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‘भारत बंद’ के एलान पर शांत रहा शहर
Updated Wed, 11 Apr 2018 02:08 AM IST
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मुरादाबाद।
जातिगत आरक्षण के विरोध में ‘भारत बंद’ का एलान शहर में बेअसर रहा। पुलिस प्रशासन की सख्ती के सामने सोशल मीडिया पर भारत बंद का एलान करने वाले सड़कों पर नहीं उतरे। सुबह से शाम तक शहर पूरी तरह से शांत रहा। हालांकि शहरवासी फोन, व्हाट्सएप और दूसरे अन्य माध्यमों से शहर के हालातों पर पल पल की जानकारी लेते नजर आए। रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों के इर्द गिर्द भी पुलिस चौकस नजर आई। दंगा नियंत्रण उपकरण और कै सरों के साथ भारी संख्या में पुलिस को रेलवे स्टेशन पर तैनात किया गया था।
दो अप्रैल को दलित आंदोलन की आग में देश के कई शहर झुलस गए थे। मुरादाबाद में भी जमकर बवाल हुआ था। चार घंटे से ज्यादा वक्त तक दलित संगठन के लोगों ने ट्रैक पर कब्जा किया था। जिससे 45 ट्रेनों के संचालन बाधित हुआ था। और हजारों लोग बीच सफर में ही फंस गए थे। अब जातिगत आरक्षण के विरोध में कुछ कथित लोगों ने मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। जिसमें एलान किया गया था कि जातिगत आरक्षण के विरोध में दस अप्रैल को ‘भारत बंद’ किया जाएगा। दो अप्रैल की घटना को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया था कि दस अप्रैल को किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। इस बार सबसे ज्यादा निगरानी रेलवे स्टेशन पर ही की गई थी। जीआरपी आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस को भी रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक पर तैनात किया गया था। सुबह से शाम तक पुलिस रेलवे स्टेशन पर गश्त करती नजर आई। दंगा नियंत्रण उपकरण और कैमरों के साथ पुलिस रेलवे स्टेशन पर तैनात रही। संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की गई। खोजी कुत्ते व बम निरोधक दल के साथ पुलिस अफसरों ने रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म एक से लेकर सात तक सभी चेक किए। एसपी रेल सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर विशेष चौकसी बरती गई। पुलिस को सुबह से ही जगह जगह तैनात कर दिया गया था। कहीं किसी तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है।
साप्ताहिक बंदी के कारण भारत बंद को लेकर बना रहा असमंजस
मुरादाबाद। भारत बंद में बाजार पर असर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। मंगलवार को यहां के अधिकांश बाजार साप्ताहिक बंदी के कारण बंद रहते हैं। ऐसे में मुख्य चौराहों को छोड़ कर भीड़भाड़ वाले बाजार पूरी तरह बंद रहे। साप्ताहिक बंदी में भी दस से पंद्रह प्रतिशत दुकानदार अपनी दुकानें खोल लेते हैं लेकिन इस दिन यह दुकानें भी बंद रहीं। लेकिन किसी व्यापारी या अन्य संगठन ने भारत बंद को लेकर कोई अभियान या विरोध नहीं जताया। बाजारों में अन्य साप्ताहिक बंदी के बढ़कर सूनापन रहा। इस दिन बुध बाजार, गुरहट्टी, ताड़ीखाना, गंज बाजार, अमरोहा गेट, मंडी चौक, जीएमडी रोड, चौमुखा पुल, कटरानाज, लाइनपार समेत अधिकांश बाजार बंद रहे। वहीं शाम को कुछ बाजारों की दुकानें खुल गईं। दुकानें भारत बंद के लिए बंद की गई हैं, इस पर किसी व्यापारी संगठन के पदाधिकारी ने बयान जारी नहीं किया। ऐसे में में साप्ताहिक बंदी और भारत बंद को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति बनी रही। युवा उद्योग व्यापार मंडल के मंडल अध्यक्ष विपिन गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। इसलिए सभी बाजार बंद रहे।
