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Moradabad News: उपभोक्ता अदालत ने तीन डॉक्टरों पर लगाया 15 लाख का जुर्माना

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 May 2025 02:46 AM IST
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Consumer court imposed a fine of 15 lakhs on three doctors
मुरादाबाद। जिला उपभोक्ता प्रतितोष आयोग ने एक महिला के इलाज में लापरवाही बरतने के मामले में वरदान नर्सिंग होम के तीन डॉक्टरों को दोषी करार देते हुए 15 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। नर्सिंग होम में इलाज के दाैरान महिला की मौत हो गई थी।
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मझोला के मिलन विहार निवासी आलोक दीक्षित ने अपने अधिवक्ता के जरिये जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग द्वितीय की अदालत में परिवाद दाखिल किया था। आलोक ने बताया कि उसने 30 जुलाई 2023 को खुशहालपुर रोड स्थित ममता नर्सिंग होम की डाॅ. पूनम रानी आर्य की सलाह पर उसने अपनी पत्नी नंदिनी का लाजपत नगर स्थित वरदान नर्सिंग होम में चेकअप कराया था।
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अस्पताल में डॉ. चंचल गुप्ता, डॉ. गरिमा गुप्ता ने रिपोर्ट देखने के बाद बताया कि भ्रूण का मूवमेंट नहीं हो पा रहा है। हम नंदिनी की नॉर्मल डिलीवरी कर सकते हैं लेकिन दूसरी जगह मेजर ऑपरेशन से डिलीवरी होगी। आलोक ने अपने परिवाद में बताया कि उसने डॉ. चंचल गुप्ता, डॉ. गरिमा गुप्ता और डॉ. पीके गुप्ता की देखरेख में पत्नी को भर्ती करा दिया था, लेकिन भर्ती करने के बाद डॉक्टर कहने लगे कि बच्चेदानी में पानी की कमी है, जिस कारण ऑपरेशन करना होगा।
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31 जुलाई को उसकी पत्नी की हालत बिगड़ गई। तब डॉक्टर ऑपरेशन के लिए ले गए। कुछ देर बाद डॉक्टर बाहर आए और कहने लगे कि मरीज की हालत ठीक नहीं है। इसे कहीं दूसरी जगह ले जाएं। इसके बाद डॉक्टर वहां से चले गए और कुछ देर बाद ही नंदिनी की मौत हो गई।

आयोग की अध्यक्ष अलका श्रीवास्तव और सदस्य प्रमोद कुमार की अदालत में सुनवाई हुई। अदालत ने दोनों पक्षों को सुना। अदालत ने अपने आदेश में कहा कि डिलीवरी के दौरान मरीज की मौत हुई है। इसमें सीधे तौर पर डॉक्टर दोषी हैं। अदालत ने परिवादी को आर्थिक, मानसिक कष्ट की क्षतिपूर्ति के रूप में 15 लाख रुपये अदा करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि जुर्माना की राशि पर परिवाद दायर करने की तारीख से भुगतान करने की तारीख तक सात प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित एक माह में भुगतान किया जाए। इसके अतिरिक्त डॉक्टर परिवादी को 15 हजार रुपये वाद व्यय के रूप में भी भुगतान करेंगे।
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