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Moradabad News: छह महीने से अटकी कंटेनर सब्सिडी, निर्यातकों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
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मुरादाबाद। पश्चिम एशिया में युद्ध से निर्यात ठिठकने के कारण चुनौतियों में घिरे निर्यातकों को सब्सिडी की देरी भी झटका दे रही है। पीतलनगरी के निर्यातकों को पिछले छह महीने से कंटेनर सब्सिडी नहीं मिली है। निर्यातक बताते हैं कि इससे प्रति कारोबारी हर माह करीब सात से 11 लाख रुपये का आर्थिक बोझ बढ़ गया है। कंटेनर जाने के बाद हर महीने आवेदन के बाद भी सब्सिडी नहीं आना उन्हें अखर रहा है।
गेटवे सहायता योजना के तहत निर्यातकों को बंदरगाह तक माल भेजने पर भाड़े में 20 फीट के कंटेनर पर 10 हजार रुपये और 40 फीट के कंटेनर पर 20 हजार रुपये सब्सिडी का प्रावधान है। मुरादाबाद के कंटेनर डिपो से प्रति माह हस्तशिल्प उत्पादों के 2100 कंटेनर मुंबई जाने का औसत है। इनमें 40 फीट के कंटेनर 80 फीसदी होते हैं, जबकि 20 फीट के कंटेनरों का शेयर 20 प्रतिशत है।
कारोबारी बताते हैं कि पिछले छह महीने से कंटेनर सब्सिडी का भुगतान नहीं हुआ है। औसत की बात करें तो शहर के एक बड़े निर्यातक द्वारा महीने में करीब 60 कंटेनर हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात किया जाता है। इस औसत से करीब 11 लाख रुपये कंटेनर सब्सिडी बनती है। निर्यातकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य की वजह से एक ओर कच्चे माल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। आर्डर कैंसिल होने समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर कंटेनर सब्सिडी भी रुकी हुई है। निर्यातक विकास अग्रवाल ने बताया कि हस्तशिल्प उत्पाद के कंटेनर भेजने पर किराये के खर्च पर सब्सिडी की सरकार ने व्यवस्था की हुई है। नियम के हिसाब से कंटेनर हस्तशिल्प से पूरा भरा न होने पर भी माल भाड़े के कुल व्यय पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का फॉर्मूला है। इस फॉर्मूले वाले कंटेनरों की सब्सिडी तो मिलती ही नहीं। पूरे कंटेनर पर मिलने वाली सब्सिडी भी अब काफी समय से नहीं आई है।
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निर्यातक बोले...
-छह महीने से सब्सिडी नहीं आई है। एक साल में हमारा ही 20 और 40 फीट के कंटेनरों को मिलाकर 250 कंटेनर निर्यात का औसत है। फिलहाल लाखों रुपये सब्सिडी के फंसे हुए हैं। -सतपाल, सचिव, दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
-पहले कंटेनर सब्सिडी समय से आ जाती थी। कई महीने से सब्सिडी नहीं आई है। इसकी वजह से समस्या बनी हुई है। अगर सब्सिडी हर महीने मिलने लगे तो कुछ कंटेनरों का भाड़ा निकल जाएगा। -अजय गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
-कंटेनर सब्सिडी का इंतजार है। कब तक सब्सिडी आएगी, इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं मिल पा रही है। सब्सिडी मिल जाने से आगामी कुछ कंटेनरों का किराया निकल जाता है। -नावेद उर रहमान, निर्यातक व प्रेसिडेंट, एमएचईए
-सब्सिडी को लेकर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। रुकी सब्सिडी को लेकर विभाग को पत्र भी भेजा गया है। इसके बाद भी कोई प्रभावी एक्शन नहीं हो रहा। इससे सभी परेशान हैं। -नदीम खान, निर्यातक
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वर्जन..
