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एडी की प्राथमिक जांच में सीएमओ दोषी, शासन ने डीजी हेल्थ को सौंपी विभागीय जांच 

Thu, 16 May 2019 04:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद
अमर उजाला ब्यूरो, मुरादाबाद Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Thu, 16 May 2019 04:10 AM IST
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CMO guilty in AD's primary investigation, government department handed over inquiry to DG Health
demo pic - फोटो : www.pexels.com

मार्च 2018 में मुरादाबाद जिले में स्वास्थ्य कर्मियों की हड़ताल एवं कार्य बहिष्कार प्रकरण में अपर निदेशक स्वास्थ्य ने शासन को अपनी जांच रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट में अपर निदेशक ने सीएमओ पर लगाए आरोपों को प्रथम दृष्टया सही ठहराया है। अपर निदेशक की जांच रिपोर्ट के बाद राज्यपाल के आदेश पर निदेशक (प्रशासन) चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाएं लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया है।

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मार्च 2018 में मुरादाबाद जिले में स्वास्थ्य कर्मियों ने सीएमओ पर मातहतों से दुर्व्यवहार एवं कार्यों को अनावश्यक लटकाने का आरोप लगाते हुए आंदोलन किया था। कर्मचारियों और चिकित्सकों के अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार की वजह से स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही थीं। डीएम राकेश कुमार सिंह के हस्तक्षेप के बाद कर्मचारी कार्य पर लौटे थे। 
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इस मामले में सीएमओ कार्यालय में तैनात एसीएमओ डा. रंजन गौतम समेत दो चिकित्साधिकारियों का तबादला कर दिया गया था। शासन ने मामले की जांच अपर निदेशक स्वास्थ्य मुरादाबाद को सौंपी थी। 
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अपर निदेशक ने जांच पूरी कर रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। रिपोर्ट में अपर निदेशक ने सीएमओ पर लगे आरोपों में कार्यक्रम अधिकारियों को अपने स्तर पर ही क्रय आदेश करने का दबाव बनाने, वरिष्ठ अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ सामान्य व्यवहार नहीं करने, एनएचएम के अंतर्गत सामग्री क्रय करने के लिए नोटशीट पर अनुमोदन देने में विलंब करने को प्रथम दृष्टया सही माना है। 

एडी की जांच रिपोर्ट पर सचिव वी हेकाली झिमोली ने राज्यपाल की आज्ञा से जारी आदेश में कहा है कि जांच रिपोर्ट के मुताबिक सीएमओ डा. विनीता अग्निहोत्री द्वारा अपने पदीय दायित्व के निर्वहन में अत्यंत गंभीर लापरवाही बरती गई है। डा. अग्निहोत्री के विरुद्ध उप्र सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1999 के नियम सात के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही संस्थित की जाती है।

विभागीय कार्यवाही में आरोपों की जांच के लिए नियम सात के अंतर्गत निदेशक प्रशासन स्वास्थ्य एवं चिकित्सा लखनऊ को जांच अधिकारी नामित किया गया है। सीएमओ डा. विनीता अग्निहोत्री कई बार कोशिश करने पर भी अपना पक्ष देने को उपलब्ध नहीं हुईं। 


- शासन से एक पत्र मिला था, जो अपर निदेशक स्वास्थ्य की जांच रिपोर्ट के आधार पर था। प्रकरण में सीएमओ का पक्ष सुनने और कार्रवाई को रोकने के लिए शासन को पत्र भेजा गया है।
- राकेश कुमार सिंह, डीएम

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