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फर्नीचर कारोबारी की शिकायत की एडीएम ने बिलारी आकर की जांच
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बिलारी। नगर निवासी फर्नीचर कारोबारी द्वारा एसडीएम बिलारी के खिलाफ मंडलायुक्त से की गई शिकायत की जांच शुक्रवार दोपहर एडीएम प्रशासन ने बिलारी आकर की। एडीएम ने शिकायत की मुख्य वजह तीन दिन पहले तहसील प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाई को मानते हुए फर्नीचर कारोबारी के आवासीय स्थान और नगरपालिका के तालाब की पैमाइश कराकर जांच की। इसके अलावा उन्होंने आसपास के दस अन्य गाटा संख्या के रकबे की भी पैमाइश करने के निर्देश दिए। तहसील प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ जमा थी।
बिलारी में रेलवे स्टेशन रोड निवासी फर्नीचर कारोबारी जाहिद हुसैन ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर बिलारी के एसडीएम घनश्याम वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। फर्नीचर कारोबारी का आरोप था, कि एसडीएम ने उनसे कुछ फर्नीचर खरीदा था, जब उसने भुगतान मांगा तो नाराज होकर एसडीएम ने उनकी दीवार ढहवा दी थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह शुक्रवार की दोपहर शिकायत की जांच करने बिलारी पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने एसडीएम कार्यालय में बैठकर एसडीएम घनश्याम वर्मा और तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार सिंह से शिकायत प्रकरण में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। बाद में तहसीलदार के अलावा दो राजस्व निरीक्षक और छह लेखपालों की टीम लेकर एडीएम प्रशासन फर्नीचर कारोबारी की जगह पर पहुंच गए।
एडीएम प्रशासन ने सबसे पहले फर्नीचर कारोबारी के आवास से सटे गोदाम का वह लोहे का गिरा हुआ गेट देखा जो तीन दिन पहले तहसील प्रशासन ने गिरवा दिया था। जांच में यह गेट खिड़की समेत तालाब की ओर को ही लगा हुआ मिला। एडीएम ने फर्नीचर कारोबारी और उनके परिवार के लोगों की आवासीय जगह की सिरसी रोड से लेकर तालाब के रकबे तक तथा नगरपालिका तालाब की पैमाइश कराई। राजस्व टीम ने जब फर्नीचर कारोबारी का रकबा उनकी खरीदी हुई भूमि से अतिरिक्त निकलना बताया तब एडीएम ने कहा कि भू चित्र डुप्लीकेट है इसलिए निकट के अन्य गाटा संख्या की भी पैमाइश कराई जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। राजस्व प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अनेक दुकानदार और राहगीर एकत्र हो गए। एडीएम प्रशासन ने तहसीलदार से यह भी पूछा कि जब तालाब पर अन्य लोगों के भी कब्जे हैं तब कार्रवाई केवल एक के खिलाफ ही क्यों की गई।
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बिलारी नगर का भूचित्र डुप्लीकेट होने पर एडीएम ने जताई नाराजगी
बिलारी। नगर में फर्नीचर कारोबारी की आवासीय जगह और नगरपालिका तालाब की पैमाइश प्रक्रिया के दौरान नगर लेखपाल ब्रह्मपाल सिंह के पास बिलारी नगर का भू चित्र डुप्लीकेट होने पर एडीएम प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताई। मौके पर लगभग एक घंटे तक चली पैमाइश प्रक्रिया के दौरान जब खतौनी के अनुसार दर्ज रकबा और सजरे के अनुसार रकबा में मिलान नहीं पाया गया तब एडीएम ने कहा कि असली भू चित्र से पहले ही पैमाइश करनी चाहिए थी। एडीएम ने जब नगर लेखपाल से पूछा कि असली भू चित्र कहां है तब उन्होंने कहा कि पूर्व तैनात लेखपाल से उन्हें चार्ज में यही भू चित्र मिला है। एडीएम ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखागार से बिलारी नगर का ऑरिजिनल नक्शा मंगवाया जाए।
नगरपालिका के दोनों तालाब का किया जाएगा चिह्नीकरण
बिलारी। स्थानीय तहसीलदार धमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि एडीएम प्रशासन के निर्देशों के पालन में ग्राम बिलारी खास के रकबे में स्थित तालाब संख्या 438 और 439 की पैमाइश कर तालाब रकबे का चिह्नीकरण किया जाएगा। तहसीलदार के अनुसार ऑरिजिनल नक्शा मंगवाने के लिए नगर लेखपाल को अभिलेखागार भेज दिया गया है। दोनों तालाब के रकबे की पैमाइश करने के लिए राजस्व टीम गठित कर दी गई है। पैमाइश के बाद तालाब का चिह्नीकरण कर दिया जाएगा और अग्रिम कार्रवाई के लिए पैमाइश जांच रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
