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इंसाफ की मांग को लेकर सोमवार से धरने पर बैठेगा आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी का परिवार
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पाकबड़ा (मुरादाबाद)। आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी के हत्या में आरोपी पूर्व प्रधान और सपा नेता हारून सैफी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर कासिम सैफी का पूरा परिवार सोमवार से जिलाधिकारी के कार्यालय के बाहर धरने पर बैठने का रविवार को ऐलान किया है। परिवार का आरोप है की कासिम सैफी की हत्या की विवेचना में दो माह में चार विवेचकों को बदल दिया है। अब तक सपा नेता पकड़ा नहीं गया है। इससे कुछ पुलिस के अफसरों की निष्ठा पर उन लोगों को संदेह हो रहा है।
पाकबड़ा के जुम्मेरात का बाजार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी 27 दिसबंर 2018 को घर से निकाला था। इसके बाद उसका शव पुलिस ने विकास चौधरी की निशानदेही पर 11 जनवरी 2019 को शामली जिले के कांदला थाना क्षेत्र के गांव भाभीसा से बरामद कर लिया था। मामले में पुलिस ने सपा नेता अलका दूबे और कुलदीप सिंह को 15 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में सूत्रधार पाकबडा निवासी पूर्व प्रधान हारून सैफी को बनाया था। इससे बाद से हारून सैफी फरार चल रहा है। हारून सैफी अभी तक फरार है। एडीजी प्रेम प्रकाश सिंह ने विवेचना को बिजनौर ट्रासंफर कर दिया था। इसके बाद दो माह में चार विवेचकों को बदल दिया गया। कासिम सैफी के भाई शाकिर हुसैन ने बताया की लगातार विवेचकों को बदला जा रहा है। मामले की जांच को कुछ बड़े अधिकारी प्रभावित कर रहे है। इससे लगता है अब उन लोगों को इंसाफ नही मिलेगा। इसलिए इंसाफ की मांग को लेकर वह सोमवार सवेरे से जिलाधिकारी मुरादाबाद और एसएसपी मुरादाबाद के कार्यालय पर परिवार के साथ धरना देगें। उनकों इंसाफ चाहिये।
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पाकबड़ा के जुम्मेरात का बाजार निवासी आरटीआई कार्यकर्ता कासिम सैफी 27 दिसबंर 2018 को घर से निकाला था। इसके बाद उसका शव पुलिस ने विकास चौधरी की निशानदेही पर 11 जनवरी 2019 को शामली जिले के कांदला थाना क्षेत्र के गांव भाभीसा से बरामद कर लिया था। मामले में पुलिस ने सपा नेता अलका दूबे और कुलदीप सिंह को 15 जनवरी को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने इस मामले में सूत्रधार पाकबडा निवासी पूर्व प्रधान हारून सैफी को बनाया था। इससे बाद से हारून सैफी फरार चल रहा है। हारून सैफी अभी तक फरार है। एडीजी प्रेम प्रकाश सिंह ने विवेचना को बिजनौर ट्रासंफर कर दिया था। इसके बाद दो माह में चार विवेचकों को बदल दिया गया। कासिम सैफी के भाई शाकिर हुसैन ने बताया की लगातार विवेचकों को बदला जा रहा है। मामले की जांच को कुछ बड़े अधिकारी प्रभावित कर रहे है। इससे लगता है अब उन लोगों को इंसाफ नही मिलेगा। इसलिए इंसाफ की मांग को लेकर वह सोमवार सवेरे से जिलाधिकारी मुरादाबाद और एसएसपी मुरादाबाद के कार्यालय पर परिवार के साथ धरना देगें। उनकों इंसाफ चाहिये।
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