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कला बाजारी-
Updated Tue, 04 Jul 2017 01:00 AM IST
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आढ़त पर मिला कोटे का तीन हजार बोरे अनाज
जुनावई में एसडीएम ने मारा छापा, आढ़ती पीछे की दीवार फांदकर भागा
तीन कमरों में भरे माल को सीजकर जयलक्ष्मी ट्रेडर्स के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
जुनावई/चंदौसी(संभल)।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के जुनावई में सोमवार को एक बार फिर बड़े स्तर पर की जा रही खाद्यान्न की काला बाजारी का मामला पकड़ा गया है। जिलाधिकारी की सूचना पर उप जिलाधिकारी गुन्नौर ने एक आढ़त पर छापेमारी की तो वहां करीब तीन हजार बोरी (50 किग्रा प्रति बोरी) बरामद की गई है, जिसमें गेहूं व चावल भरा है। यह खाद्यान्न वहीं है जो सार्वजनिक वितरण वितरण की उचित दर विक्रेताओं की आवंटित किया जाता है। प्रशासन ने इसे सील कर एफसीआई गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में देकर आढ़त स्वामी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट लिखाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि गुन्नौर तहसील क्षेत्र में खासकर जूनावई-बबराला क्षेत्र में सियासत के एक रसूखदार के संरक्षण में खाद्यान्न की काला बाजारी बड़े स्तर पर की जा रही थी। जिले का निजाम बदला तो कार्रवाई शुरू हो गई। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह को किसी ने गोपनीय सूचना दी कि जूनावई में बड़े पैमाने पर जय लक्ष्मी ट्रेडर्स आढ़त की गोदामों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न खरीदकर भरा गया है, जिससे क्षेत्रीय राशन डीलरों ने बेचा है। इस पर उप जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने पूर्ति निरीक्षक योगेश कुमार शुक्ला के साथ जुनावई जाकर जयलक्ष्मी ट्रेडर्स पर छापेमारी की। आढ़त की गोदामों से बाहर से ताला लगा था। शायद प्रशासन के आने की खबर लगने से आढ़ती मौके से पीछे की खुली दीवार से भाग निकले थे। काफी देर बाद एसडीएम ने पीछा जाकर देखा तो वहां गोदाम की पीछे की दीवार पर निर्माण कार्य चलता मिला। जिससे घुसकर अंदर देखा तो तीन कक्ष खाद्यान्न से भरे पड़े थे। खास बात तो यह थी कि एफसीआई की गोदाम से जिन कट्टों पर सरकारी गल्ले का उठान कराया जाता है, उन्हीं कट्टों में खाद्यान्न भरा था, जिस पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मोहर लगी थी। सीओ प्रवीण मलिक भी मौके पर पहुंच गए थे।
उप जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने बताया कि गोदामों में अभी अंदर घुसकर सभी बोरियों को गिना जाना संभव नहीं है लेकिन एक कक्ष में चावल तो अन्य कक्षों में गेहूं भरा है, तीनों कक्षों में 50 किग्रा के भार वाली करीब तीन हजार होंगी। जिन्हें सील कर अनाज को एफसीआई गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में दिया गया है। आढ़त अखिलेश उर्फ राजू की बताई जा रही है, आढ़त स्वामी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पुलिस मामले की जांच करेगी। यह अनाज कहां से आया, किन राशन डीलरों ने बेचा, इसकी भी जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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गेहूं क्रय केंद्र पर पकड़ी गई हेराफेरी का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा
चंदौसी।
खाद्यान्न की काला बाजारी के लिए जुनावई बदनाम हो रहा है। 14 जून को भी जुनावई में गेहूं क्रय केंद्र पर मुर्गीदाना मिलाकर खाद्यान्न की हेराफेरी का मामला सामने आया था लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण जिला प्रशासन ने उस मामले में कार्रवाई से हाथ खींच लिए थे।