कब्जा हटाने से पहले दी गई थी नोटिस- एसडीएम
नगर पालिका के एक सभासद की शिकायत पर की गई थी जांच
एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के सभी आरोप निराधार बताए
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलारी। उपजिलाधिकारी बिलारी घनश्याम वर्मा का कहना है कि एक नगरपालिका सभासद की शिकायत पर मौके पर जांच में तालाब भूमि पर अवैध कब्जा होना पाया गया था। कब्जा हटाने के लिए प्रशासन की कार्रवाई से पहले संबंधित को नोटिस भी दी गई थी। एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के सभी आरोप निराधार बताए हैं।
एसडीएम का कहना है कि नगरपालिका सभासद चेतेंद्र सिंह की ओर से आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करते हुए कहा गया था कि गाटा संख्या 438 और 439 तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। नगर लेखपाल ने जब मौके पर जाकर जांच की तब तालाब भूमि के 84 वर्ग मीटर रकबे पर एक व्यक्ति द्वारा दीवार बनाकर तथा उसपर टिनशेड डालकर अवैध कब्जा कर लेने की रिपोर्ट भेजी थी। राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार की ओर से मिली आख्या के बाद सात जुुलाई को अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति को नोटिस भेजकर 10 जुलाई की शाम तक स्वयं की अपना कब्जा हटाने को कहा गया था। चेतावनी दी गई थी कि अगर स्वत: कब्जा नहीं हटाया गया तो 11 जुलाई को राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर कब्जा हटवा देगी।
एसडीएम का कहना है कि ग्यारह जुलाई तक जब स्वयं कब्जा नही हटाया गया तब बारह जुलाई को नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल, नगरपालिका के सफाई निरीक्षक आदि ने मौके पर जाकर अवैध कब्जा हटवाया था। एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के उस आरोप को पूरी तरह से निराधार बताया है जिसमें फर्नीचर खरीदने और भुगतान न देने की बात कही गई है। एसडीएम के अनुसार वह केवल टिनशेड पड़े हुए गोदाम में होकर वह गेट देखने गए थे जो तालाब के रकबे पर अवैध कब्जा करके संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाया गया है। एसडीएम का यह भी कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा ग्यारह जुलाई को जिलाधिकारी जो शिकायत की गई है उसमेें ऐसा कोई आरोप नही लगाया गया जबकि बाद में की गई शिकायत में उनपर निराधार आरोप लगाए गए हैं।
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बिलारी में रेलवे स्टेशन रोड निवासी फर्नीचर कारोबारी जाहिद हुसैन ने मंडलायुक्त को शिकायती पत्र देकर बिलारी के एसडीएम घनश्याम वर्मा पर कई गंभीर आरोप लगाए थे। फर्नीचर कारोबारी का आरोप था, कि एसडीएम ने उनसे कुछ फर्नीचर खरीदा था, जब उसने भुगतान मांगा तो नाराज होकर एसडीएम ने उनकी दीवार ढहवा दी थी। मंडलायुक्त के निर्देश पर एडीएम प्रशासन सुरेंद्र सिंह शुक्रवार की दोपहर शिकायत की जांच करने बिलारी पहुंचे। सबसे पहले उन्होंने एसडीएम कार्यालय में बैठकर एसडीएम घनश्याम वर्मा और तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार सिंह से शिकायत प्रकरण में विस्तार से जानकारी प्राप्त की। बाद में तहसीलदार के अलावा दो राजस्व निरीक्षक और छह लेखपालों की टीम लेकर एडीएम प्रशासन फर्नीचर कारोबारी की जगह पर पहुंच गए।
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एडीएम प्रशासन ने सबसे पहले फर्नीचर कारोबारी के आवास से सटे गोदाम का वह लोहे का गिरा हुआ गेट देखा जो तीन दिन पहले तहसील प्रशासन ने गिरवा दिया था। जांच में यह गेट खिड़की समेत तालाब की ओर को ही लगा हुआ मिला। एडीएम ने फर्नीचर कारोबारी और उनके परिवार के लोगों की आवासीय जगह की सिरसी रोड से लेकर तालाब के रकबे तक तथा नगरपालिका तालाब की पैमाइश कराई। राजस्व टीम ने जब फर्नीचर कारोबारी का रकबा उनकी खरीदी हुई भूमि से अतिरिक्त निकलना बताया तब एडीएम ने कहा कि भू चित्र डुप्लीकेट है इसलिए निकट के अन्य गाटा संख्या की भी पैमाइश कराई जाए ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके। राजस्व प्रशासन की इस कार्रवाई के दौरान मौके पर अनेक दुकानदार और राहगीर एकत्र हो गए। एडीएम प्रशासन ने तहसीलदार से यह भी पूछा कि जब तालाब पर अन्य लोगों के भी कब्जे हैं तब कार्रवाई केवल एक के खिलाफ ही क्यों की गई।
