{"_id":"6797fdf6c6c2c2fa790e1124","slug":"command-center-is-playing-an-important-role-in-womens-safety-moradabad-news-c-15-1-mbd1042-570801-2025-01-28","type":"story","status":"publish","title_hn":"Moradabad News: महिला सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा कमांड सेंटर","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Moradabad News: महिला सुरक्षा में अहम भूमिका निभा रहा कमांड सेंटर
विज्ञापन
मुरादाबाद। स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (आईसीसीसी) ने शहर में सुरक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाकर बेटियों व महिलाओं के लिए एक सुरक्षित वातावरण प्रदान किया है। आधुनिक तकनीक और सीसीटीवी कैमरों की मदद से निगरानी करके शहर में अपराध पर लगाम लगाने के ठोस उपाय किए गए हैं। इसका असर भी दिख रहा है।
आईसीसीसी से करीब 1800 कैमरों को नियंत्रित किया जा रहा है। जिससे कंट्रोल रूम से ही पूरे शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। अब तक करीब दो दर्जन लोगों के चोरी हुए सामान इन्हीं कैमरों की मदद से वापस मिले हैं। कई मामलों में अपराधियों की धरपकड़ भी इसी कैमरे की मदद से की गई है। जगह-जगह लगे कैमरों के कारण राह चलती महिलाओं और युवतियों से छेड़खानी की घटनाओं पर भी अंकुश लगा है।
पिछले साल कैमरों की मदद से ही मानसिक रूप से कमजोर एक महिला को ढूंढ लिया गया था। आने वाले दिनों में शहर 1000 और कैमरे लगाने की योजना है, जिससे शहर की सुरक्षा और पुख्ता होगी। आईसीसीसी से अब तक पुलिस ने 175 केसों में मदद मांगी है। इसमें से 135 केसों में आरोपियों की पहचान हुई है और केस का निस्तारण भी हुआ है। कंट्रोल सेंटर से पुलिस को कई तरह की मदद मिल रही है, जिससे घटनाओं का खुलासा जल्द हो रहा है।
विज्ञापन
-- -- -- -- --
केस-1
शहर के कोतवाली क्षेत्र में 30 सितंबर को शराब कंपनी के सेल्समैन ने 3.92 लाख रुपये का लूटकांड किया था। पहली नजर में पूरा मामला डकैती का लग रहा था लेकन जब पुलिस ने आईसीसीसी में सीसीटीवी फुटेज तलाशे तो मिनटों में पूरे लूटकांड का खुलासा हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से सेल्समैन समेत चार आरोपियों को तीन दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपियों से लूट के 3.02 लाख रुपये, चार मोबाइल फोन, दो तमंचा और दो बाइक भी बरामद की थी।
केस-2
पिछले सप्ताह ही बुधबाजार में दिनदहाड़े दो बाइक सवारों ने खुलेआम नोटों के हार लूट लिए थे। घटना से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने पीड़ित दुकानदार से घटना की जानकारी ली और इसके बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से तीन आरोपियों की पहचान कर ली। घटना के दूसरे ही दिन दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। तीसरे आरोपी की भी पहचान सीसीटीवी से कर ली गई है।
-- -- -- -- -- -- -
1800 कैमरों से हो रही शहर की निगरानी
आईसीसीसी के 1800 कैमरों के जरिये शहर की निगरानी हो रही है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख स्थानों व चौराहों पर 263 कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों से शहर की निगरानी की जाती है। वहीं, अन्य कैमरों की मदद से ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल किया जाता है। इसके अलावा शहर के अस्पताल, पेट्रोल पंप, प्रमुख प्रतिष्ठानों, होटल, दुकान, बस अड्डा पर भी कैमरे लगे हुए हैं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सेफ सिटी मिशन के तहत शहर को एक हजार नए कैमरे देने की बात कही है। फरवरी में ही एक हजार नए कैमरे शहर में लग जाएंगे। इससे शहर की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाएगी।
