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मूंढापांडे ब्लाक प्रमुखी प्रकरण: बीस दिन से लापता बीडीसी मेंबर की मौत
Updated Thu, 15 Jun 2017 02:39 AM IST
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मूंढापांडे ब्लाक प्रमुखी प्रकरण
मूंढापांडे ब्लाक के बीडीसी मेंबर की मौत पर सियासत
- पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने लगाया हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
मूंढापांडे ब्लाक प्रमुख के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से महज दो दिन पहले ब्लॉक के एक बीडीसी मेंबर की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हालांकि इस मौत पर बीडीसी मेंबर के परिजनों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है लेकिन भाजपा नेता और पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने आरोप लगाया है कि बीडीसी कृपाली पिछली 24 मई से भाजपा नेता रामवीर व ललित कौशिक की कस्टडी में था और उसकी हत्या की गई है।
मूंढापांडे के गांव दौलतपुर अजमतपुर निवासी बीडीसी मेंबर कृपाली सिंह पुत्र पीतांबर सिंह की बुधवार को अचानक मौत की खबर आई तो सियासी हल्कों में इस मौत को अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई तो पुलिस - प्रशासन ने भी अपनी ओर से मामले में कोई दखल नहीं दिया। लेकिन मेजर जेपी सिंह ने खुलेआम आरोप लगाए कि कृपाली को बंधक बनाकर रखा गया था और हल्द्वानी में उसकी हत्या हुई है। मेजर ने पूरा दिन पुलिस - प्रशासनिक अफसरों को फोन घुमाए लेकिन अफसरों ने परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिलने का तर्क देकर मेजर की दरख्वास्त खारिज कर दी।
बंधक था कृपाली, हत्या की गई: मेजर
मुरादाबाद।
भाजपा नेता और पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने आरोप लगाया है कि बीडीसी मेंबर कृपाली सिंह पिछली 24 मई से भाजपा नेता रामवीर सिंह और ललित कौशिक की कस्टडी में था। 24 मई को ललित कौशिक ने उसे दावत के बहाने अपने घर बुलाया था और बंधक बना लिया था। पूर्व विधायक का आरोप है कि इसके बाद से ही कृपाली को हल्द्वानी में बंधक बनाकर रखा गया था। 17 जून को मूंढापांडे ब्लॉक में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है लिहाजा कृपाली को बंधक बनाकर लगातार टार्चर किया जा रहा था। कस्टडी में ही हल्द्वानी में उसकी हत्या कर दी गई और शव को यहां लाकर फूंक दिया गया। पुलिस - प्रशासन इस हत्या पर तमाशबीन बना है। मेजर का आरोप है कि कृपाली के परिजनों को भी भाजपा नेता रामवीर सिंह और ललित कौशिक ने बंधक बना रखा है। कृपाली के परिजनों को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पूर्व विधायक ने मांग की है कि प्रशासन अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग को तुरंत स्थगित करे और कृपाली को परिजनों को अपने समक्ष बुलाकर पूरे घटनाक्रम से पर्दा हटाए। मेजर ने मांग की है कि कृपाली की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
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हार्ट अटैक से हुई मौत: ललित
मुरादाबाद।
मूंढापांडे ब्लाक प्रमुखी पर दावा ठोंक रहे ललित कौशिक का कहना है कि बीडीसी मेंबर कृपाली की मौत हार्ट अटैक से उसके घर पर हुई है। उन्हाेंने अपने और भाजपा नेता रामवीर के ऊपर लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मेजर जेपी सिंह जैसे लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। यदि कृपाली कहीं बंधक होता या उसकी हत्या हुई होती तो उसके घर वाले इसकी शिकायत करते। लेकिन घर वालों ने किसी से कोई शिकायत नहीं की है, मेजर जेपी सिंह ने बेवजह सियासी अदावत निकाल रहे हैं।
सूचना मिलती तो कराते जांच: एसएसपी
मुरादाबाद।
बीडीसी मेंबर कृपाली की मौत पर एसएसपी मनोज कुमार तिवारी का कहना है कि उन्हें किसी ने इस बारे में कोई सूचना नहीं दी। यदि परिजनों की ओर से शिकायत मिलती तो पुलिस जरूर कार्रवाई करती। इतना पता चला है कि बीडीसी मेंबर की मौत हार्ट अटैक से हुई है। यदि ऐसा है तो यह स्वाभाविक मौत है और इसमें पुलिस का कोई रोल नहीं बनता।
