{"_id":"5c81849ebdec2213f932e218","slug":"171551991966-moradabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"30 मार्च को खत्म हो जाएगा 200 कर्मियों की सेवाएं","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
30 मार्च को खत्म हो जाएगा 200 कर्मियों की सेवाएं
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुरादाबाद।
जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आउट सोर्सिंग पर कार्यरत 200 संविदा कर्मियों की 30 मार्च को सेवाएं खत्म हो जाएंगी। अनुबंधित कंपनी ने एक मार्च को कर्मियों को नोटिस जारी कर दिया है। इससे आक्रोशित संविदा कर्मियों ने गुरुवार को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सीएमओ को ज्ञापन भी सौंपा।
स्वास्थ्य विभाग में आउट सोर्सिंग के 200 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 150 कर्मचारी अकेले जिला अस्पताल में हैं। अस्पतालों में पिछले चार साल से संविदा पर ही स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, क्लर्क, एमआरडी क्लर्क, कंप्यूटर आपरेटर, वार्ड आया एवं वार्ड ब्वाय कार्यरत हैं। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की तैनाती करने वाली कंपनी का अनुबंध 30 मार्च को खत्म हो रहा है। कंपनी ने कर्मियों को नोटिस जारी किया है। इससे कर्मियों में हड़कंप मचा है। संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी धरना एवं प्रदर्शन कर अपनी बात सरकार तक पहुंचा रही हैं।
गुरुवार को कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे से दस बजे तक कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया। संघ महामंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि यूपीएचएसएसपी परियोजना बढ़ाई जाए। परियोजना नहीं बढ़ाई जाती है तो कर्मियों का स्वास्थ्य विभाग की अन्य परियोजनाओं में समाहित किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सभी कर्मी अनुभवी एवं डिप्लोमा होल्डर हैं। सेवाएं खत्म होने से कर्मियों के बेरोजगार होने के साथ अस्पताल में मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी। महामंत्री ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 50 संविदा कर्मी तैनात हैं। अध्यक्ष बृज किशोर ने कहा कि मुरादाबाद के अलावा अन्य जिलों में भी संविदा कर्मियों की सेवाएं खत्म करने के नोटिस जारी हुए हैं। शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। लेकिन सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला अस्पताल एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर आउट सोर्सिंग पर कार्यरत 200 संविदा कर्मियों की 30 मार्च को सेवाएं खत्म हो जाएंगी। अनुबंधित कंपनी ने एक मार्च को कर्मियों को नोटिस जारी कर दिया है। इससे आक्रोशित संविदा कर्मियों ने गुरुवार को भी दो घंटे कार्य बहिष्कार कर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने सीएमओ को ज्ञापन भी सौंपा।
स्वास्थ्य विभाग में आउट सोर्सिंग के 200 संविदा कर्मचारी कार्यरत हैं। इनमें 150 कर्मचारी अकेले जिला अस्पताल में हैं। अस्पतालों में पिछले चार साल से संविदा पर ही स्टाफ नर्स, लैब टेक्नीशियन, एक्सरे टेक्नीशियन, ओटी टेक्नीशियन, फिजियोथेरेपिस्ट, इलेक्ट्रीशियन, क्लर्क, एमआरडी क्लर्क, कंप्यूटर आपरेटर, वार्ड आया एवं वार्ड ब्वाय कार्यरत हैं। स्वास्थ्य विभाग में कर्मचारियों की तैनाती करने वाली कंपनी का अनुबंध 30 मार्च को खत्म हो रहा है। कंपनी ने कर्मियों को नोटिस जारी किया है। इससे कर्मियों में हड़कंप मचा है। संयुक्त स्वास्थ्य आउट सोर्सिंग संविदा कर्मचारी संघ के आह्वान पर कर्मचारी धरना एवं प्रदर्शन कर अपनी बात सरकार तक पहुंचा रही हैं।
विज्ञापन
गुरुवार को कर्मचारियों ने सुबह आठ बजे से दस बजे तक कार्य बहिष्कार किया। कर्मचारियों ने जिला अस्पताल में प्रदर्शन किया। संघ महामंत्री नरेंद्र सिंह ने कहा कि यूपीएचएसएसपी परियोजना बढ़ाई जाए। परियोजना नहीं बढ़ाई जाती है तो कर्मियों का स्वास्थ्य विभाग की अन्य परियोजनाओं में समाहित किया जाए। कर्मचारियों ने कहा कि सभी कर्मी अनुभवी एवं डिप्लोमा होल्डर हैं। सेवाएं खत्म होने से कर्मियों के बेरोजगार होने के साथ अस्पताल में मरीजों की परेशानी बढ़ जाएगी। महामंत्री ने कहा कि सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी 50 संविदा कर्मी तैनात हैं। अध्यक्ष बृज किशोर ने कहा कि मुरादाबाद के अलावा अन्य जिलों में भी संविदा कर्मियों की सेवाएं खत्म करने के नोटिस जारी हुए हैं। शासन स्तर पर वार्ता चल रही है। लेकिन सरकार की ओर से सकारात्मक आश्वासन नहीं मिला है।
विज्ञापन