की स्थिति बन सकती है। इसके रक्त में घुलने से ब्लड कैंसर का खतरा बढ़ जाता है।
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यदि आप वाहन से जा रहे हैं तो इससे बचने के लिए कार या अन्य वाहन के सीसे बंद रखकर चलें। दो पहिया वाहनों पर हेलमेट और मास्क का प्रयोग करें। सुबह टहलने से परहेज करें और घर से बाहर मास्क लगाकर निकले या नाक पर कपड़ा बांध लें। घर में पानी भरकर रख दें। ऐसा करने से कार्बन व धूल के कण नीचे बैठ जाते हैं। घर के आसपास पानी का छिड़काव भी करें।
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सर्दी बढ़ने के साथ ही हवा की गुणवत्ता खराब होने लगी है। लोगों से निर्माण कार्य और जेनरेटर बंद रखने का आग्रह किया गया है। दीपावली पर पटाखे न चलाने को कहा गया है। यदि बारिश हो जाती है तो प्रदूषण से छुटकारा मिल सकता है।
- आर के सिंह, आर ओ - प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड