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हड़ताली कर्मियों ने कार्यालयों में तालाबंदी कर बंद कराया स्कूल
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मुरादाबाद।
पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में राज्य कर्मचारी बुधवार से कार्य बहिष्कार पर उतर आए। प्रदेश सरकार के एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर कई कार्यालयों में तालाबंदी की और गांधी पार्क स्थित प्राथमिक स्कूल को जबरन बंद करा दिया। कर्मचारियों ने लोक निर्माण विभाग के सभागार में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन उनका अधिकार है। 12 फरवरी तक कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की रणनीति बनाएंगे।
सरकारी विभागों, निगमों एवं परिषद के सैकड़ों कर्मचारी पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अपने कार्यालय छोड़कर बुधवार सुबह 11 बजे आंबेडकर पार्क पहुंचे। बारिश की बूंदाबांदी होने से कर्मचारी लोनिवि सभागार पहुंच गए। सभागार में कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले कर्मचारियों ने धरना दिया। मंच अध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारी आरपार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर चुके हैं। इससे सरकार घबरा गई है। कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए एस्मा लगाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब पीछे नहीं हटेंगे।
मंच संयोजक श्रीकांत यादव ने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। दोपहर तक धरना स्थल पर अधिकतर कार्यालयों के कर्मचारी आते रहे। इनमें सर्वाधिक संख्या बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की रही। दोपहर में हड़ताली कर्मचारियों ने लोनिवि कार्यालय में तालाबंदी कर दी। करीब एक बजे कर्मचारियों एक प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, कोषागार, रजिस्ट्री कार्यालय और नगर संसाधन केंद्र पहुंचा। इन कार्यालयों में कामकाज ठप कराने के बाद नगर संसाधन केंद्र परिसर का प्राथमिक विद्यालय को भी जबरन बंद करा दिया। इससे मदरसा शिक्षकों का प्रशिक्षण भी एक घंटे तक बाधित रहा। कार्यालयों में कामकाज बंद होने से कर्मचारी धरना स्थल पर वापस लौट गए। आसिफ हसन, जेपी मौर्य, देवेंद्र सिंह, अमित कुमार, इकमान अली, प्रदीप यादव, नीरज शर्मा, नरेश सैनी, मनोज कुमार, राकेश कौशिक, अब्दुल फरीद, रामनाथ चौहान समेत प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, यूपी मिनिस्टीरियल संघ, लेखपाल संघ, सफाई कर्मचारी संघ, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, रजिस्ट्री आफिस, वाणिज्य कर विभाग, आयकर विभाग, सिंचाई विभाग की यूनियनों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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कार्यालयों में सन्नाटा पसरा
मंच के आह्वान पर कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार में शामिल होने से कई कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। बीएसए कार्यालय, लोनिवि, नगर संसाधन केंद्र पूरी तरह बंद रहे। प्राधिकरण, कोषागार, रजिस्ट्री, सिंचाई एवं प्रशासनिक कार्यालयों में गिनती के कर्मचारी नजर आए। कर्मचारियों के कार्यालय छोड़ने से दोपहर बाद अधिकारी भी उठकर चले गए।
एलआईयू और पुलिस अलर्ट
एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार करने से पुलिस और एलआईयू अलर्ट रही। स्कूलों को जबरन बंद कराने की आशंका के मद्देनजर सुबह दस बजे बाद ही कई स्कूलों में एलआईयू और पुलिस कर्मी पहुंचे। एलआईयू ने शिक्षकों एवं कर्मियों की तैनाती एवं उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। हालांकि, गांधी पार्क के प्राथमिक स्कूल को छोड़कर किसी भी स्कूल को जबरन बंद नहीं कराया गया। स्कूल निर्धारित समय तक खुले, लेकिन शिक्षकों की संख्या कम रही।