-- -- -- -- -
37 स्थानों से हो रहा सूचनाओं का प्रसार
आईसीसीसी से 37 प्रमुख चौराहों व स्थानों पर सूचनाओं का भी प्रसार किया जा रहा है। यहां स्पीकर लगाए गए हैं, जिसपर ट्रैफिक संबंधी जानकारियां दी जा रही हैं। कंट्रोल सिस्टम से यह विशेष सूचनाएं दी जाती हैं। इन स्पीकर के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ ही रूट डायवर्जन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही हैं। यहां किसी भी आपात स्थिति में किसी भी तरह की सूचना का प्रसार शहर में किया जा सकता है। इसके लिए कंट्रोल रूम में दो शिफ्टों में अलग-अलग कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
-- -- -- -- -- -- -- -
35 स्थानों पर मिल रही पैनिक बटन की सुविधा
शहर में 35 स्थानों पर स्मार्ट सिटी की ओर से इमरजेंसी कॉल बाॅक्स (पैनिक बटन) भी लगाए गए हैं। इन्हें भी आईसीसीसी से कंट्रोल किया जाता है। इन पैनिक बटन को किसी भी आपातकालीन स्थिति में दबाया जा सकता है। इसमें पांच सेकेंड के भीतर रिस्पांस मिलता है। शहर के लोग एंबुलेंस, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं को फौरन प्राप्त करने के लिए इस बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन लोगों ने इस बटन को दबाकर मदद मांगी उन्हें तुरंत मदद मुहैया कराई गई। हाल ही में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शहर में 65 और स्थानों पर पैनिक बटन लगाने के निर्देश दिए थे। स्मार्ट सिटी अब पैनिक बटन की सुविधा को 35 स्थानों से बढ़ाकर 100 स्थानों पर देने की तैयारी कर रहा है।
-- -- -- -- -- -- -
डिस्प्ले पर दिए जा रहे आवश्यक मैसेज
कंट्रोल रूम की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर वेरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले भी लगाए गए हैं। इस स्क्रीन पर आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित की जा रही हैं। बीते वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान जब रूट डायवर्जन किया गया था, तब इसी डिस्प्ले के माध्यम से ट्रैफिक को कंट्रोल किया गया था। ट्रैफिक प्रबंधन में स्क्रीन अहम भूमिका निभाती है। इसलिए धार्मिक व राजनीतिक जुलूस और अन्य कार्यक्रमों में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यह स्क्रीन काफी मददगार साबित हो रही है। इन स्क्रीन पर मौजूदा समय में प्रदेश सरकार के निर्देश पर महाकुंभ के बारे में जानकारियां प्रदर्शित की जा रही हैं। आवश्यक सूचनाओं व योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए स्क्रीन पर कंटेट कंट्रोल रूम से ही प्रस्तुत कराया जा रहा है।
-- -- -- -- -- -- -
1.21 लाख वाहनों का किया गया चालान
आईसीसीसी से शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव आया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही चालान काटा जा रहा है। इस चालान से बचने के लिए शहर के लोग काफी हद तक यातायात नियमों का पालन भी करने लगे हैं। शहर में ऑनलाइन चालान काटने की शुरुआत अप्रैल 2023 से हुई थी। प्रमुख चौराहों व सड़कों पर इसके लिए हाई-क्वालिटी कैमरे भी लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार लाल बत्ती जलते हुए रोड क्रास करने पर 25,850 गाड़ियों का चालान किया गया है। वहीं, स्पीड अधिक होने के चलते 2,137, गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर 5,661, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने पर 8,377 और हेलमेट नहीं लगाने पर 79,189 गाड़ियों का चालान किया गया है। दिसंबर 2024 तक 1.21 वाहनों का चालान किया जा चुका है।