जुनावई में खाद्य एवं रसद विभाग, जिसका केंद्र प्रभारी भी गुन्नौर का विपणन निरीक्षक रिशभ कुमार ही था, पर 170 गेहूं की कटिंग, जिसे मुर्गीदाना कहा जाता है मिला था। पहले तो जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही लेकिन बाद में हाथ खींच लिया था। खाद्य एवं रसद विभाग के ही क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक को जांच सौंप दी गई थी। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक ने दो आरएमओ की सहभागिता वाली टीम बनाकर जांच कराने की बात कही लेकिन ना तो किसी तरह की कोई जांच की गई और ना ही इस मामले में अब तक कोई अन्य कार्रवाई ही की जा सकी। जबकि गेहूं क्रय केंद्र पर 20 हजार क्विंटल की खरीद की गई थी, जबकि सिर्फ तीन चार किसानों को ही गेहूं खरीद की पर्ची दी गई थी, शेष लाखों की धनराशि क्रय केंद्र प्रभारी व मंडी प्रशासन की सांठगांठ से अपने चहेतों के खातों में हस्तांतरित कराने का आरोप भी लगा था। लेकिन अब किसी तरह की कोई जांच नहीं की गई है।
एक मंडी सहायक की भूमिका संदिग्ध
चंदौसी। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के जुनावई में कृषि उत्पादन मंडी समिति बबराला के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि इस युवक का आना जाना जय लक्ष्मी ट्रेडर्स पर भी था और खाद्य एवं रसद विभाग के गेहूं खरीद केंद्र के ठेकेदार के पास भी था। जब एसडीएम ने छापेमारी की तो यह अधिकारी दोनों स्थानों पर मौजूद भी रहा है। गेहूं क्रय केंद्र पर पकड़ी गई गेहूं की हेराफेरी का मामला तो ठंडे बस्ते में चला गया और देखना यह हैकि सोमवार को पकड़े गए राशन के खाद्यान्न के मामले में जिला प्रशास न क्या कार्रवाई करता है। हालांकि अब जिले का निजाम बदल गया है, जिससे कार्रवाई की उम्मीद बंधी है।
-जिलाधिकारी के आदेश पर जुनावई में जय लक्ष्मी ट्रेडर्स आढ़त पर छापेमारी की गई, जिसमें तीन कक्षों में करीब 3000 बोरी (50 किग्रा प्रति बोरी) राशन का गेहूं व चावल मिला है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल एफसीआई गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में देकर आढ़ती के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 की कार्रवाई की जा रही है।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी गुन्नौर
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जुनावई में एसडीएम ने मारा छापा, आढ़ती पीछे की दीवार फांदकर भागा
तीन कमरों में भरे माल को सीजकर जयलक्ष्मी ट्रेडर्स के मालिक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज
अमर उजाला ब्यूरो
जुनावई/चंदौसी(संभल)।
गुन्नौर तहसील क्षेत्र के जुनावई में सोमवार को एक बार फिर बड़े स्तर पर की जा रही खाद्यान्न की काला बाजारी का मामला पकड़ा गया है। जिलाधिकारी की सूचना पर उप जिलाधिकारी गुन्नौर ने एक आढ़त पर छापेमारी की तो वहां करीब तीन हजार बोरी (50 किग्रा प्रति बोरी) बरामद की गई है, जिसमें गेहूं व चावल भरा है। यह खाद्यान्न वहीं है जो सार्वजनिक वितरण वितरण की उचित दर विक्रेताओं की आवंटित किया जाता है। प्रशासन ने इसे सील कर एफसीआई गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में देकर आढ़त स्वामी के विरुद्ध आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत रिपोर्ट लिखाने की तैयारी शुरू कर दी है।
बताया जा रहा है कि गुन्नौर तहसील क्षेत्र में खासकर जूनावई-बबराला क्षेत्र में सियासत के एक रसूखदार के संरक्षण में खाद्यान्न की काला बाजारी बड़े स्तर पर की जा रही थी। जिले का निजाम बदला तो कार्रवाई शुरू हो गई। जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह को किसी ने गोपनीय सूचना दी कि जूनावई में बड़े पैमाने पर जय लक्ष्मी ट्रेडर्स आढ़त की गोदामों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली का खाद्यान्न खरीदकर भरा गया है, जिससे क्षेत्रीय राशन डीलरों ने बेचा है। इस पर उप जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने पूर्ति निरीक्षक योगेश कुमार शुक्ला के साथ जुनावई जाकर जयलक्ष्मी ट्रेडर्स पर छापेमारी की। आढ़त की गोदामों से बाहर से ताला लगा था। शायद प्रशासन के आने की खबर लगने से आढ़ती मौके से पीछे की खुली दीवार से भाग निकले थे। काफी देर बाद एसडीएम ने पीछा जाकर देखा तो वहां गोदाम की पीछे की दीवार पर निर्माण कार्य चलता मिला। जिससे घुसकर अंदर देखा तो तीन कक्ष खाद्यान्न से भरे पड़े थे। खास बात तो यह थी कि एफसीआई की गोदाम से जिन कट्टों पर सरकारी गल्ले का उठान कराया जाता है, उन्हीं कट्टों में खाद्यान्न भरा था, जिस पर सार्वजनिक वितरण प्रणाली की मोहर लगी थी। सीओ प्रवीण मलिक भी मौके पर पहुंच गए थे।
