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एनडीपीएस एक्ट में दो युवकों को 10-10 साल की कैद
Updated Sun, 01 Jul 2018 02:48 AM IST
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मुरादाबाद। मादक पदार्थों के क्रय विक्रय के मामले में अदालत ने आरोपी युवक को दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
थाना कटघर के एसआई धर्मेंद्र सिंह ने सितंबर 2017 में मुकदमा दर्ज कराया कि मुखबिर ने सूचना दी थी कि एक युवक चरस लेकर उसे बेचने के लिए आ रहा है। सूचना पर एसआई धर्मेंद्र अपने साथ कुछ सिपाहियों को लेकर रामगंगा पुल के पास पहुंच गए। यहां एक युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। उसके पास से एक किलो से अधिक चरस पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कमल सिंह बताया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 मित्र पाल सिंह की अदालत में की गई। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रंजीत सिंह राठौर ने पक्ष रखा। अदालत ने आरोपी कमल सिंह को मादक पदार्थों के क्रय विक्रय के मामले में दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
एक दूसरे मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 भैरव लाल ने एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। थाना जीआरपी चंदौसी में जनवरी 2017 में एसआई सुरेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया कि उन्हें सूचना मिली कि एक युवक लखनऊ से नशीले पदार्थोें को लेकर यहां बेचने के लिए आ रहा है। सूचना पर रेलवे लाईनों के पास एक संधिगध युवक को घूमते देखा और तलाशी ली जिसमें उसके पास से नशीला पदार्थ मिला। आरोपी ने अपना नाम विवेक मिश्रा बताया। मामले में सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अफरोज हुसैन ने पक्ष रखा। अदालत ने विवेक मिश्रा को दोषी पाया है।
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थाना कटघर के एसआई धर्मेंद्र सिंह ने सितंबर 2017 में मुकदमा दर्ज कराया कि मुखबिर ने सूचना दी थी कि एक युवक चरस लेकर उसे बेचने के लिए आ रहा है। सूचना पर एसआई धर्मेंद्र अपने साथ कुछ सिपाहियों को लेकर रामगंगा पुल के पास पहुंच गए। यहां एक युवक को रोककर उसकी तलाशी ली। उसके पास से एक किलो से अधिक चरस पाई गई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम कमल सिंह बताया। मामले की सुनवाई अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-13 मित्र पाल सिंह की अदालत में की गई। सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रंजीत सिंह राठौर ने पक्ष रखा। अदालत ने आरोपी कमल सिंह को मादक पदार्थों के क्रय विक्रय के मामले में दोषी करार देते हुए दस साल के कठोर कारावास के साथ एक लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
एक दूसरे मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-9 भैरव लाल ने एनडीपीएस एक्ट के आरोपी को दोषी करार देते हुए दस साल की कैद और एक लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। थाना जीआरपी चंदौसी में जनवरी 2017 में एसआई सुरेंद्र कुमार ने मुकदमा दर्ज कराया कि उन्हें सूचना मिली कि एक युवक लखनऊ से नशीले पदार्थोें को लेकर यहां बेचने के लिए आ रहा है। सूचना पर रेलवे लाईनों के पास एक संधिगध युवक को घूमते देखा और तलाशी ली जिसमें उसके पास से नशीला पदार्थ मिला। आरोपी ने अपना नाम विवेक मिश्रा बताया। मामले में सरकार की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता अफरोज हुसैन ने पक्ष रखा। अदालत ने विवेक मिश्रा को दोषी पाया है।
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