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Moradabad News: खतरों के बीच हो रही पढ़ाई....अधिकांश कोचिंग सेंटरों पर नहीं फायर एनओसी
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मुरादाबाद। कोचिंग सेंटरों में खतरों के बीच पढ़ाई हो रही है। अधिकांश सेंटरों के पास आग से लड़ने के संसाधन नहीं है। कई जगह कोचिंग सेंटर ऐसे तंग रास्तों में हैं जहां एक कार तक नहीं जा सकती। जररूत पड़ने पर दमकल की गाड़ी कैसे पहुंचेगी। लखनऊ के कोचिंग सेंटर में लगी आग के बाद जब दमकल विभाग की टीमों ने जांच की तो चार कोचिंग सेंटरों में कमियां मिली हैं। इन सभी को नोटिस जारी किया गया है। अफसरों का कहना है कि सिर्फ 14 कोचिंग सेंटरों के पास फायर एनओसी है।
डीआईओएस कार्यालय में केवल 16 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। जबकि गली मुहल्लों में सेंटर चल रहे हैं। छोटे-छोटे कमरों में बच्चों को बैठकर पढ़ाया जा रहा है। मुरादाबाद शहर से लेकर ठाकुरद्वारा, कुंदरकी, बिलारी, कांठ, पाकबड़ा, भोजपुर, मूंढापांडे के गली मोहल्लों में कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चल रही हैं। यह कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी न तो कहीं पंजीकृत हैं और न ही इनके पास दमकल विभाग की फायर एनओसी है। वर्षों से इन कोचिंग सेंटर का संचालन किया जा रहा है। लखनऊ में सोमवार को कोचिंग सेंटर में आग लगी तो मुरादाबाद में अधिकारियों ने इन कोचिंग सेंटरों में चेकिंग की।
सीएफओ राजीव कुमार पांडेय ने हैलेट रोड, कटघर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा फायर सेंटर की पांच टीमों का गठन कर दिया है। यह टीमें एक सप्ताह तक जिले के सभी छोटे बड़े कोचिंग सेंटरों में फायर एनओसी, फायर उपकरण, एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखेगी। सोमवार को टीमों ने कोचिंग सेंटरों की जांच पड़ताल की। इस दौरान शहर के तीन और ठाकुरद्वारा में एक कोचिंग सेंटर में फायर उपकरणों में कमी मिली है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजीव कुमार पांडेय का कहना है कि चार कोचिंग सेंटरों में कमियां मिली हैं। सभी को नोटिस दिए जा रहे हैं। यह अभियान एक सप्ताह चलेगा। उन्होंने बताया कि 500 वर्गमीटर एरिया और नौ मीटर कम ऊंचाई वाले कोचिंग सेंटरों को फायर एनओसी के लिए दमकल विभाग बाध्य नहीं कर सकता।
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डीआईओएस कार्यालय में केवल 16 कोचिंग सेंटर पंजीकृत हैं। जबकि गली मुहल्लों में सेंटर चल रहे हैं। छोटे-छोटे कमरों में बच्चों को बैठकर पढ़ाया जा रहा है। मुरादाबाद शहर से लेकर ठाकुरद्वारा, कुंदरकी, बिलारी, कांठ, पाकबड़ा, भोजपुर, मूंढापांडे के गली मोहल्लों में कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी चल रही हैं। यह कोचिंग सेंटर और लाइब्रेरी न तो कहीं पंजीकृत हैं और न ही इनके पास दमकल विभाग की फायर एनओसी है। वर्षों से इन कोचिंग सेंटर का संचालन किया जा रहा है। लखनऊ में सोमवार को कोचिंग सेंटर में आग लगी तो मुरादाबाद में अधिकारियों ने इन कोचिंग सेंटरों में चेकिंग की।
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सीएफओ राजीव कुमार पांडेय ने हैलेट रोड, कटघर, बिलारी, कांठ और ठाकुरद्वारा फायर सेंटर की पांच टीमों का गठन कर दिया है। यह टीमें एक सप्ताह तक जिले के सभी छोटे बड़े कोचिंग सेंटरों में फायर एनओसी, फायर उपकरण, एंट्री और एग्जिट प्वाइंट देखेगी। सोमवार को टीमों ने कोचिंग सेंटरों की जांच पड़ताल की। इस दौरान शहर के तीन और ठाकुरद्वारा में एक कोचिंग सेंटर में फायर उपकरणों में कमी मिली है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी राजीव कुमार पांडेय का कहना है कि चार कोचिंग सेंटरों में कमियां मिली हैं। सभी को नोटिस दिए जा रहे हैं। यह अभियान एक सप्ताह चलेगा। उन्होंने बताया कि 500 वर्गमीटर एरिया और नौ मीटर कम ऊंचाई वाले कोचिंग सेंटरों को फायर एनओसी के लिए दमकल विभाग बाध्य नहीं कर सकता।
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