- जिन लोगों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किया था। उनके फॉर्म भेज दिए गए हैं। सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया चल रही हैं। निर्यातकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से जल्द ही सब्सिडी आ जाएगी। -दीपेंद्र कुमार, उपायुक्त, डीआईसी मुरादाबाद
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गेटवे सहायता योजना के तहत निर्यातकों को बंदरगाह तक माल भेजने पर भाड़े में 20 फीट के कंटेनर पर 10 हजार रुपये और 40 फीट के कंटेनर पर 20 हजार रुपये सब्सिडी का प्रावधान है। मुरादाबाद के कंटेनर डिपो से प्रति माह हस्तशिल्प उत्पादों के 2100 कंटेनर मुंबई जाने का औसत है। इनमें 40 फीट के कंटेनर 80 फीसदी होते हैं, जबकि 20 फीट के कंटेनरों का शेयर 20 प्रतिशत है।
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कारोबारी बताते हैं कि पिछले छह महीने से कंटेनर सब्सिडी का भुगतान नहीं हुआ है। औसत की बात करें तो शहर के एक बड़े निर्यातक द्वारा महीने में करीब 60 कंटेनर हस्तशिल्प उत्पादों का निर्यात किया जाता है। इस औसत से करीब 11 लाख रुपये कंटेनर सब्सिडी बनती है। निर्यातकों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य की वजह से एक ओर कच्चे माल की कीमतें बढ़ती जा रही हैं। आर्डर कैंसिल होने समेत अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, दूसरी ओर कंटेनर सब्सिडी भी रुकी हुई है। निर्यातक विकास अग्रवाल ने बताया कि हस्तशिल्प उत्पाद के कंटेनर भेजने पर किराये के खर्च पर सब्सिडी की सरकार ने व्यवस्था की हुई है। नियम के हिसाब से कंटेनर हस्तशिल्प से पूरा भरा न होने पर भी माल भाड़े के कुल व्यय पर 30 प्रतिशत सब्सिडी का फॉर्मूला है। इस फॉर्मूले वाले कंटेनरों की सब्सिडी तो मिलती ही नहीं। पूरे कंटेनर पर मिलने वाली सब्सिडी भी अब काफी समय से नहीं आई है।
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निर्यातक बोले...
-छह महीने से सब्सिडी नहीं आई है। एक साल में हमारा ही 20 और 40 फीट के कंटेनरों को मिलाकर 250 कंटेनर निर्यात का औसत है। फिलहाल लाखों रुपये सब्सिडी के फंसे हुए हैं। -सतपाल, सचिव, दि हैंडीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
-पहले कंटेनर सब्सिडी समय से आ जाती थी। कई महीने से सब्सिडी नहीं आई है। इसकी वजह से समस्या बनी हुई है। अगर सब्सिडी हर महीने मिलने लगे तो कुछ कंटेनरों का भाड़ा निकल जाएगा। -अजय गुप्ता, प्रदेश उपाध्यक्ष, लघु उद्योग भारती
-कंटेनर सब्सिडी का इंतजार है। कब तक सब्सिडी आएगी, इसके बारे में कुछ जानकारी नहीं मिल पा रही है। सब्सिडी मिल जाने से आगामी कुछ कंटेनरों का किराया निकल जाता है। -नावेद उर रहमान, निर्यातक व प्रेसिडेंट, एमएचईए
-सब्सिडी को लेकर समस्याएं बढ़ती जा रही हैं। रुकी सब्सिडी को लेकर विभाग को पत्र भी भेजा गया है। इसके बाद भी कोई प्रभावी एक्शन नहीं हो रहा। इससे सभी परेशान हैं। -नदीम खान, निर्यातक
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वर्जन..
- जिन लोगों ने सब्सिडी के लिए आवेदन किया था। उनके फॉर्म भेज दिए गए हैं। सब्सिडी भुगतान की प्रक्रिया चल रही हैं। निर्यातकों के खाते में डीबीटी के माध्यम से जल्द ही सब्सिडी आ जाएगी। -दीपेंद्र कुमार, उपायुक्त, डीआईसी मुरादाबाद