Moradabad: प्रधान समेत चार की हत्या में दोषियों को आज मिल सकती है सजा, चुनावी रंजिश में खत्म किया था परिवार
संभल में सात साल पहले चुनावी रंजिश के चलते महिला प्रधान और उनके दो बेटे और पति की हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने इस मामले चार्जशीट दाखिल की थी। कोर्ट ने हत्याकांड में शामिल चार लोगों को दोषी माना था। उन्हें आज सजा सुनाई जा सकती है।
विस्तार
सात साल पहले संभल जनपद के छावड़ा गांव की प्रधान शकुंतला, उनके दो बेटे सुनील, सुशील और पति विशम्बर सिंह की हत्या के मामले में अदालत ने सजा के बिंदु पर बहस सुनने के बाद आदेश सुरक्षित रख लिया है। अतिरिक्त जिला शासकीय अधिवक्ता मनीष भटनागर और सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता गुल बहार सिंह ने बताया कि संभल के कुढ़फतेहगढ़ में छावड़ा गांव की प्रधान शुकंतला की बेटी रुचि ने 9 नवंबर 2016 को मुकदमा दर्ज कराया था।
जिसमें बताया था कि गांव के ही रहने वाले अमन, गोविंदा, महेश, सुरेश, गुड्डू, प्रियंका, कृष्णपाल, विपिन, डब्लू, विपिन उर्फ पवन, दुष्यंत, तालेवर, और एक नाबालिग आरोपी ने मिलकर घर पर धावा बोल दिया था। रुचि ने बताया था कि आरोपियों ने चुनाव रंजिश में उसकी मां प्रधान शकुंतला, दो भाई सुनील, सुशील और पिता विशम्बर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी थी।
इस मुकदमे को एडीजे कोर्ट संख्या तीन सरोज यादव की अदालत में सुना गया। अदालत ने इस मामले में चार आरोपियों को चार हत्याओं का दोषी करार दिया था और छह आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में रिहा कर दिया था, जबकि दो आरोपियों की मुकदमे के दौरान मृत्यु हो चुकी है। बृहस्पतिवार को अदालत ने सजा के बिंदु को सुना और आदेश सुरक्षित रख लिया है।
दोनों पक्षों के लोग करते रहे फैसले का इंतजार
दोनों पक्षों के लोग बृहस्पतिवार सुबह ही कचहरी पहुंच गए थे। वह कोर्ट के बाहर फैसले के आदेश का इंतजार करते रहे। वादी पक्ष की ओर कौशल चौहान ने बताया कि वह अदालत के आदेश को अपने सामने होता देखना चाहते हैं। इस आदेश का उन्हें पिछले सात साल से इंतजार है। उन्होंने कहा कि घटना के विषय में सोचते हुए ही अंदर से रूह कांप जाती है। मेरे परिवार के चार लोगों की हत्या कर दी गई थी। आरोपी पक्ष के लोग भी कचहरी में मौजूद रहे। बृहस्पतिवार को फैसला नहीं आने के कारण दोनों पक्ष लौट गए।
इनको ठहराया गया है दोषी
इस मामले में अदालत ने कृष्णपाल उर्फ केपी, महेश, सुरेश, विपिन उर्फ पवन को हत्या का दोषी पाया है। वहीं अदालत ने गोविंदा, दुष्यंत, अमन, प्रियंका, विपिन, डब्ल्यू को साक्ष्य के अभाव में दोष मुक्त किया है। मुकदमे का एक आरोपी नाबालिग होने के कारण उसकी फाइल किशोर बोर्ड को भेजी गई है। मुकदमे की सुनवाई के दौरान दो आरोपी तालेवर और गुड्डू की मृत्यु हो चुकी है।