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मुठभेड़ में चार बदमाशों सहित एक सिपाही को लगी गोली, छह गिरफ्तार
Updated Mon, 19 Nov 2018 02:07 AM IST
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मुरादाबाद।
रविवार तड़के शहर में 45 मिनट के भीतर हुई दो मुठभेड़ों में चार बदमाश और एक पुलिस कर्मी गोली लगने से जख्मी हो गए। पुलिस ने छह बदमाशों को मय हथियार गिरफ्तार किया है। गैंग को पकड़ने के बाद पुलिस ने डकैती की नौ वारदातों के खुलासे का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि पाट वाली मिलक को छोड़ बाकी सभी नौ डकैतियां इसी गैंग ने डाली थीं। पुलिस के मुताबिक लूटे गए तीन मोबाइल फोन भी गैंग से बरामद किए गए हैं। गोली लगने से जख्मी चार बदमाश और सिपाही अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी दो बदमाशों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे रविन्दर गौड ने रविवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर डकैतों के पकड़े जाने का खुलासा किया। उन्हाेंने बताया कि पकडे़ गए बदमाश फुरकान निवासी नूरपुर जिला बिजनौर, संतराम निवासी भोजपुर, अजय निवासी हरथला रेलवे स्टेशन सिविल लाइंस, बलराम निवासी काशीपुर, प्रेम निवासी चांदपुर जिला बिजनौर और आरिफ निवासी इस्लामनगर जिला बिजनौर हैं। एसएसपी ने बताया कि डकैती की लगातार हो रही वारदातों के मद्देनजर जिले को तीन सेक्टरों में बांटकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। शनिवार रात डकैतों के फिर से वारदात करने की सूचना पर पुलिस अलर्ट थी। रविवार तड़के करीब चार बजे सिविल लाइंस में हड्डी मिल के पास एक संदिग्ध टाटा मैजिक को पुलिस ने रोकने की कोशिश तो उसमें सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। सिपाही ललित बदमाशों की गोली लगने से जख्मी हो गया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो भागने की कोशिश कर रहे बदमाश प्रेम और आरिफ पैर में गोली लगने से जख्मी हो गए। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। बाकी बदमाश टाटा मैजिक लेकर भाग निकले। 45 मिनट बाद कटघर क्षेत्र में गांगन नदी के पुल के पास पुलिस ने इनकी घेराबंदी कर ली। पुलिस ने रोका तो यहां भी बदमाश फायरिंग करते हुए टाटा मैजिक से कूदकर गांगन नदी की ओर भागने लगे। पुलिस की फायरिंग में बदमाश फुरकान और संतराम के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही गिर पड़े। इनके साथियों अजय और बलराम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। टाटा मैजिक को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। जख्मी बदमाशों को जिला अस्पताल में और सिपाही ललित को कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह ने मझोला के पैपटपुरा स्थित तीन घरों, खदाना के तीन घरों में, पल्लूपुरा में और अगवानपुर के नियारियां में दो घरों में डाका डाला था। गिरोह के पकडे़ जाने से डकैती की वारदातों पर अंकुश लगेगा। उन्हाेंने बताया कि पाट वाली मिलक में डकैती करने वाला गिरोह दूसरा है। वह अभी गिरफ्त से दूर है। पकडे़ गए बदमाशों पर पश्चिमी यूपी में अलग - अलग जगहों पर डकैती की वारदातों को अंजाम देने का शक है। उनसे पूछताछ के लिए बिजनौर और संभल की पुलिस भी मुरादाबाद पहुंची है।
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खुलासे के बाद डकैती में तरमीम हुई चोरियां
मुरादाबाद।
