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पंचायत चुनाव : पहले पायदान पर भ्रष्टाचार, ब्लैक में खरीदना पड़ा नामांकन पत्र 

Sat, 03 Apr 2021 11:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद
अमर उजाला नेटवर्क, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 03 Apr 2021 11:54 AM IST
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Corruption comes first even before the panchayat elections
पंचायत चुनाव। - फोटो : amar ujala

पंचायत चुनाव के पहले पायदान पर ही प्रत्याशियों को भ्रष्टाचार का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार को ब्लॉक सदर में एक सौ रुपये से दो सौ रुपये अधिक कीमत में नामांकन पत्र बिके। ड्यूटी पर लगे कर्मचारी कह रहे थे कि छुट्टी के दिन काम कर रहे हैं, इसलिए इतने में ही नामांकन पत्र मिलेगा।

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मुरादाबाद में तीसरे चरण में पंचायत चुनाव के लिए मतदान होना है। इसके लिए 13 अप्रैल से नामांकन पत्र भरे जाएंगे। नामांकन पत्रों की बिक्री ब्लॉकों में शुरू हो गई है। निर्वाचन आयोग के निर्देश हैं कि चुनाव प्रक्रिया अवकाश के दिनों में भी जारी रहेगी। इसी के तहत शुक्रवार को गुड फ्राइडे की छुट्टी होने के बाद भी नामांकन पत्रों की बिक्री जारी रही। सुबह से ही दूर दराज की पंचायतों से लोग नामांकन पत्र लेने आ रहे थे, लेकिन यहां कर्मचारियों ने छुट्टी पर काम करने का बहाना बनाकर नामांकन पत्र ब्लैक में बेच दिए।
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शुक्रवार को ब्लॉक सदर में ढाई सौ वाला नामांकन पत्र 350 रुपये में, जबकि 150 रुपये वाला 300 रुपये तक में बिका। शुक्रवार को ब्लॉक कर्मचारियों ने कहा कि छुट्टी के दिन काम कर रहे हैं, इसलिए नामांकन पत्र इतने का ही लेना पड़ेगा। इस बाबत अधिकांश लोगों ने कहा कि छुट्टी के दिन भी नामांकन पत्र मिल रहे हैं, 100-200 रुपये में क्या होता है।
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वहीं कुछ लोगों ने ब्लैक में बिक रहे नामांकन पत्रों की शिकायत बीडीओ से की है। हालांकि ब्लॉक सदर के प्रभारी खंड विकास अधिकारी सुनील सिंह ने नामांकन पत्रों की बिक्री ब्लैक में होने की जानकारी से इनकार किया है। साथ ही कहा है कि यदि मामले की शिकायत मिलेगी तो वह जांच कर कार्रवाई करेंगे।

नामांकन पत्रों की निर्धारित राशि ही दें प्रत्याशी : डीएम
जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह ने कहा है कि पंचायत चुनाव के नामांकन पत्रों की कीमतें ब्लॉक कार्यालय और नामांकन पत्र बिक्री स्थल पर चस्पा कराई गई हैं। यदि कोई कर्मचारी अधिक कीमत मांगता है तो प्रत्याशी उसकी शिकायत करें और निर्धारित राशि में ही नामांकन पत्र खरीदें। यदि नामांकन पत्रों को अधिक कीमत पर बेचने का मामला सही पाया गया तो संबंधित कर्मचारी को बख्शा नहीं जाएगा।


नामांकन पत्रों का मूल्य, जमानत राशि और अधिकतम व्यय (रुपये में)
पद                  नामांकन पत्र राशि     जमानत राशि   अधिकतम व्यय
सदस्य ग्राम पंचायत    150                   500           10,000
प्रधान ग्राम पंचायत     300                  2000          75,000
सदस्य क्षेत्र पंचायत    300                   2000          75,000
सदस्य जिला पंचायत  500                   4000        1,50,000


 

कंप्यूटर सेंटर से 300-300 रुपये में मतदाता सूची बेचने के खेल का खुलासा

कुंदरकी ब्लॉक कार्यालय में प्रत्याशियों को प्रमाणित मतदाता सूची उपलब्ध नहीं हो रही जबकि कंप्यूटर सेंटर पर ये 300 रुपये में गैर कानूनी ढंग से बेची जा रही है। कुंदरकी ब्लॉक से प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे भाकियू नेता की शिकायत पर प्रशासन ने एसडीएम और पुलिस बल भेजकर कुंदरकी में ब्लॉक कार्यालय के सामने एक कंप्यूटर सेंटर में छापा डाला तो इस खेल का खुलासा हो गया। कंप्यूटर सेंटर से 300 रुपये में मतदाता सूची बेची जा रही थी। सेंटर से कंप्यूटर, लैपटॉप , प्रिंटर आदि सीज कर दिए गए। संचालक को पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। देर रात तक कार्रवाई चल रही थी।

