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प्रथमा बैंक के जीएम और मैनेजर पर कोर्ट केस
ब्यूरो/ अमर उजाला मुरादाबाद
Updated Fri, 11 Dec 2015 08:56 PM IST
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प्रथमा बैंक मुरादाबाद के महाप्रबंधक और गांधीनगर शाखा के शाखा प्रबंधक के खिलाफ सीजेएम कोर्ट में परिवाद दायर किया गया है। कोर्ट ने सुनवाई के लिए आठ जनवरी 2016 की तारीख तय की है। बुद्घि विहार निवासी सूर्य नारायण पुत्र भुवनेश्वर प्रसाद की ओर से यह याचिका मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में दाखिल की गई थी जिसे अदालत ने परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है।
याचिका में सूर्य नारायण का आरोप है कि प्रथमा बैंक की गांधीनगर शाखा ने पवन कुमार नामक व्यक्ति को दो लाख रुपये का ऋण दिया था। सूर्य नारायण ने अपनी भू-संपत्ति के अभिलेख बतौर गारंटर बैंक के पास रखे थे। उसके बाद जब वह भू-संपत्ति के अभिलेख लेने गए तो तत्कालीन शाखा प्रबंधक जो मौजूदा समय में शाखा अक्का डिलारी की शाखा प्रबंधक हैं, ने ऋण की पूर्ण अदायगी के बाद अभिलेख देने की बात कही थी।
इस पर सूर्य नारायण ने पवन कुमार के जरिए पूरा ऋण मय ब्याज के जमा करा दिया था। सूर्य नारायण का आरोप है कि इसके बाद जब वह अपने कागजात लेने गए तो बैंक से जानकारी मिली कि उनके अभिलेख किसी सुभाष नामक व्यक्ति के ऋण गारंटी के तौर पर रखे गए हैं।
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सूर्य नारायण ने ऐसे किसी भी व्यक्ति के ऋण में गारंटर होने की बात से इनकार किया। इसकी शिकायत जीएम से भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सूर्य नारायण ने सीजेएम अदालत में याचिका दायर कर थाना गलशहीद में धोखाधड़ी सहित तमाम अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराए जाने की गुहार लगाई थी।
सीजेएम निशा श्रीवास्तव ने प्रकरण को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। महाप्रबंधक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर करते हुए दोनों पक्षों को आठ जनवरी 2016 को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए हैं।
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याचिका में सूर्य नारायण का आरोप है कि प्रथमा बैंक की गांधीनगर शाखा ने पवन कुमार नामक व्यक्ति को दो लाख रुपये का ऋण दिया था। सूर्य नारायण ने अपनी भू-संपत्ति के अभिलेख बतौर गारंटर बैंक के पास रखे थे। उसके बाद जब वह भू-संपत्ति के अभिलेख लेने गए तो तत्कालीन शाखा प्रबंधक जो मौजूदा समय में शाखा अक्का डिलारी की शाखा प्रबंधक हैं, ने ऋण की पूर्ण अदायगी के बाद अभिलेख देने की बात कही थी।
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इस पर सूर्य नारायण ने पवन कुमार के जरिए पूरा ऋण मय ब्याज के जमा करा दिया था। सूर्य नारायण का आरोप है कि इसके बाद जब वह अपने कागजात लेने गए तो बैंक से जानकारी मिली कि उनके अभिलेख किसी सुभाष नामक व्यक्ति के ऋण गारंटी के तौर पर रखे गए हैं।
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सूर्य नारायण ने ऐसे किसी भी व्यक्ति के ऋण में गारंटर होने की बात से इनकार किया। इसकी शिकायत जीएम से भी की गई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब सूर्य नारायण ने सीजेएम अदालत में याचिका दायर कर थाना गलशहीद में धोखाधड़ी सहित तमाम अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराए जाने की गुहार लगाई थी।
सीजेएम निशा श्रीवास्तव ने प्रकरण को परिवाद के रूप में दर्ज करने का आदेश दिया है। महाप्रबंधक और शाखा प्रबंधक के खिलाफ परिवाद दायर करते हुए दोनों पक्षों को आठ जनवरी 2016 को न्यायालय में पेश होने के आदेश दिए हैं।