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गैंग के जाल में फंस गए इतने अभ्यर्थी कि कम पड़ गए साल्वर
Updated Thu, 22 Nov 2018 02:28 AM IST
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मुरादाबाद।
एसटीएफ की गिरफ्त में आए टीईटी सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास कराने के नाम पर सैकड़ों अभ्यर्थियों को जाल में फंसा लिया था। इनके पास पेपर सॉल्व कराने के लिए अधिक संख्या में अभ्यर्थियों के आने के कारण सॉल्वर ही कम पड़ गए थे। जांच में खुलासा हुआ है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गैंग को संचालित कर रहे राकेश सिंह और उसके साथियों ने कोचिंग सेंटरों पर जाकर परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया। उन्हें भरोसे में लिया था कि वह परीक्षा में पास कराने से लेकर नियुक्ति पत्र तक दिलाएंगे।
रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षा के लिए मुरादाबाद में 31 केंद्र बनाए गए थे। एसटीएफ बरेली यूनिट के इंस्पेक्टर अजयपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने मुरादाबाद में छापेमारी कर इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जबकि एक आरोपी राकेश बिजनौर से पकड़ा गया। बिहार निवासी मिथलेश और सिप्पू मुरादाबाद निवासी सचिन और जितेंद्र के अलावा जालौन निवासी विपिन व कानपुर सौरभ अस्थाना और पांच फरार आरोपियों के खिलाफ मझोला थाने में केस दर्ज किया गया था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें दबिश दे रहीं हैं। इस गैंग के पकड़े जाने के बाद सॉल्वर गैंग को रकम देने वाले में खलबली मची हुई है। मझोला इंस्पेक्टर सुनील यादव ने बताया कि नामजद फरार आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रहीं हैं। जांच में अन्य नामों के खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।
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एसटीएफ की गिरफ्त में आए टीईटी सॉल्वर गैंग ने परीक्षा पास कराने के नाम पर सैकड़ों अभ्यर्थियों को जाल में फंसा लिया था। इनके पास पेपर सॉल्व कराने के लिए अधिक संख्या में अभ्यर्थियों के आने के कारण सॉल्वर ही कम पड़ गए थे। जांच में खुलासा हुआ है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में गैंग को संचालित कर रहे राकेश सिंह और उसके साथियों ने कोचिंग सेंटरों पर जाकर परीक्षा की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अपने जाल में फंसाया। उन्हें भरोसे में लिया था कि वह परीक्षा में पास कराने से लेकर नियुक्ति पत्र तक दिलाएंगे।
रविवार को शिक्षक पात्रता परीक्षा के लिए परीक्षा के लिए मुरादाबाद में 31 केंद्र बनाए गए थे। एसटीएफ बरेली यूनिट के इंस्पेक्टर अजयपाल सिंह के नेतृत्व में टीम ने मुरादाबाद में छापेमारी कर इस गिरोह के छह सदस्यों को गिरफ्तार किया था। जबकि एक आरोपी राकेश बिजनौर से पकड़ा गया। बिहार निवासी मिथलेश और सिप्पू मुरादाबाद निवासी सचिन और जितेंद्र के अलावा जालौन निवासी विपिन व कानपुर सौरभ अस्थाना और पांच फरार आरोपियों के खिलाफ मझोला थाने में केस दर्ज किया गया था। फरार आरोपियों की तलाश में पुलिस और एसटीएफ की टीमें दबिश दे रहीं हैं। इस गैंग के पकड़े जाने के बाद सॉल्वर गैंग को रकम देने वाले में खलबली मची हुई है। मझोला इंस्पेक्टर सुनील यादव ने बताया कि नामजद फरार आरोपियों की तलाश में टीमें दबिश दे रहीं हैं। जांच में अन्य नामों के खुलासा होने की पूरी उम्मीद है।
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