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पुरानी पेंशन बहाली के समर्थन में राज्य कर्मचारी बुधवार से कार्य बहिष्कार पर उतर आए। प्रदेश सरकार के एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों ने कार्य बहिष्कार कर कई कार्यालयों में तालाबंदी की और गांधी पार्क स्थित प्राथमिक स्कूल को जबरन बंद करा दिया। कर्मचारियों ने लोक निर्माण विभाग के सभागार में धरना दिया। कर्मचारियों ने कहा कि पुरानी पेंशन उनका अधिकार है। 12 फरवरी तक कर्मचारी कार्य बहिष्कार पर रहेंगे। इसके बाद भी सुनवाई नहीं हुई तो अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की रणनीति बनाएंगे।
सरकारी विभागों, निगमों एवं परिषद के सैकड़ों कर्मचारी पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत अपने कार्यालय छोड़कर बुधवार सुबह 11 बजे आंबेडकर पार्क पहुंचे। बारिश की बूंदाबांदी होने से कर्मचारी लोनिवि सभागार पहुंच गए। सभागार में कर्मचारी, शिक्षक, अधिकारी पुरानी पेंशन बहाली मंच के बैनर तले कर्मचारियों ने धरना दिया। मंच अध्यक्ष सर्वेश कुमार शर्मा ने कहा कि पुरानी पेंशन के लिए कर्मचारी आरपार की लड़ाई के लिए मैदान में उतर चुके हैं। इससे सरकार घबरा गई है। कर्मचारियों पर दबाव बनाने के लिए एस्मा लगाने की धमकी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि कर्मचारी अब पीछे नहीं हटेंगे।
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मंच संयोजक श्रीकांत यादव ने कहा कि कर्मचारियों को पुरानी पेंशन बहाली से कम कुछ भी मंजूर नहीं है। दोपहर तक धरना स्थल पर अधिकतर कार्यालयों के कर्मचारी आते रहे। इनमें सर्वाधिक संख्या बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षकों की रही। दोपहर में हड़ताली कर्मचारियों ने लोनिवि कार्यालय में तालाबंदी कर दी। करीब एक बजे कर्मचारियों एक प्रतिनिधिमंडल बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, कोषागार, रजिस्ट्री कार्यालय और नगर संसाधन केंद्र पहुंचा। इन कार्यालयों में कामकाज ठप कराने के बाद नगर संसाधन केंद्र परिसर का प्राथमिक विद्यालय को भी जबरन बंद करा दिया। इससे मदरसा शिक्षकों का प्रशिक्षण भी एक घंटे तक बाधित रहा। कार्यालयों में कामकाज बंद होने से कर्मचारी धरना स्थल पर वापस लौट गए। आसिफ हसन, जेपी मौर्य, देवेंद्र सिंह, अमित कुमार, इकमान अली, प्रदीप यादव, नीरज शर्मा, नरेश सैनी, मनोज कुमार, राकेश कौशिक, अब्दुल फरीद, रामनाथ चौहान समेत प्राथमिक शिक्षक संघ, माध्यमिक शिक्षक संघ, यूपी मिनिस्टीरियल संघ, लेखपाल संघ, सफाई कर्मचारी संघ, मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, रजिस्ट्री आफिस, वाणिज्य कर विभाग, आयकर विभाग, सिंचाई विभाग की यूनियनों के पदाधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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कार्यालयों में सन्नाटा पसरा
मंच के आह्वान पर कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार में शामिल होने से कई कार्यालयों में सन्नाटा पसरा रहा। बीएसए कार्यालय, लोनिवि, नगर संसाधन केंद्र पूरी तरह बंद रहे। प्राधिकरण, कोषागार, रजिस्ट्री, सिंचाई एवं प्रशासनिक कार्यालयों में गिनती के कर्मचारी नजर आए। कर्मचारियों के कार्यालय छोड़ने से दोपहर बाद अधिकारी भी उठकर चले गए।
एलआईयू और पुलिस अलर्ट
एस्मा लगाने की चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार करने से पुलिस और एलआईयू अलर्ट रही। स्कूलों को जबरन बंद कराने की आशंका के मद्देनजर सुबह दस बजे बाद ही कई स्कूलों में एलआईयू और पुलिस कर्मी पहुंचे। एलआईयू ने शिक्षकों एवं कर्मियों की तैनाती एवं उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। हालांकि, गांधी पार्क के प्राथमिक स्कूल को छोड़कर किसी भी स्कूल को जबरन बंद नहीं कराया गया। स्कूल निर्धारित समय तक खुले, लेकिन शिक्षकों की संख्या कम रही।