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कालागढ़ बैराज पर रामगंगा का जल स्तर बढ़ने के साथ बढ़ी चिंता
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मुरादाबाद। पहाड़ों पर हो रही बारिश के साथ ही रामगंगा का जलस्तर लगातार बढ़ता जा रहा है। बीते 24 घंटे में 330 सेंटीमीटर बढ़ कर 354.910 मीटर पहुंच गया है। हालांकि जिले में इसका असर फिलहाल नहीं दिखाई दे रहा है, लेकिन नदी का जलस्तर अगर 90 सेंटीमीटर और बढ़ गया तो बैराज से नदी में पानी छोड़ा जा सकता है। जिससे जिले में बाढ़ की स्थिति बन सकती है। इसे ध्यान में रखते हुए प्रशासन संवेदनशील गांवों में व्यवस्था दुरुस्त करने में जुटा है। 29 गांवों के प्रधानों से आपदा प्रबंधन विशेषज्ञ व उनकी टीम ने दूरभाष पर बात कर स्थिति जानी है। बाढ़ चौकियों पर तैनात स्टाफ को सतर्क कर दिया गया है। नाव-नाविकों की व्यवस्था भी अपडेट कर ली गई है।
पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से कालागढ़ में रामगंगा नदी पर बने बैराज पर जल स्तर बढ़ने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को सुबह आठ बजे वहां का जलस्तर 354.58 मीटर रिकार्ड किया गया था जो शनिवार 33 सेंटीमीटर बढ़कर 354.910 मीटर पर पहुंच गया। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि हालांकि बढ़े जल स्तर का जिले से गुजरने वाली रामगंगा के जलस्तर में कोई इजाफा नहीं हुआ है, लेकिन अगर कालागढ़ रामगंगा बैराज पर नदी का जलस्तर 90 सेंटीमीटर और बढ़कर 355 मीटर तक पहुंच गया तो वहां से पानी छोड़ा जा सकता है। इससे जिले के रामगंगा किराने बसे गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
लिहाजा ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम दुरुस्त कर लिए गए हैं। नदी किनारे 48 संवेदनशील गांवों में से बसे 29 गांवों के प्रधानों से आपदा विशेषज्ञ व उनकी टीम ने बात कर स्थिति का आंकलन किया है। हालांकि सभी प्रधानों ने अपने यहां फिलहाल बाढ़ की किसी तरह की कोई स्थिति न होने की बात कही है, लेकिन संभावित खतरे की संभावना को देखते हुए क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल, कानूनगो को क्षेत्र में संपर्क बनाए रखने के लिये कहा गया है। नाव और नाविकों की पूर्व में की गई व्यवस्था को भी दुरुस्त कर लिया गया है।
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पहाड़ों पर लगातार हो रही बारिश से कालागढ़ में रामगंगा नदी पर बने बैराज पर जल स्तर बढ़ने का सिलसिला दूसरे दिन भी जारी रहा। शुक्रवार को सुबह आठ बजे वहां का जलस्तर 354.58 मीटर रिकार्ड किया गया था जो शनिवार 33 सेंटीमीटर बढ़कर 354.910 मीटर पर पहुंच गया। जिला आपदा प्रबंध प्राधिकरण के आपदा विशेषज्ञ पंकज कुमार मिश्रा ने बताया कि हालांकि बढ़े जल स्तर का जिले से गुजरने वाली रामगंगा के जलस्तर में कोई इजाफा नहीं हुआ है, लेकिन अगर कालागढ़ रामगंगा बैराज पर नदी का जलस्तर 90 सेंटीमीटर और बढ़कर 355 मीटर तक पहुंच गया तो वहां से पानी छोड़ा जा सकता है। इससे जिले के रामगंगा किराने बसे गांवों में बाढ़ का खतरा पैदा हो सकता है।
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लिहाजा ऐसी स्थिति से निपटने के लिए इंतजाम दुरुस्त कर लिए गए हैं। नदी किनारे 48 संवेदनशील गांवों में से बसे 29 गांवों के प्रधानों से आपदा विशेषज्ञ व उनकी टीम ने बात कर स्थिति का आंकलन किया है। हालांकि सभी प्रधानों ने अपने यहां फिलहाल बाढ़ की किसी तरह की कोई स्थिति न होने की बात कही है, लेकिन संभावित खतरे की संभावना को देखते हुए क्षेत्रों में बाढ़ चौकियों पर तैनात कर्मचारियों को अलर्ट कर दिया गया है। लेखपाल, कानूनगो को क्षेत्र में संपर्क बनाए रखने के लिये कहा गया है। नाव और नाविकों की पूर्व में की गई व्यवस्था को भी दुरुस्त कर लिया गया है।
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