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पश्चिमी उत्तर प्रदेश में तीन दिन ठंड से निजात नहीं, संभल में ठंड से दो लोगों की मौत
अमर उजाला ब्यूरो/मुरादाबाद/संभल
Updated Fri, 05 Jan 2018 03:21 AM IST
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- फोटो : amar ujala
मंडल समेत पूरा पश्चिमी उत्तर प्रदेश जबरदस्त शीतलहर की चपेट में है। इन इलाकों में दिन का तापमान सामान्य से लगभग छह डिग्री सेल्सियस कम चल रहा है। हालांकि रात का तापमान सामान्य है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार शीतलहर की वजह पश्चिमी उत्तर प्रदेश के वायुमंडल में बने एक सिस्टम के स्थिर (लॉक) होने की वजह से हो रहा है। उनके अनुसार तीन दिन तक मौसम का यही मिजाज बना रहेगा। सुबह शाम कोहरा भी छाया रहेगा। 9 जनवरी से मौसम साफ होने तथा दिन के तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तराखंड से सटे जिलों रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, बरेली आदि के ऊपर के वायुमंडल क्षेत्र में एक्सट्रा ट्रापिकल (अतिरिक्त उर्ष्ण कटिबंधीय) हवाएं स्थिर (लॉक) हो गई हैं। इस सिस्टम के बनने का असर यह होता है कि धरती पर पर्याप्त गर्मी नहीं पहुंचती। इस क्षेत्र में गर्म हवाओं का संचरण भी नहीं हो पाता।
बुधवार को मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम था। बृहस्पतिवार के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। धिकतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह स्थिति फिलहाल तीन-चार दिनों तक बनी रहेगी।
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लिहाजा ठंड से फौरी तौर पर निजात मिलने की संभावना नहीं है। अलबत्ता, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य इलाकों में दिन के तापमान स्थिति में सुधार आने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान के विशेषज्ञों के अनुसार नौ जनवरी से दिन में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना जताई है। इससे दिन के तापमान में इजाफा होगा।
वैज्ञानिक एफ एवं अतिरिक्त महानिदेशक भारतीय मौसम विज्ञान विभाग डॉ. ए के श्रीवास्तव ने बताया कि मौजूदा समय में भारत में तीन दिन तक सटीक भविष्यवाणी की जा रही है। उत्तराखंड से सटे वेस्ट यूपी के जिलों में एक्सट्रा ट्रापिकल हवाओं के लॉक होने की वजह से मौसम ठंडा बना हुआ है। तीन दिन तक मौसम लगभग ऐसा ही बना रहेगा।
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भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के वरिष्ठ वैज्ञानिकों का मानना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के उत्तराखंड से सटे जिलों रामपुर, मुरादाबाद, बिजनौर, बरेली आदि के ऊपर के वायुमंडल क्षेत्र में एक्सट्रा ट्रापिकल (अतिरिक्त उर्ष्ण कटिबंधीय) हवाएं स्थिर (लॉक) हो गई हैं। इस सिस्टम के बनने का असर यह होता है कि धरती पर पर्याप्त गर्मी नहीं पहुंचती। इस क्षेत्र में गर्म हवाओं का संचरण भी नहीं हो पाता।
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बुधवार को मुरादाबाद और आसपास के इलाकों में अधिकतम तापमान 12 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। यह सामान्य से छह डिग्री सेल्सियस कम था। बृहस्पतिवार के तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई। धिकतम तापमान 13.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। यह स्थिति फिलहाल तीन-चार दिनों तक बनी रहेगी।
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लिहाजा ठंड से फौरी तौर पर निजात मिलने की संभावना नहीं है। अलबत्ता, पूर्वी उत्तर प्रदेश और अन्य इलाकों में दिन के तापमान स्थिति में सुधार आने की संभावना है। भारतीय मौसम विज्ञान के विशेषज्ञों के अनुसार नौ जनवरी से दिन में मौसम साफ रहने और धूप निकलने की संभावना जताई है। इससे दिन के तापमान में इजाफा होगा।
वैज्ञानिक एफ एवं अतिरिक्त महानिदेशक भारतीय मौसम विज्ञान विभाग डॉ. ए के श्रीवास्तव ने बताया कि मौजूदा समय में भारत में तीन दिन तक सटीक भविष्यवाणी की जा रही है। उत्तराखंड से सटे वेस्ट यूपी के जिलों में एक्सट्रा ट्रापिकल हवाओं के लॉक होने की वजह से मौसम ठंडा बना हुआ है। तीन दिन तक मौसम लगभग ऐसा ही बना रहेगा।
संभल में लगातार दूसरे दिन ठंड से हुई मौत
उधर, संभल जिले में पिछले कई दिनों से बढ़ी ठंड के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा है। असमोली थाना क्षेत्र के गांव कुतुबपुर मुरथला निवासी सतपाल का बेटा राजेंद्र (30) मेहनत मजदूरी करता था। उसके पास जमीन नहीं है। परिजनों के अनुसार, ठंड के मौसम में राजेंद्र बुखार से भी पीड़ित था। बुधवार रात को खाना खाने के बाद सोया था। रात लगभग 11.30 बजे अचानक हालत बिगड़ गई।
इसकी जानकारी पिता सतपाल और मां शीला देवी को हुई तो खानदान के दूसरे लोगों को उठाया। राजेंद्र को डाक्टर के पास ले जाते इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। जिससे परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। गुरुवार सुबह को राजेंद्र की मौत की खबर पर तमाम लोग घर पर जुट गए। दोपहर के बाद परिजन राजेंद्र के शव को तिगरी गंगाघाट ले गए। जहां शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उधर, चंदौसी के कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के बेरनी गांव निवासी किसान शिव राज (50) पुत्र घनश्याम बुधवार को खेत पर सिंचाई कर रहा था। तभी उसे ठंड लग गई। घर आकर बीमार हो गया। गुरुवार की देर शाम आठ बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उसकी मौत ठंड लग जाने के कारण हुई ही।
इसकी जानकारी पिता सतपाल और मां शीला देवी को हुई तो खानदान के दूसरे लोगों को उठाया। राजेंद्र को डाक्टर के पास ले जाते इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। जिससे परिवारजनों का रो-रो कर बुरा हाल हो गया। गुरुवार सुबह को राजेंद्र की मौत की खबर पर तमाम लोग घर पर जुट गए। दोपहर के बाद परिजन राजेंद्र के शव को तिगरी गंगाघाट ले गए। जहां शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
उधर, चंदौसी के कुढ़ फतेहगढ़ क्षेत्र के बेरनी गांव निवासी किसान शिव राज (50) पुत्र घनश्याम बुधवार को खेत पर सिंचाई कर रहा था। तभी उसे ठंड लग गई। घर आकर बीमार हो गया। गुरुवार की देर शाम आठ बजे उसकी मौत हो गई। परिजनों ने बताया कि उसकी मौत ठंड लग जाने के कारण हुई ही।