-- -- -- -- -- -- -- -
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर की सुरक्षा मजबूत हुई है। साथ ही ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा सुधार आया है। जल्द ही एक हजार और कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी। - दिव्यांशु पटेल, सीईओ, स्मार्ट सिटी
विज्ञापन
आईसीसीसी से करीब 1800 कैमरों को नियंत्रित किया जा रहा है। जिससे कंट्रोल रूम से ही पूरे शहर के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। अब तक करीब दो दर्जन लोगों के चोरी हुए सामान इन्हीं कैमरों की मदद से वापस मिले हैं। कई मामलों में अपराधियों की धरपकड़ भी इसी कैमरे की मदद से की गई है। जगह-जगह लगे कैमरों के कारण राह चलती महिलाओं और युवतियों से छेड़खानी की घटनाओं पर भी अंकुश लगा है।
विज्ञापन
पिछले साल कैमरों की मदद से ही मानसिक रूप से कमजोर एक महिला को ढूंढ लिया गया था। आने वाले दिनों में शहर 1000 और कैमरे लगाने की योजना है, जिससे शहर की सुरक्षा और पुख्ता होगी। आईसीसीसी से अब तक पुलिस ने 175 केसों में मदद मांगी है। इसमें से 135 केसों में आरोपियों की पहचान हुई है और केस का निस्तारण भी हुआ है। कंट्रोल सेंटर से पुलिस को कई तरह की मदद मिल रही है, जिससे घटनाओं का खुलासा जल्द हो रहा है।
विज्ञापन
केस-1
शहर के कोतवाली क्षेत्र में 30 सितंबर को शराब कंपनी के सेल्समैन ने 3.92 लाख रुपये का लूटकांड किया था। पहली नजर में पूरा मामला डकैती का लग रहा था लेकन जब पुलिस ने आईसीसीसी में सीसीटीवी फुटेज तलाशे तो मिनटों में पूरे लूटकांड का खुलासा हो गया। पुलिस ने सीसीटीवी की मदद से सेल्समैन समेत चार आरोपियों को तीन दिनों के भीतर गिरफ्तार कर लिया। साथ ही आरोपियों से लूट के 3.02 लाख रुपये, चार मोबाइल फोन, दो तमंचा और दो बाइक भी बरामद की थी।
केस-2
पिछले सप्ताह ही बुधबाजार में दिनदहाड़े दो बाइक सवारों ने खुलेआम नोटों के हार लूट लिए थे। घटना से पूरे बाजार में हड़कंप मच गया था। पुलिस ने पीड़ित दुकानदार से घटना की जानकारी ली और इसके बाद सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की मदद से तीन आरोपियों की पहचान कर ली। घटना के दूसरे ही दिन दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार भी कर लिया। तीसरे आरोपी की भी पहचान सीसीटीवी से कर ली गई है।
1800 कैमरों से हो रही शहर की निगरानी
आईसीसीसी के 1800 कैमरों के जरिये शहर की निगरानी हो रही है। स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत शहर के प्रमुख स्थानों व चौराहों पर 263 कैमरे लगाए गए हैं। इन सभी कैमरों से शहर की निगरानी की जाती है। वहीं, अन्य कैमरों की मदद से ट्रैफिक सिस्टम को कंट्रोल किया जाता है। इसके अलावा शहर के अस्पताल, पेट्रोल पंप, प्रमुख प्रतिष्ठानों, होटल, दुकान, बस अड्डा पर भी कैमरे लगे हुए हैं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने सेफ सिटी मिशन के तहत शहर को एक हजार नए कैमरे देने की बात कही है। फरवरी में ही एक हजार नए कैमरे शहर में लग जाएंगे। इससे शहर की सुरक्षा और भी मजबूत हो जाएगी।
37 स्थानों से हो रहा सूचनाओं का प्रसार