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बिलारी नगर का भूचित्र डुप्लीकेट होने पर एडीएम ने जताई नाराजगी
बिलारी। नगर में फर्नीचर कारोबारी की आवासीय जगह और नगरपालिका तालाब की पैमाइश प्रक्रिया के दौरान नगर लेखपाल ब्रह्मपाल सिंह के पास बिलारी नगर का भू चित्र डुप्लीकेट होने पर एडीएम प्रशासन ने कड़ी नाराजगी जताई। मौके पर लगभग एक घंटे तक चली पैमाइश प्रक्रिया के दौरान जब खतौनी के अनुसार दर्ज रकबा और सजरे के अनुसार रकबा में मिलान नहीं पाया गया तब एडीएम ने कहा कि असली भू चित्र से पहले ही पैमाइश करनी चाहिए थी। एडीएम ने जब नगर लेखपाल से पूछा कि असली भू चित्र कहां है तब उन्होंने कहा कि पूर्व तैनात लेखपाल से उन्हें चार्ज में यही भू चित्र मिला है। एडीएम ने तहसीलदार को निर्देश दिए कि राजस्व अभिलेखागार से बिलारी नगर का ऑरिजिनल नक्शा मंगवाया जाए।
नगरपालिका के दोनों तालाब का किया जाएगा चिह्नीकरण
बिलारी। स्थानीय तहसीलदार धमेंद्र कुमार सिंह का कहना है कि एडीएम प्रशासन के निर्देशों के पालन में ग्राम बिलारी खास के रकबे में स्थित तालाब संख्या 438 और 439 की पैमाइश कर तालाब रकबे का चिह्नीकरण किया जाएगा। तहसीलदार के अनुसार ऑरिजिनल नक्शा मंगवाने के लिए नगर लेखपाल को अभिलेखागार भेज दिया गया है। दोनों तालाब के रकबे की पैमाइश करने के लिए राजस्व टीम गठित कर दी गई है। पैमाइश के बाद तालाब का चिह्नीकरण कर दिया जाएगा और अग्रिम कार्रवाई के लिए पैमाइश जांच रिपोर्ट विभागीय उच्चाधिकारियों को भेज दी जाएगी।
कब्जा हटाने से पहले दी गई थी नोटिस- एसडीएम
नगर पालिका के एक सभासद की शिकायत पर की गई थी जांच
एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के सभी आरोप निराधार बताए
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलारी। उपजिलाधिकारी बिलारी घनश्याम वर्मा का कहना है कि एक नगरपालिका सभासद की शिकायत पर मौके पर जांच में तालाब भूमि पर अवैध कब्जा होना पाया गया था। कब्जा हटाने के लिए प्रशासन की कार्रवाई से पहले संबंधित को नोटिस भी दी गई थी। एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के सभी आरोप निराधार बताए हैं।
एसडीएम का कहना है कि नगरपालिका सभासद चेतेंद्र सिंह की ओर से आइजीआरएस पोर्टल पर शिकायत करते हुए कहा गया था कि गाटा संख्या 438 और 439 तालाब की भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। नगर लेखपाल ने जब मौके पर जाकर जांच की तब तालाब भूमि के 84 वर्ग मीटर रकबे पर एक व्यक्ति द्वारा दीवार बनाकर तथा उसपर टिनशेड डालकर अवैध कब्जा कर लेने की रिपोर्ट भेजी थी। राजस्व निरीक्षक और तहसीलदार की ओर से मिली आख्या के बाद सात जुुलाई को अवैध कब्जा करने वाले व्यक्ति को नोटिस भेजकर 10 जुलाई की शाम तक स्वयं की अपना कब्जा हटाने को कहा गया था। चेतावनी दी गई थी कि अगर स्वत: कब्जा नहीं हटाया गया तो 11 जुलाई को राजस्व विभाग की टीम मौके पर जाकर कब्जा हटवा देगी।
एसडीएम का कहना है कि ग्यारह जुलाई तक जब स्वयं कब्जा नही हटाया गया तब बारह जुलाई को नायब तहसीलदार, राजस्व निरीक्षक, हल्का लेखपाल, नगरपालिका के सफाई निरीक्षक आदि ने मौके पर जाकर अवैध कब्जा हटवाया था। एसडीएम ने फर्नीचर कारोबारी के उस आरोप को पूरी तरह से निराधार बताया है जिसमें फर्नीचर खरीदने और भुगतान न देने की बात कही गई है। एसडीएम के अनुसार वह केवल टिनशेड पड़े हुए गोदाम में होकर वह गेट देखने गए थे जो तालाब के रकबे पर अवैध कब्जा करके संबंधित व्यक्ति द्वारा लगाया गया है। एसडीएम का यह भी कहना है कि शिकायतकर्ता द्वारा ग्यारह जुलाई को जिलाधिकारी जो शिकायत की गई है उसमेें ऐसा कोई आरोप नही लगाया गया जबकि बाद में की गई शिकायत में उनपर निराधार आरोप लगाए गए हैं।