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75 लाख में कांग्रेस नेता को किया पाबंद, सवाल उठे तो पुलिस बोली-हैसियत के अनुसार हुआ
Sat, 04 Jan 2020 04:27 PM IST
शाहरुख खान
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 04 Jan 2020 04:27 PM IST
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sachin choudhary
- फोटो : Social Media
कांग्रेस नेता सचिन चौधरी को 5 लाख रुपये और मुचलके के लिए 25 लाख में पाबंद करने पर सवाल उठने लगे हैं। जिले के लोगों का दावा है कि इतनी भारी भरकम रकम अब तक किसी भी व्यक्ति पर नहीं लगी है।
शांतिभंग की आशंका पर अमूमन दो से चार लाख रुपये पाबंद किया जाता है। कांग्रेस नेता सचिन चौधरी का दावा है कि एसडीएम के स्वविवेक का इस्तेमाल दरअसल सरकार के इशारे पर उठाया गया कदम है।
नागरिकता संसोधन कानून को वापस लेने, प्रशासनिक और पुलिस महकमे को कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन चौधरी ने तीन जनवरी से उपवास का एलान किया था, लेकिन उन्हें उपवास के लिए अनुमति नहीं मिल सकी थी।
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अफसरों ने धारा 144 लागू होने का दावा किया और कहा कि इससे शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। हालांकि कांग्रेस नेता सचिन चौधरी गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे और उपवास शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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शांतिभंग की आशंका पर अमूमन दो से चार लाख रुपये पाबंद किया जाता है। कांग्रेस नेता सचिन चौधरी का दावा है कि एसडीएम के स्वविवेक का इस्तेमाल दरअसल सरकार के इशारे पर उठाया गया कदम है।
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नागरिकता संसोधन कानून को वापस लेने, प्रशासनिक और पुलिस महकमे को कार्यशैली के खिलाफ कांग्रेस के प्रदेश सचिव सचिन चौधरी ने तीन जनवरी से उपवास का एलान किया था, लेकिन उन्हें उपवास के लिए अनुमति नहीं मिल सकी थी।
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अफसरों ने धारा 144 लागू होने का दावा किया और कहा कि इससे शांति व्यवस्था बिगड़ सकती है। हालांकि कांग्रेस नेता सचिन चौधरी गांधी की प्रतिमा के पास पहुंचे और उपवास शुरू कर दिया। इसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।
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उन्हें एसडीएम सदर सुखबीर सिंह की कोर्ट में पेश किया गया। उन्होंने 25 लाख रुपये में पाबंद किया। इसमें 50 लाख रुपये की जमानत की भारी भरकम रकम को लेकर राजनीतिक हलकों में चर्चाओं का बाजार गर्म हैं।
लोगों का दावा है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों की आवाज को सरकार दबा देना चाहती है। एक तरफ सरकार कहती है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर सकते हैं, जबकि दूसरी तरफ उपवास जैसे पवित्र कार्य से लोगों को दूर रखने की साजिश रची जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हैसियत के अनुसार किया जाता है पाबंद और जमानत
हैसियत के आधार पर जमानत के लिए पाबंद किया जाता है। इसके आधार पर मामले में निर्णय लिया गया है। पाबंदी की रकम में स्वविवेक का इस्तेमाल हुआ है।
सुखवीर सिंह, एसडीएम सदर, अमरोहा
लोगों का दावा है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करने वालों की आवाज को सरकार दबा देना चाहती है। एक तरफ सरकार कहती है कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर सकते हैं, जबकि दूसरी तरफ उपवास जैसे पवित्र कार्य से लोगों को दूर रखने की साजिश रची जा रही है।
पुलिस का कहना है कि हैसियत के अनुसार किया जाता है पाबंद और जमानत
हैसियत के आधार पर जमानत के लिए पाबंद किया जाता है। इसके आधार पर मामले में निर्णय लिया गया है। पाबंदी की रकम में स्वविवेक का इस्तेमाल हुआ है।
सुखवीर सिंह, एसडीएम सदर, अमरोहा