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मूंढापांडे ब्लाक के बीडीसी मेंबर की मौत पर सियासत
- पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने लगाया हत्या का आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद।
मूंढापांडे ब्लाक प्रमुख के खिलाफ आए अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग से महज दो दिन पहले ब्लॉक के एक बीडीसी मेंबर की बुधवार को संदिग्ध हालात में मौत हो गई। हालांकि इस मौत पर बीडीसी मेंबर के परिजनों ने पूरी तरह चुप्पी साध रखी है लेकिन भाजपा नेता और पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने आरोप लगाया है कि बीडीसी कृपाली पिछली 24 मई से भाजपा नेता रामवीर व ललित कौशिक की कस्टडी में था और उसकी हत्या की गई है।
मूंढापांडे के गांव दौलतपुर अजमतपुर निवासी बीडीसी मेंबर कृपाली सिंह पुत्र पीतांबर सिंह की बुधवार को अचानक मौत की खबर आई तो सियासी हल्कों में इस मौत को अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग से जोड़कर देखा जाने लगा। हालांकि परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं आई तो पुलिस - प्रशासन ने भी अपनी ओर से मामले में कोई दखल नहीं दिया। लेकिन मेजर जेपी सिंह ने खुलेआम आरोप लगाए कि कृपाली को बंधक बनाकर रखा गया था और हल्द्वानी में उसकी हत्या हुई है। मेजर ने पूरा दिन पुलिस - प्रशासनिक अफसरों को फोन घुमाए लेकिन अफसरों ने परिजनों की ओर से कोई शिकायत नहीं मिलने का तर्क देकर मेजर की दरख्वास्त खारिज कर दी।
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बंधक था कृपाली, हत्या की गई: मेजर
मुरादाबाद।
भाजपा नेता और पूर्व विधायक मेजर जेपी सिंह ने आरोप लगाया है कि बीडीसी मेंबर कृपाली सिंह पिछली 24 मई से भाजपा नेता रामवीर सिंह और ललित कौशिक की कस्टडी में था। 24 मई को ललित कौशिक ने उसे दावत के बहाने अपने घर बुलाया था और बंधक बना लिया था। पूर्व विधायक का आरोप है कि इसके बाद से ही कृपाली को हल्द्वानी में बंधक बनाकर रखा गया था। 17 जून को मूंढापांडे ब्लॉक में अविश्वास प्रस्ताव पर वोटिंग होनी है लिहाजा कृपाली को बंधक बनाकर लगातार टार्चर किया जा रहा था। कस्टडी में ही हल्द्वानी में उसकी हत्या कर दी गई और शव को यहां लाकर फूंक दिया गया। पुलिस - प्रशासन इस हत्या पर तमाशबीन बना है। मेजर का आरोप है कि कृपाली के परिजनों को भी भाजपा नेता रामवीर सिंह और ललित कौशिक ने बंधक बना रखा है। कृपाली के परिजनों को किसी से मिलने नहीं दिया जा रहा है। पूर्व विधायक ने मांग की है कि प्रशासन अविश्वास प्रस्ताव की वोटिंग को तुरंत स्थगित करे और कृपाली को परिजनों को अपने समक्ष बुलाकर पूरे घटनाक्रम से पर्दा हटाए। मेजर ने मांग की है कि कृपाली की हत्या का मुकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
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हार्ट अटैक से हुई मौत: ललित
मुरादाबाद।
मूंढापांडे ब्लाक प्रमुखी पर दावा ठोंक रहे ललित कौशिक का कहना है कि बीडीसी मेंबर कृपाली की मौत हार्ट अटैक से उसके घर पर हुई है। उन्हाेंने अपने और भाजपा नेता रामवीर के ऊपर लग रहे आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि मेजर जेपी सिंह जैसे लोग बेवजह मामले को तूल दे रहे हैं। यदि कृपाली कहीं बंधक होता या उसकी हत्या हुई होती तो उसके घर वाले इसकी शिकायत करते। लेकिन घर वालों ने किसी से कोई शिकायत नहीं की है, मेजर जेपी सिंह ने बेवजह सियासी अदावत निकाल रहे हैं।
सूचना मिलती तो कराते जांच: एसएसपी
मुरादाबाद।
बीडीसी मेंबर कृपाली की मौत पर एसएसपी मनोज कुमार तिवारी का कहना है कि उन्हें किसी ने इस बारे में कोई सूचना नहीं दी। यदि परिजनों की ओर से शिकायत मिलती तो पुलिस जरूर कार्रवाई करती। इतना पता चला है कि बीडीसी मेंबर की मौत हार्ट अटैक से हुई है। यदि ऐसा है तो यह स्वाभाविक मौत है और इसमें पुलिस का कोई रोल नहीं बनता।