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जातिगत आरक्षण के विरोध में ‘भारत बंद’ का एलान शहर में बेअसर रहा। पुलिस प्रशासन की सख्ती के सामने सोशल मीडिया पर भारत बंद का एलान करने वाले सड़कों पर नहीं उतरे। सुबह से शाम तक शहर पूरी तरह से शांत रहा। हालांकि शहरवासी फोन, व्हाट्सएप और दूसरे अन्य माध्यमों से शहर के हालातों पर पल पल की जानकारी लेते नजर आए। रेलवे स्टेशन और रेलवे पटरियों के इर्द गिर्द भी पुलिस चौकस नजर आई। दंगा नियंत्रण उपकरण और कै सरों के साथ भारी संख्या में पुलिस को रेलवे स्टेशन पर तैनात किया गया था।
दो अप्रैल को दलित आंदोलन की आग में देश के कई शहर झुलस गए थे। मुरादाबाद में भी जमकर बवाल हुआ था। चार घंटे से ज्यादा वक्त तक दलित संगठन के लोगों ने ट्रैक पर कब्जा किया था। जिससे 45 ट्रेनों के संचालन बाधित हुआ था। और हजारों लोग बीच सफर में ही फंस गए थे। अब जातिगत आरक्षण के विरोध में कुछ कथित लोगों ने मैसेज सोशल मीडिया पर पोस्ट किए थे। जिसमें एलान किया गया था कि जातिगत आरक्षण के विरोध में दस अप्रैल को ‘भारत बंद’ किया जाएगा। दो अप्रैल की घटना को देखते हुए अलर्ट जारी कर दिया गया था कि दस अप्रैल को किसी तरह की चूक नहीं होनी चाहिए। इस बार सबसे ज्यादा निगरानी रेलवे स्टेशन पर ही की गई थी। जीआरपी आरपीएफ के अलावा सिविल पुलिस को भी रेलवे स्टेशन और रेलवे ट्रैक पर तैनात किया गया था। सुबह से शाम तक पुलिस रेलवे स्टेशन पर गश्त करती नजर आई। दंगा नियंत्रण उपकरण और कैमरों के साथ पुलिस रेलवे स्टेशन पर तैनात रही। संदिग्ध लोगों से भी पूछताछ की गई। खोजी कुत्ते व बम निरोधक दल के साथ पुलिस अफसरों ने रेलवे स्टेशन के प्लेट फार्म एक से लेकर सात तक सभी चेक किए। एसपी रेल सुभाष चंद्र दुबे ने बताया कि रेलवे स्टेशन पर विशेष चौकसी बरती गई। पुलिस को सुबह से ही जगह जगह तैनात कर दिया गया था। कहीं किसी तरह की कोई घटना सामने नहीं आई है।
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साप्ताहिक बंदी के कारण भारत बंद को लेकर बना रहा असमंजस
मुरादाबाद। भारत बंद में बाजार पर असर को लेकर असमंजस की स्थिति बनी रही। मंगलवार को यहां के अधिकांश बाजार साप्ताहिक बंदी के कारण बंद रहते हैं। ऐसे में मुख्य चौराहों को छोड़ कर भीड़भाड़ वाले बाजार पूरी तरह बंद रहे। साप्ताहिक बंदी में भी दस से पंद्रह प्रतिशत दुकानदार अपनी दुकानें खोल लेते हैं लेकिन इस दिन यह दुकानें भी बंद रहीं। लेकिन किसी व्यापारी या अन्य संगठन ने भारत बंद को लेकर कोई अभियान या विरोध नहीं जताया। बाजारों में अन्य साप्ताहिक बंदी के बढ़कर सूनापन रहा। इस दिन बुध बाजार, गुरहट्टी, ताड़ीखाना, गंज बाजार, अमरोहा गेट, मंडी चौक, जीएमडी रोड, चौमुखा पुल, कटरानाज, लाइनपार समेत अधिकांश बाजार बंद रहे। वहीं शाम को कुछ बाजारों की दुकानें खुल गईं। दुकानें भारत बंद के लिए बंद की गई हैं, इस पर किसी व्यापारी संगठन के पदाधिकारी ने बयान जारी नहीं किया। ऐसे में में साप्ताहिक बंदी और भारत बंद को लेकर शहर में असमंजस की स्थिति बनी रही। युवा उद्योग व्यापार मंडल के मंडल अध्यक्ष विपिन गुप्ता ने बताया कि मंगलवार को साप्ताहिक बंदी रहती है। इसलिए सभी बाजार बंद रहे।
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