{"_id":"5e615d168ebc3eeb3a279f3d","slug":"corona-city-news-mbd342319040","type":"story","status":"publish","title_hn":"विदेश से आने वाले हर शख्स की होगी स्क्रीनिंग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
विदेश से आने वाले हर शख्स की होगी स्क्रीनिंग
विज्ञापन
मुरादाबाद। कोरोना वायरस की दहशत बरकरार है। चीन और ईरान ही नहीं अब दुनिया के किसी भी देश से स्वदेश लौटने वाले हर यात्री की स्क्रीनिंग की जाएगी। एयरपोर्ट से जारी होने वाली सूची के आधार पर स्वास्थ्य विभाग की टीमें स्वदेश लौटने वाले यात्रियों के घर दस्तक देगी और उनका स्वास्थ्य परीक्षण करेगी। संदिग्ध होने पर सैंपल लिए जाएंगे। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद, सहारनपुर और मेरठ मंडल के संदिग्ध मरीजों के सैंपल राष्ट्रीय संक्रामक रोग संस्थान दिल्ली (एनआईसीडी) भेजे जाएंगे।
गुरुवार को राहत आयुक्त और संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कोरोना को लेकर सतर्कता बरतने के साथ आम लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच के लिए देश भर में लैबों की संख्या 12 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में केजीएमसी लखनऊ के अलावा बीएचयू वाराणसी में लैब शुरू हो गई है। मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर में यदि कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो सैंपल एनआईसीडी दिल्ली भेजे जाएंगे। बाकी मंडलों के सैंपल केजीएमसी और बीएचयू भेजे जाएंगे। सैंपल लेने के साथ मरीज को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया किया जाएगा। मरीज के दो सैंपल निगेटिव आने तक उसे भर्ती रखा जाएगा।
राहत आयुक्त संजय गोयल ने कहा कि अभी तक चीन, ईरान और थाइलैंड से आने वाले यात्रियों की ही निगरानी हो रही थी। लेकिन अब इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले हर यात्री की स्क्रीनिंग होगी। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों की सूची जिलों को भेजी जाएगी। जिले से स्वास्थ्य विभाग की टीम यात्रियों के घर जाएगी और उनका परीक्षण करेगी। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीजों की निगरानी, सैंपल लेने और उसकी पैकिंग की जानकारी के साथ अस्पताल की सफाई पर जोर दिया। दोपहर एक बजे से अपराह्न चार बजे तक वीडियो कांफ्रेंसिंग चली। इसमें जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के अलावा सीएमओ डा. एमसी गर्ग, डिस्ट्रिक्ट एपिडेमिलोजिस्ट अजीजउर रहमान, सीएमएस डा. कल्पना सिंह, डा. ज्योत्सना पंत, डा. मधु शेखर, आईएमए अध्यक्ष डा. अजय अरोड़ा, नर्सिंग होम एसोसिएशन अध्यक्ष डा. रवि गांगल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इंफ्रारेड थर्मामीटर गन की उठी मांग
वीडियो कांफ्रेंसिंग में कई जिलों के सीएमओ ने मास्क, इंफ्रारेड थर्मामीटर गन की खपत और उपलब्धता को लेकर सवाल पूछे। अधिकतर जिलों में मास्क और सैंपल किट उपलब्ध हैं, लेकिन इंफ्रारेड थर्मामीटर गन नहीं हैं। राहत आयुक्त ने कहा कि इंफ्रारेड थर्मामीटर गन की उपलब्धता कराई जाएगी। चीन समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण के मरीजों का बुखार चेक करने के लिए इस गन का इस्तेमाल हो रहा है। गन में शक्तिशाली सेंसर हैं, जो त्वचा को टक किए बगैर ही बुखार को मापने में सबसे कारगर है।
विज्ञापन
गुरुवार को राहत आयुक्त और संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने प्रशासनिक और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ वीडियो कांफ्रेंसिंग कर कोरोना को लेकर सतर्कता बरतने के साथ आम लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोरोना के संदिग्ध मरीजों के सैंपलों की जांच के लिए देश भर में लैबों की संख्या 12 से बढ़ाकर 31 कर दी गई है। उत्तर प्रदेश में केजीएमसी लखनऊ के अलावा बीएचयू वाराणसी में लैब शुरू हो गई है। मुरादाबाद, मेरठ और सहारनपुर में यदि कोई संदिग्ध मरीज मिलता है तो सैंपल एनआईसीडी दिल्ली भेजे जाएंगे। बाकी मंडलों के सैंपल केजीएमसी और बीएचयू भेजे जाएंगे। सैंपल लेने के साथ मरीज को जिला अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में भर्ती किया किया जाएगा। मरीज के दो सैंपल निगेटिव आने तक उसे भर्ती रखा जाएगा।
विज्ञापन
राहत आयुक्त संजय गोयल ने कहा कि अभी तक चीन, ईरान और थाइलैंड से आने वाले यात्रियों की ही निगरानी हो रही थी। लेकिन अब इंटरनेशनल फ्लाइट से आने वाले हर यात्री की स्क्रीनिंग होगी। एयरपोर्ट पर स्क्रीनिंग के बाद यात्रियों की सूची जिलों को भेजी जाएगी। जिले से स्वास्थ्य विभाग की टीम यात्रियों के घर जाएगी और उनका परीक्षण करेगी। संयुक्त निदेशक स्वास्थ्य ने आइसोलेशन वार्ड में संदिग्ध मरीजों की निगरानी, सैंपल लेने और उसकी पैकिंग की जानकारी के साथ अस्पताल की सफाई पर जोर दिया। दोपहर एक बजे से अपराह्न चार बजे तक वीडियो कांफ्रेंसिंग चली। इसमें जिलाधिकारी राकेश कुमार सिंह के अलावा सीएमओ डा. एमसी गर्ग, डिस्ट्रिक्ट एपिडेमिलोजिस्ट अजीजउर रहमान, सीएमएस डा. कल्पना सिंह, डा. ज्योत्सना पंत, डा. मधु शेखर, आईएमए अध्यक्ष डा. अजय अरोड़ा, नर्सिंग होम एसोसिएशन अध्यक्ष डा. रवि गांगल समेत कई अधिकारी मौजूद रहे।
विज्ञापन
इंफ्रारेड थर्मामीटर गन की उठी मांग
वीडियो कांफ्रेंसिंग में कई जिलों के सीएमओ ने मास्क, इंफ्रारेड थर्मामीटर गन की खपत और उपलब्धता को लेकर सवाल पूछे। अधिकतर जिलों में मास्क और सैंपल किट उपलब्ध हैं, लेकिन इंफ्रारेड थर्मामीटर गन नहीं हैं। राहत आयुक्त ने कहा कि इंफ्रारेड थर्मामीटर गन की उपलब्धता कराई जाएगी। चीन समेत कई देशों में कोरोना संक्रमण के मरीजों का बुखार चेक करने के लिए इस गन का इस्तेमाल हो रहा है। गन में शक्तिशाली सेंसर हैं, जो त्वचा को टक किए बगैर ही बुखार को मापने में सबसे कारगर है।