आईसीसीसी से 37 प्रमुख चौराहों व स्थानों पर सूचनाओं का भी प्रसार किया जा रहा है। यहां स्पीकर लगाए गए हैं, जिसपर ट्रैफिक संबंधी जानकारियां दी जा रही हैं। कंट्रोल सिस्टम से यह विशेष सूचनाएं दी जाती हैं। इन स्पीकर के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने के साथ ही रूट डायवर्जन जैसी महत्वपूर्ण जानकारी भी दी जा रही हैं। यहां किसी भी आपात स्थिति में किसी भी तरह की सूचना का प्रसार शहर में किया जा सकता है। इसके लिए कंट्रोल रूम में दो शिफ्टों में अलग-अलग कर्मचारियों की नियुक्ति की गई है।
35 स्थानों पर मिल रही पैनिक बटन की सुविधा
शहर में 35 स्थानों पर स्मार्ट सिटी की ओर से इमरजेंसी कॉल बाॅक्स (पैनिक बटन) भी लगाए गए हैं। इन्हें भी आईसीसीसी से कंट्रोल किया जाता है। इन पैनिक बटन को किसी भी आपातकालीन स्थिति में दबाया जा सकता है। इसमें पांच सेकेंड के भीतर रिस्पांस मिलता है। शहर के लोग एंबुलेंस, पुलिस, ट्रैफिक पुलिस और दमकल जैसी जरूरी सेवाओं को फौरन प्राप्त करने के लिए इस बटन का इस्तेमाल कर सकते हैं। जिन लोगों ने इस बटन को दबाकर मदद मांगी उन्हें तुरंत मदद मुहैया कराई गई। हाल ही में परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शहर में 65 और स्थानों पर पैनिक बटन लगाने के निर्देश दिए थे। स्मार्ट सिटी अब पैनिक बटन की सुविधा को 35 स्थानों से बढ़ाकर 100 स्थानों पर देने की तैयारी कर रहा है।
डिस्प्ले पर दिए जा रहे आवश्यक मैसेज
कंट्रोल रूम की ओर से शहर के प्रमुख चौराहों पर वेरिएबल मैसेजिंग डिस्प्ले भी लगाए गए हैं। इस स्क्रीन पर आवश्यक सूचनाएं प्रदर्शित की जा रही हैं। बीते वर्ष कांवड़ यात्रा के दौरान जब रूट डायवर्जन किया गया था, तब इसी डिस्प्ले के माध्यम से ट्रैफिक को कंट्रोल किया गया था। ट्रैफिक प्रबंधन में स्क्रीन अहम भूमिका निभाती है। इसलिए धार्मिक व राजनीतिक जुलूस और अन्य कार्यक्रमों में ट्रैफिक प्रबंधन के लिए यह स्क्रीन काफी मददगार साबित हो रही है। इन स्क्रीन पर मौजूदा समय में प्रदेश सरकार के निर्देश पर महाकुंभ के बारे में जानकारियां प्रदर्शित की जा रही हैं। आवश्यक सूचनाओं व योजनाओं से संबंधित जानकारी के लिए स्क्रीन पर कंटेट कंट्रोल रूम से ही प्रस्तुत कराया जा रहा है।
1.21 लाख वाहनों का किया गया चालान
आईसीसीसी से शहर के ट्रैफिक मैनेजमेंट में बड़ा बदलाव आया है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने के मामले में सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही चालान काटा जा रहा है। इस चालान से बचने के लिए शहर के लोग काफी हद तक यातायात नियमों का पालन भी करने लगे हैं। शहर में ऑनलाइन चालान काटने की शुरुआत अप्रैल 2023 से हुई थी। प्रमुख चौराहों व सड़कों पर इसके लिए हाई-क्वालिटी कैमरे भी लगाए गए हैं। कंट्रोल रूम के आंकड़ों के अनुसार लाल बत्ती जलते हुए रोड क्रास करने पर 25,850 गाड़ियों का चालान किया गया है। वहीं, स्पीड अधिक होने के चलते 2,137, गलत दिशा में गाड़ी चलाने पर 5,661, दो पहिया वाहन पर तीन सवारी बैठाने पर 8,377 और हेलमेट नहीं लगाने पर 79,189 गाड़ियों का चालान किया गया है। दिसंबर 2024 तक 1.21 वाहनों का चालान किया जा चुका है।
इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से शहर की सुरक्षा मजबूत हुई है। साथ ही ट्रैफिक प्रबंधन में बड़ा सुधार आया है। जल्द ही एक हजार और कैमरे लगाए जाएंगे, जिससे व्यवस्थाएं और मजबूत होंगी। - दिव्यांशु पटेल, सीईओ, स्मार्ट सिटी