पैपटपुरा में मनोज, शांतिदेवी और बबलू के घर हुई डकैती की वारदात को पुलिस ने चोरी में दर्ज किया था। मझोला पुलिस पहले ही दिन से वारदात को झुठलाने की कोशिश कर रही थी। पीड़ित परिवारों के घर छोड़ जाने के बाद भी पुलिस ने इन घटनाओं को डकैती में दर्ज नहीं किया था। पुलिस का दावा था कि डकैती नहीं चोरी हुई है। लेकिन रविवार को डाका डालने वाले गैंग के पकड़े जाते ही पुलिस ने स्वीकार कर लिया कि यह चोरी नहीं डकैती की घटना थी। खदाना में सुरेंद्र, नानकचंद, कल्लो के घर हुई वारदात की रिपोर्ट भी मझोला पुलिस ने चोरी में दर्ज की थी। फजीहत के बाद पुलिस ने इसे डकैती में तरमीम कर लिया था। पल्लुपुरा में जाबिर के घर हुई डकैती की वारदात भी पाकबड़ा पुलिस ने चोरी में दर्ज किया था। सिविल लाइंस के अगवानपुर में नियारियां में हुई वारदात को पुलिस ने लूट में दर्ज किया था। पुलिस ने अब बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद स्वीकार किया है कि सभी जगह डकैती की हुई थी। अफसरों का कहना है कि सभी मामलों को अब डकैती की धाराओं में तरमीम किया जाएगा।
खुलासे से चार दिन पहले ही जेल चला गया गिरोह का सरगना
मुरादाबाद। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि गैंग का सरगना फुरकान का पिता इरफान है। वह डकैती सहित कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। यह गिरोह पश्चिमी यूपी में वारदातें करता है। इरफान को 14 नवंबर को ही एक पुराने मामले में कोर्ट से आठ साल की सजा हुई है, वह जेल चला गया है। जेल जाने से पहले वह डकैती की वारदातों को अंजाम देने के लिए गिरोह के साथ मुरादाबाद आया था। पैपटपुरा में हुई डकैती की वारदात में वह शामिल था, पल्लूपुरा डकेती कांड में भी उसका हाथ था।
पाट वाली मिलक में छैमार गिरोह ने डाला डाका
मुरादाबाद। पाटी वाली मिलक में हरि सिंह के घर की गई डकैती की वारदात का अभी पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। एसएसपी ने बताया कि इस वारदात को छैमार गिरोह ने अंजाम दिया था। उस गिरोह का पकडे़ गए आरोपियों से संबंध नहीं है। छैमार गिरोह के सदस्यों को ट्रेस किया गया है, गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
थोड़ी राहत लेकिन डकैतों का खतरा बरकरार
मुरादाबाद। डकैती की नौ वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर राहत की सांस ली है लेकिन अभी खतरा बरकरार है। इस गिरोह में करीब 15 आरोपी शामिल हैं, जिनमें से आठ अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। ये गिरोह डकैती की वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसको लेकर जनपद में तीन सेक्टर के तहत ही पुलिस की टीमें कार्य करेंगी। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
हाथ जोड़कर बोले बदमाश.. हमसे कुछ न पूछो
मुरादाबाद। मुठभेड़ में जख्मी बदमाशों से जब उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने हाथ जोड़ लिए और कहा कि हमसे कुछ न पूछो। हालांकि पकडे़ गए दो आरोपियों ने मुठभेड़ की कहानी पर सवाल भी उठाए हैं लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि वह घर में घुसकर हथियारों के बल पर संपत्ति लूटने का काम करते हैं। परिवार के सदस्यों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। बता दें कि देर रात डकैती के मामले में शनिवार देर रात को सात संदिग्धों के उठाए जाने की सूचना पुलिस सूत्रों ने दी थी।
मोबाइल से ट्रेस हुए थे आरोपी, जेल से मिला क्लू
मुरादाबाद। पैपटपुरा में डकैती की वारदात के दौरान बदमाशों ने मोबाइल लूट लिया था। इन्हीं मोबाइल को संर्विलांस पर लिया गया तो आरोपी ट्रेस हो गए थे। पुलिस ने जेल से छूटे करीब तीन सौ आरोपियों को चिंहित कर उनके बारे में जानकारी की तो अजय के बारे में जानकारी हुई। उसके जरिए ही पुलिस को संतराम का पता चला। पुलिस ने बताया कि अजय और संतराम दिन में रेकी करते थे, इसके बाद इरफान गैंग को सूचना देते थे। जिसके बाद डकैती की वारदात को अंजाम दिया जाता था। संतराम के खिलाफ 13 अजय के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं। इन दोनाें की मुलाकात इरफान गिरोह से जेल में हुई थी, जिसके बाद वह गिरोह के लिए रेकी करते थे। संतराम ने बताया कि वह में खुशहालपुर स्थित पूनम विहार कालोनी में रहता था।
