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युवतियों की खरीद फरोख्त में छह को दस-दस साल कैद
मुरादाबाद/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 29 May 2018 02:04 AM IST
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कोर्ट ने दी सजा
- फोटो : demo pic
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बिलारी के चार साल पुराने युवतियों की खरीद फरोख्त के मामले में अदालत ने महिला समेत सात मुलजिमों को दोषी करार देते हुए दस- दस साल की कैद की सजा और प्रत्येक पर दस-दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। पीड़ित युवतियां पश्चिम बंगाल और उन्नाव की रहने वाली हैं।
बिलारी थाने में 27 अगस्त 2014 कांस्टेबल मोरध्वज ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि ग्राम तुरखेड़ा में मुकेश के घर में दो लड़कियां बाहर से लाई गई हैं। जिन्हें शादी के लिए मजबूर किया जा रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों लड़कियां मौजूद थी। जिन्होंने बताया कि वह उन्नाव व पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। दोनाें को 23000 - 23000 हजार रुपये में खरीदा गया था और अब जबरदस्ती हमारी शादी बिना हमारी मर्जी के कराई जा रही है।
इस मामले में शिवचरन, मुकेश, नजीम , इस्माइल, पप्पू , सलीम, जयपाल उर्फ मामा और इनकी एक महिला साथी को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की थी। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में सुनाई हुई। जिनको अदालत ने लड़कियों को अगवा करने व बेचने के आरोप में दोषी करार देते हुए प्रत्येक को दस-दस साल के कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर दस दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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उक्त मामले में सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया की जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।
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बिलारी थाने में 27 अगस्त 2014 कांस्टेबल मोरध्वज ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि ग्राम तुरखेड़ा में मुकेश के घर में दो लड़कियां बाहर से लाई गई हैं। जिन्हें शादी के लिए मजबूर किया जा रहा है। पुलिस मौके पर पहुंची तो दोनों लड़कियां मौजूद थी। जिन्होंने बताया कि वह उन्नाव व पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं। दोनाें को 23000 - 23000 हजार रुपये में खरीदा गया था और अब जबरदस्ती हमारी शादी बिना हमारी मर्जी के कराई जा रही है।
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इस मामले में शिवचरन, मुकेश, नजीम , इस्माइल, पप्पू , सलीम, जयपाल उर्फ मामा और इनकी एक महिला साथी को आरोपी बनाया गया था। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट अदालत में पेश की थी। इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट प्रथम संध्या चौधरी की अदालत में सुनाई हुई। जिनको अदालत ने लड़कियों को अगवा करने व बेचने के आरोप में दोषी करार देते हुए प्रत्येक को दस-दस साल के कारावास की सजा के साथ प्रत्येक पर दस दस हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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उक्त मामले में सरकार की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता रेशमा बेगम ने पक्ष रखा। जिन्होंने बताया की जुर्माने की आधी धनराशि पीड़िता को दी जाएगी।