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अवैध बस्तियों ने बिगाड़ दी रामगंगा की चाल

Tue, 28 Aug 2018 02:40 AM IST
Updated Tue, 28 Aug 2018 02:40 AM IST
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अवैध बस्तियों ने बिगाड़ दी रामगंगा की चाल
मुरादाबाद।
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अवैध बस्तियों ने शहर के आसपास रामगंगा की चाल बिगाड़कर रख दी है। खास तौर पर नागफनी में जिगर कालोनी से लेकर नवाबपुरा, दसवां घाट, काली मंदिर, जामा मस्जिद और आगे कटघर पुल तक के इलाके में रामगंगा की धार में बेतहाशा हुए अवैध निर्माणों ने रामगंगा को उफान पर आने के लिए मजबूर कर दिया है। रामगंगा में हुए इन अवैध निर्माणों पर जिला प्रशासन, एमडीए, नगर निगम और सिंचाई विभाग एक दूसरे पर पल्ला झाड़ते रहे हैं। यही वजह है कि रामगंगा की धार में अवैध निर्माणों का सिलसिला अभी भी जारी है।

जिगर कालोनी में नट बाबा मठ के पास रामगंगा के भीतर तक लोगों ने अवैध निर्माण कर लिए हैं। छुटभैय्ये प्रापर्टी डीलर यहां रामगंगा को किनारे से पाटकर उस पर छोटे - छोटे प्लाट काटकर बेचते जा रहे हैं। स्थिति यह है कि रामगंगा के भीतर तक सैकड़ों मकान बन चुके हैं। अब तो यहां ब्रास फैक्ट्री भी बनने लगी हैं। इससे आगे नवाबपुरा, दसवा घाट तक हालात और भी बदतर हैं। यहां पहले रामगंगा को कब्जा कर मकान बनाए गए और अब तो कई फैक्ट्री भी रामगंगा की धार में खड़ी हो गई हैं। काली मंदिर के पास प्रशासन की नाक तले रामगंगा की जमीन पर कब्जा करके फैक्ट्री बना ली गईं। यहां भी सैकड़ों निर्माण रामगंगा की धार के भीतर हो चुके हैं। काली मंदिर से आगे जामा मस्जिद और कटघर रेल पुल तक रामगंगा के भीतर अवैध निर्माण करके रामगंगा की धार को मोड़ दिया गया है। जिगर कालोनी से कटघर रेलवे पुल तक 10 हजार से भी अधिक अवैध निर्माण हैं। हर साल इनमें 10 से 20 फीसदी का इजाफा हो जाता है। ठीकठाक बारिश होने पर यही अवैध निर्माण रामगंगा का मिजाज बिगाड़ते हैं और पूरे शहर को सहमने पर मजबूर कर देते हैं। अवैध निर्माणों को तोड़ने और रोकने के लिए प्रशासन हर बार बड़े - बड़े दावे करता है लेकिन यह दावे बयानों से आगे नहीं बढ़ पाते। पुराने अवैध निर्माणों को तोड़ना तो दूर प्रशासन जिगर कालोनी से कटघर रामगंगा पुल तक लगातार रामगंगा की धार में हो रहे नए अवैध निर्माणों को भी रोकने में नाकाम है।
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