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रविवार तड़के शहर में 45 मिनट के भीतर हुई दो मुठभेड़ों में चार बदमाश और एक पुलिस कर्मी गोली लगने से जख्मी हो गए। पुलिस ने छह बदमाशों को मय हथियार गिरफ्तार किया है। गैंग को पकड़ने के बाद पुलिस ने डकैती की नौ वारदातों के खुलासे का दावा किया है। पुलिस का कहना है कि पाट वाली मिलक को छोड़ बाकी सभी नौ डकैतियां इसी गैंग ने डाली थीं। पुलिस के मुताबिक लूटे गए तीन मोबाइल फोन भी गैंग से बरामद किए गए हैं। गोली लगने से जख्मी चार बदमाश और सिपाही अस्पताल में भर्ती हैं। बाकी दो बदमाशों को पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जे रविन्दर गौड ने रविवार दोपहर पुलिस लाइन में प्रेस कांफ्रेंस कर डकैतों के पकड़े जाने का खुलासा किया। उन्हाेंने बताया कि पकडे़ गए बदमाश फुरकान निवासी नूरपुर जिला बिजनौर, संतराम निवासी भोजपुर, अजय निवासी हरथला रेलवे स्टेशन सिविल लाइंस, बलराम निवासी काशीपुर, प्रेम निवासी चांदपुर जिला बिजनौर और आरिफ निवासी इस्लामनगर जिला बिजनौर हैं। एसएसपी ने बताया कि डकैती की लगातार हो रही वारदातों के मद्देनजर जिले को तीन सेक्टरों में बांटकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। शनिवार रात डकैतों के फिर से वारदात करने की सूचना पर पुलिस अलर्ट थी। रविवार तड़के करीब चार बजे सिविल लाइंस में हड्डी मिल के पास एक संदिग्ध टाटा मैजिक को पुलिस ने रोकने की कोशिश तो उसमें सवार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। सिपाही ललित बदमाशों की गोली लगने से जख्मी हो गया। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की तो भागने की कोशिश कर रहे बदमाश प्रेम और आरिफ पैर में गोली लगने से जख्मी हो गए। पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया। बाकी बदमाश टाटा मैजिक लेकर भाग निकले। 45 मिनट बाद कटघर क्षेत्र में गांगन नदी के पुल के पास पुलिस ने इनकी घेराबंदी कर ली। पुलिस ने रोका तो यहां भी बदमाश फायरिंग करते हुए टाटा मैजिक से कूदकर गांगन नदी की ओर भागने लगे। पुलिस की फायरिंग में बदमाश फुरकान और संतराम के पैर में गोली लगी और वह मौके पर ही गिर पड़े। इनके साथियों अजय और बलराम को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। टाटा मैजिक को भी पुलिस ने कब्जे में ले लिया है। जख्मी बदमाशों को जिला अस्पताल में और सिपाही ललित को कॉसमॉस अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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एसएसपी ने बताया कि इस गिरोह ने मझोला के पैपटपुरा स्थित तीन घरों, खदाना के तीन घरों में, पल्लूपुरा में और अगवानपुर के नियारियां में दो घरों में डाका डाला था। गिरोह के पकडे़ जाने से डकैती की वारदातों पर अंकुश लगेगा। उन्हाेंने बताया कि पाट वाली मिलक में डकैती करने वाला गिरोह दूसरा है। वह अभी गिरफ्त से दूर है। पकडे़ गए बदमाशों पर पश्चिमी यूपी में अलग - अलग जगहों पर डकैती की वारदातों को अंजाम देने का शक है। उनसे पूछताछ के लिए बिजनौर और संभल की पुलिस भी मुरादाबाद पहुंची है।
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खुलासे के बाद डकैती में तरमीम हुई चोरियां
मुरादाबाद।
