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कोतवाल के मार्मिक संदेश पर पसीज गए साहब
Updated Thu, 02 Aug 2018 01:52 AM IST
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मुरादाबाद।
किसान को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने और 1.10 लाख रुपये की अवैध वसूली के मामले में मुकदमा झेल रहे हसनपुर के पूर्व कोतवाल डीके शर्मा का एक कथित व्हाट्सएप संदेश इन दिनों सोशल साइट्स पर घूम रहा है। इंस्पेक्टर के इस कथित संदेश में प्रभु और भक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इस बीच इंस्पेक्टर व चार अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना भोजपुर से शहर कोतवाल को ट्रांसफर कर दी गई है।
भोजपुर थाने में 25 जुलाई को रुस्तमपुर निवासी किसान गजराम की पत्नी ओमवती की तहरीर पर हसनुपर के तत्कालीन कोतवाल डीके शर्मा, दरोगा जसवीर सिंह, सिपाही सूरजभान और दो अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस कर्मियों पर आरोप था कि उन्होंने किसान गजराम को जबरन उठाकर अवैध हिरासत में रखा। उसकी कार में रखे 38 हजार रुपये छीन लिए। थाने में उसके साथ मारपीट की और फिर उसे छोड़ने की एवज में परिजनों से 1.10 लाख रुपये वसूल किए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अफसरों ने इसकी आंतरिक जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों में दम नजर आने के बाद भोजपुर थाने में 25 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद अमरोहा एसपी ने इंस्पेक्टर डीके शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था।
इस बीच कथित रूप से इंस्पेक्टर डीके शर्मा का एक आला पुलिस अफसर को भेजा गया व्हाट्सएप संदेश पुलिस महकमे में चर्चाओं में है। सोशल साइट्स पर भी यह संदेश घूम रहा है। इंस्पेक्टर डीके शर्मा का कहना है कि उन्होंने किसी पुलिस अधिकारी को न तो कोई संदेश भेजा है और न ही माफी मांगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में मुकदमे में फंसे सभी पुलिस कर्मियों को राहत मिल सकती है। हालांकि विवेचना बदलने का कारण भोजपुर में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की तैनाती नहीं होना बताया जा रहा है।
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किसान को अवैध हिरासत में रखकर मारपीट करने और 1.10 लाख रुपये की अवैध वसूली के मामले में मुकदमा झेल रहे हसनपुर के पूर्व कोतवाल डीके शर्मा का एक कथित व्हाट्सएप संदेश इन दिनों सोशल साइट्स पर घूम रहा है। इंस्पेक्टर के इस कथित संदेश में प्रभु और भक्त जैसे शब्दों का इस्तेमाल किया गया है। इस बीच इंस्पेक्टर व चार अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ दर्ज मुकदमे की विवेचना भोजपुर से शहर कोतवाल को ट्रांसफर कर दी गई है।
भोजपुर थाने में 25 जुलाई को रुस्तमपुर निवासी किसान गजराम की पत्नी ओमवती की तहरीर पर हसनुपर के तत्कालीन कोतवाल डीके शर्मा, दरोगा जसवीर सिंह, सिपाही सूरजभान और दो अन्य पुलिस कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस कर्मियों पर आरोप था कि उन्होंने किसान गजराम को जबरन उठाकर अवैध हिरासत में रखा। उसकी कार में रखे 38 हजार रुपये छीन लिए। थाने में उसके साथ मारपीट की और फिर उसे छोड़ने की एवज में परिजनों से 1.10 लाख रुपये वसूल किए। शिकायत मिलने के बाद पुलिस अफसरों ने इसकी आंतरिक जांच कराई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोपों में दम नजर आने के बाद भोजपुर थाने में 25 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया था। मुकदमा दर्ज होने के बाद अमरोहा एसपी ने इंस्पेक्टर डीके शर्मा को लाइन हाजिर कर दिया था।
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इस बीच कथित रूप से इंस्पेक्टर डीके शर्मा का एक आला पुलिस अफसर को भेजा गया व्हाट्सएप संदेश पुलिस महकमे में चर्चाओं में है। सोशल साइट्स पर भी यह संदेश घूम रहा है। इंस्पेक्टर डीके शर्मा का कहना है कि उन्होंने किसी पुलिस अधिकारी को न तो कोई संदेश भेजा है और न ही माफी मांगी है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आने वाले दिनों में मुकदमे में फंसे सभी पुलिस कर्मियों को राहत मिल सकती है। हालांकि विवेचना बदलने का कारण भोजपुर में इंस्पेक्टर रैंक के अधिकारी की तैनाती नहीं होना बताया जा रहा है।
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