अपर जिलाधिकारी प्रशासन सुरेंद्र सिंह के अनुसार भाकियू के मंडल उपाध्यक्ष प्रदीप त्यागी ने व्हाट्सएप पर शिकायत भेजकर बताया कि वह कुंदरकी ब्लॉक की आजमनगर चोपड़ा ग्राम पंचायत से प्रधान पद का चुनाव लड़ रहे हैं । आरोप है कि जब वह कुंदरकी ब्लॉक कार्यालय से प्रमाणित मतदाता सूची लेने गए तो मतदाता सूची नहीं दी गई। एक कर्मचारी ने उन्हें ब्लॉक कार्यालय के बाहर सुनील के कंप्यूटर सेंटर से सूची लेने को कहा। वह कंप्यूटर सेंटर पर सूची लेने गया तो वहां 300 रुपये में मतदाता सूची दी गई। 

भाकियू नेता ने आरोप लगाया कि ब्लॉक कार्यालय कर्मियों की मिली भगत से ही ये खेल चल रहा है। जानबूझकर लोगों को मतदाता सूची नहीं दी जा रही ताकि  चुनाव लड़ने की मजबूरी में वह बाहर से मोटी रकम में भी इसे खरीदें। एडीएम के अनुसार इस शिकायत पर उन्होंने एसडीएम बिलारी प्रबुद्ध सिंह को पुलिस बल के साथ कंप्यूटर सेंटर पर छापा डलवाया। 

एसडीएम प्रबुद्घ सिंह ने बताया कि कंप्यूटर सेंटर के संचालक ने ग्राम पंचायतों की मतदाता सूचियों की किसी तरह से पीडीएफ हासिल कर ली और वह  प्रत्येक ग्राम पंचायत की मतदाता सूची को तीन तीन सौ रुपये लेकर बेच रहा है। इसी शिकायत पर ये कार्रवाई हुई है। वो अपने सेंटर पर सरकारी रिकार्ड का दुरुपयोग करता मिला है। कंप्यूटर सेंटर से कंप्यूटर लैपटॉप, प्रिंटर आदि को जब्त कर लिया गया है। आरोपी सेँटर संचालक को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।

जांच में लपेटे में आ सकते हैं कई
अपर जिलाधिकारी प्रशासन सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सरकारी विभाग से ही प्रमाणित मतदाता सूची ली जा सकती है। बाजार में इस तरह इसकी बिक्री नहीं हो सकती। जिले में मतदाता सूची आदि तैयार करने का काम प्राइवेट संस्था के माध्यम से कराया जा रहा है। इस मामले में मतदाता सूची की पीडीएफ लीक करने में इसी संस्था के एक कर्मचारी का नाम संज्ञान में आ रहा है। इस तरह सरकारी रिकॉर्ड को लीक करना गैर कानूनी है। पुलिस स्तर से भी कंप्यूटर संचालक से पूछताछ की जाएगी । पूछताछ में भी इस कार्य में लिप्त लोगों के नाम
प्रकाश में आएंगे। इन सबके खिलाफ कार्रवाई होगी।

प्रत्याशियों की मजबूरी का फायदा उठा रहे
नियमानुसार चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी का नाम मतदाता सूची में होना चाहिए। मतदाता सूची को वह अपने नामांकन फार्म के साथ लगाते हैं। नियमानुसार ये सूची ब्लॉक कार्यालय या निर्वाचन कार्यालय आदि सरकारी विभाग से ही ली जा सकती है लेकिन सरकारी विभागों में इस सूची को जानबूझकर नहीं दिया जाता और सेटिंग से इसे किसी स्टेशनरी या कंप्यूटर सेंटर वाले के यहां उपलब्ध करा दी जाती है और वहां से इसे लेकर के लिए प्रत्याशियों को कह दिया जाता है। चुनाव लड़ने की मजबूरी में प्रत्याशी मुंह मांगी रकम देकर इस सूची को लेते हैं और इस खेल में लाखों के वारे न्यारे होते हैं।

खेल का खुलासा होते ही आ गई मतदाता सूची
इस खेल का खुलासा होते ही ब्लॉक कार्यालय में मतदाता सूची आने का दावा अधिकारी करने लगे। सहायक विकास अधिकारी पंचायत द्विजेंद्र सिंह ने बताया कि शुक्रवार की शाम में कुंदरकी ब्लाक कार्यालय पर मतदाता सूचियां आ गई है जिनको जांच करने के बाद सोमवार से उम्मीदवार को उपलब्ध करा दी जाए । एडीओ ने दावेदारों से कहा है कि वह बाहर से मतदाता सूचियां न खरीदें बल्कि प्रमाणित मतदाता सूचियां ही ब्लाक कार्यालय से लें।

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