पैपटपुरा में मनोज, शांतिदेवी और बबलू के घर हुई डकैती की वारदात को पुलिस ने चोरी में दर्ज किया था। मझोला पुलिस पहले ही दिन से वारदात को झुठलाने की कोशिश कर रही थी। पीड़ित परिवारों के घर छोड़ जाने के बाद भी पुलिस ने इन घटनाओं को डकैती में दर्ज नहीं किया था। पुलिस का दावा था कि डकैती नहीं चोरी हुई है। लेकिन रविवार को डाका डालने वाले गैंग के पकड़े जाते ही पुलिस ने स्वीकार कर लिया कि यह चोरी नहीं डकैती की घटना थी। खदाना में सुरेंद्र, नानकचंद, कल्लो के घर हुई वारदात की रिपोर्ट भी मझोला पुलिस ने चोरी में दर्ज की थी। फजीहत के बाद पुलिस ने इसे डकैती में तरमीम कर लिया था। पल्लुपुरा में जाबिर के घर हुई डकैती की वारदात भी पाकबड़ा पुलिस ने चोरी में दर्ज किया था। सिविल लाइंस के अगवानपुर में नियारियां में हुई वारदात को पुलिस ने लूट में दर्ज किया था। पुलिस ने अब बदमाशों की गिरफ्तारी के बाद स्वीकार किया है कि सभी जगह डकैती की हुई थी। अफसरों का कहना है कि सभी मामलों को अब डकैती की धाराओं में तरमीम किया जाएगा।
खुलासे से चार दिन पहले ही जेल चला गया गिरोह का सरगना
मुरादाबाद। एसपी सिटी अंकित मित्तल ने बताया कि गैंग का सरगना फुरकान का पिता इरफान है। वह डकैती सहित कई वारदातों को अंजाम दे चुका है। यह गिरोह पश्चिमी यूपी में वारदातें करता है। इरफान को 14 नवंबर को ही एक पुराने मामले में कोर्ट से आठ साल की सजा हुई है, वह जेल चला गया है। जेल जाने से पहले वह डकैती की वारदातों को अंजाम देने के लिए गिरोह के साथ मुरादाबाद आया था। पैपटपुरा में हुई डकैती की वारदात में वह शामिल था, पल्लूपुरा डकेती कांड में भी उसका हाथ था।
पाट वाली मिलक में छैमार गिरोह ने डाला डाका
मुरादाबाद। पाटी वाली मिलक में हरि सिंह के घर की गई डकैती की वारदात का अभी पुलिस ने खुलासा नहीं किया है। एसएसपी ने बताया कि इस वारदात को छैमार गिरोह ने अंजाम दिया था। उस गिरोह का पकडे़ गए आरोपियों से संबंध नहीं है। छैमार गिरोह के सदस्यों को ट्रेस किया गया है, गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं।
थोड़ी राहत लेकिन डकैतों का खतरा बरकरार
मुरादाबाद। डकैती की नौ वारदातों को अंजाम देने वाले गिरोह के छह सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर राहत की सांस ली है लेकिन अभी खतरा बरकरार है। इस गिरोह में करीब 15 आरोपी शामिल हैं, जिनमें से आठ अब भी पुलिस की गिरफ्त से दूर हैं। ये गिरोह डकैती की वारदात को अंजाम दे सकते हैं। इसको लेकर जनपद में तीन सेक्टर के तहत ही पुलिस की टीमें कार्य करेंगी। ग्रामीणों को भी सतर्क रहने के लिए कहा गया है।
हाथ जोड़कर बोले बदमाश.. हमसे कुछ न पूछो
मुरादाबाद। मुठभेड़ में जख्मी बदमाशों से जब उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया तो उन्होंने हाथ जोड़ लिए और कहा कि हमसे कुछ न पूछो। हालांकि पकडे़ गए दो आरोपियों ने मुठभेड़ की कहानी पर सवाल भी उठाए हैं लेकिन ज्यादा जानकारी नहीं दी। उन्होंने बताया कि वह घर में घुसकर हथियारों के बल पर संपत्ति लूटने का काम करते हैं। परिवार के सदस्यों को नुकसान नहीं पहुंचाते हैं। बता दें कि देर रात डकैती के मामले में शनिवार देर रात को सात संदिग्धों के उठाए जाने की सूचना पुलिस सूत्रों ने दी थी।
मोबाइल से ट्रेस हुए थे आरोपी, जेल से मिला क्लू
मुरादाबाद। पैपटपुरा में डकैती की वारदात के दौरान बदमाशों ने मोबाइल लूट लिया था। इन्हीं मोबाइल को संर्विलांस पर लिया गया तो आरोपी ट्रेस हो गए थे। पुलिस ने जेल से छूटे करीब तीन सौ आरोपियों को चिंहित कर उनके बारे में जानकारी की तो अजय के बारे में जानकारी हुई। उसके जरिए ही पुलिस को संतराम का पता चला। पुलिस ने बताया कि अजय और संतराम दिन में रेकी करते थे, इसके बाद इरफान गैंग को सूचना देते थे। जिसके बाद डकैती की वारदात को अंजाम दिया जाता था। संतराम के खिलाफ 13 अजय के खिलाफ सात मामले दर्ज हैं। इन दोनाें की मुलाकात इरफान गिरोह से जेल में हुई थी, जिसके बाद वह गिरोह के लिए रेकी करते थे। संतराम ने बताया कि वह में खुशहालपुर स्थित पूनम विहार कालोनी में रहता था।