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उप जिलाधिकारी प्रतिपाल सिंह चौहान ने बताया कि गोदामों में अभी अंदर घुसकर सभी बोरियों को गिना जाना संभव नहीं है लेकिन एक कक्ष में चावल तो अन्य कक्षों में गेहूं भरा है, तीनों कक्षों में 50 किग्रा के भार वाली करीब तीन हजार होंगी। जिन्हें सील कर अनाज को एफसीआई गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में दिया गया है। आढ़त अखिलेश उर्फ राजू की बताई जा रही है, आढ़त स्वामी के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा-3/7 के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। पुलिस मामले की जांच करेगी। यह अनाज कहां से आया, किन राशन डीलरों ने बेचा, इसकी भी जांच करके कार्रवाई की जाएगी।
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गेहूं क्रय केंद्र पर पकड़ी गई हेराफेरी का मामला ठंडे बस्ते में पड़ा
चंदौसी।
खाद्यान्न की काला बाजारी के लिए जुनावई बदनाम हो रहा है। 14 जून को भी जुनावई में गेहूं क्रय केंद्र पर मुर्गीदाना मिलाकर खाद्यान्न की हेराफेरी का मामला सामने आया था लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण जिला प्रशासन ने उस मामले में कार्रवाई से हाथ खींच लिए थे।
जुनावई में खाद्य एवं रसद विभाग, जिसका केंद्र प्रभारी भी गुन्नौर का विपणन निरीक्षक रिशभ कुमार ही था, पर 170 गेहूं की कटिंग, जिसे मुर्गीदाना कहा जाता है मिला था। पहले तो जिला प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की बात कही लेकिन बाद में हाथ खींच लिया था। खाद्य एवं रसद विभाग के ही क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक को जांच सौंप दी गई थी। क्षेत्रीय खाद्य नियंत्रक ने दो आरएमओ की सहभागिता वाली टीम बनाकर जांच कराने की बात कही लेकिन ना तो किसी तरह की कोई जांच की गई और ना ही इस मामले में अब तक कोई अन्य कार्रवाई ही की जा सकी। जबकि गेहूं क्रय केंद्र पर 20 हजार क्विंटल की खरीद की गई थी, जबकि सिर्फ तीन चार किसानों को ही गेहूं खरीद की पर्ची दी गई थी, शेष लाखों की धनराशि क्रय केंद्र प्रभारी व मंडी प्रशासन की सांठगांठ से अपने चहेतों के खातों में हस्तांतरित कराने का आरोप भी लगा था। लेकिन अब किसी तरह की कोई जांच नहीं की गई है।
एक मंडी सहायक की भूमिका संदिग्ध
चंदौसी। गुन्नौर तहसील क्षेत्र के जुनावई में कृषि उत्पादन मंडी समिति बबराला के एक अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है। क्योंकि इस युवक का आना जाना जय लक्ष्मी ट्रेडर्स पर भी था और खाद्य एवं रसद विभाग के गेहूं खरीद केंद्र के ठेकेदार के पास भी था। जब एसडीएम ने छापेमारी की तो यह अधिकारी दोनों स्थानों पर मौजूद भी रहा है। गेहूं क्रय केंद्र पर पकड़ी गई गेहूं की हेराफेरी का मामला तो ठंडे बस्ते में चला गया और देखना यह हैकि सोमवार को पकड़े गए राशन के खाद्यान्न के मामले में जिला प्रशास न क्या कार्रवाई करता है। हालांकि अब जिले का निजाम बदल गया है, जिससे कार्रवाई की उम्मीद बंधी है।
-जिलाधिकारी के आदेश पर जुनावई में जय लक्ष्मी ट्रेडर्स आढ़त पर छापेमारी की गई, जिसमें तीन कक्षों में करीब 3000 बोरी (50 किग्रा प्रति बोरी) राशन का गेहूं व चावल मिला है। इसकी जांच शुरू कर दी गई है। फिलहाल एफसीआई गोदाम प्रभारी की सुपुर्दगी में देकर आढ़ती के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 की कार्रवाई की जा रही है।
-प्रतिपाल सिंह चौहान, उप जिलाधिकारी गुन्नौर