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नाबालिग का शारीरिक शोषण करने पर सात साल कारावास
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Fri, 27 Nov 2015 06:37 PM IST
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शादी का झांसा देकर नाबालिग लड़की का शारीरिक शोषण करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए अदालत ने उसे सात साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। मजिस्ट्रेट के सामने दिए बयान में नाबालिग ने अपहरणकर्ता पर बलात्कार का आरोप लगाया था। जिसकी मेडिकल में पुष्टि हुई थी। अपहरण और दुष्कर्म की धाराओं में ट्रायल हुआ।
चंदौसी के थाना बनियाठेर निवासी हरज्ञान पुत्र रमेश कश्यप के खिलाफ गांव के ही एक व्यक्ति ने 19 अक्तूबर 2012 को अपनी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट बनियाठेर थाने में दर्ज कराई थी। करीब एक माह बाद किशोरी को बरामद किया गया था।
धारा 164 में उसका बयान कराया गया तो नाबालिग ने बताया था कि शादी का झांसा देकर युवक उसको ले गया था। 25 दिन उसे अपने पास रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता धर्मेन्द्र सिंह ने तथा अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी विनोद सिंह ने पैरवी की।
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न्यायाधीश मनोज अग्रवाल ने हरज्ञान को अपहरण की धारा 363 और 366 और दुष्कर्म की धाराओं में कुल सात साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।
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चंदौसी के थाना बनियाठेर निवासी हरज्ञान पुत्र रमेश कश्यप के खिलाफ गांव के ही एक व्यक्ति ने 19 अक्तूबर 2012 को अपनी 15 वर्षीय बेटी को बहला फुसलाकर ले जाने की रिपोर्ट बनियाठेर थाने में दर्ज कराई थी। करीब एक माह बाद किशोरी को बरामद किया गया था।
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धारा 164 में उसका बयान कराया गया तो नाबालिग ने बताया था कि शादी का झांसा देकर युवक उसको ले गया था। 25 दिन उसे अपने पास रखा और उसके साथ दुष्कर्म किया। वादी पक्ष की ओर से अधिवक्ता धर्मेन्द्र सिंह ने तथा अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी विनोद सिंह ने पैरवी की।
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न्यायाधीश मनोज अग्रवाल ने हरज्ञान को अपहरण की धारा 363 और 366 और दुष्कर्म की धाराओं में कुल सात साल के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। दोषी को न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है।