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तापमान के उतार-चढ़ाव से बच्चे होने लगे बीमार
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मुरादाबाद। मुरादाबाद जिले में 14 फरवरी को अधिकतम तापमान 21 तो न्यूनतम तापमान सात डिग्री रहा, लेकिन बुधवार को दिन का तापमान 25.7 और रात का 13 डिग्री पहुंच गया। इस बीच तापमान में उतार चढ़ाव देखने को मिला। मौसम में बदलाव बच्चों को बीमार बनाने लगा है। बच्चों पर निमोनिया का अटैक होने लगा है। ऐसे में आपके बच्चों को खांसी आ रही हो और उसकी पसली चल रही हो तो इसे हल्के में न लें। ये निमोनिया के लक्षण हैं।
फरवरी के आखिरी हफ्ते में मौसम का मिजाज बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव चलता रहा। दिन का तापमान बढ़ने के साथ मौसम गर्म हो गया है। इसके साथ बदन से गर्म कपड़ों का वजन भी कम हो गया है। बच्चे भी गर्म कपड़े पहनने में आनाकानी कर रहे हैं। यही लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ने लगी है। मासूम निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालाें की ओपीडी में निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। यहां आने वाले करीब दस फीसदी बच्चों में निमोनिया की शिकायत होती है।
सर्द-गर्म मौसम से हो रही परेशानी
मुरादाबाद। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शलभ अग्रवाल का कहना है कि इस बदलते मौसम में बच्चों में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। सर्द-गर्म मौसम में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों की खास देखभाल करने की जरूरत हैं। सेहत की लिहाज से बेहतर होगा कि अभी पंखे का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
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निमोनिया के लक्षण
- तेज सांस चलना
- पसली का चलना
दूध न पीना
- बुखार होना
- नाक बहना
डाक्टरों सलाह
- बच्चों को पंखे के नीचे न सुलाएं
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें
- ठंडा पानी न पिलाएं
- ताजा और गर्म खाना खिलाएं
- दिक्कत बढ़ने पर डाक्टर के पास ले जाएं
- सुबह-शाम घर से बाहर न ले जाएं
ये बीमारियां भी संभव
: मौसमी बुखार होना
: सांस फूलना
: सर्दी जुकाम होना
--
एक नजर दस दिनों के तापमान पर
तारीख अधिकतम न्यूनतम
14 फरवरी 21 07
15 फरवरी 25 09
16 फरवरी 22.8 10
17 फरवरी 25 10
18 फरवरी 26.5 09
19 फरवरी 27 08
20 फरवरी 26.8 12.3
21 फरवरी 26 12
22 फरवरी 26 11
23 फरवरी 25.7 13
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फरवरी के आखिरी हफ्ते में मौसम का मिजाज बदल रहा है। तापमान में उतार-चढ़ाव चलता रहा। दिन का तापमान बढ़ने के साथ मौसम गर्म हो गया है। इसके साथ बदन से गर्म कपड़ों का वजन भी कम हो गया है। बच्चे भी गर्म कपड़े पहनने में आनाकानी कर रहे हैं। यही लापरवाही बच्चों पर भारी पड़ने लगी है। मासूम निमोनिया के शिकार हो रहे हैं। सरकारी और प्राइवेट अस्पतालाें की ओपीडी में निमोनिया पीड़ित बच्चों की संख्या बढ़ गई है। यहां आने वाले करीब दस फीसदी बच्चों में निमोनिया की शिकायत होती है।
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सर्द-गर्म मौसम से हो रही परेशानी
मुरादाबाद। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. शलभ अग्रवाल का कहना है कि इस बदलते मौसम में बच्चों में वायरल इंफेक्शन का खतरा बढ़ गया है। सर्द-गर्म मौसम में बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। इस मौसम में बच्चों की खास देखभाल करने की जरूरत हैं। सेहत की लिहाज से बेहतर होगा कि अभी पंखे का इस्तेमाल नहीं किया जाए।
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निमोनिया के लक्षण
- तेज सांस चलना
- पसली का चलना
दूध न पीना
- बुखार होना
- नाक बहना
डाक्टरों सलाह
- बच्चों को पंखे के नीचे न सुलाएं
- बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर रखें
- ठंडा पानी न पिलाएं
- ताजा और गर्म खाना खिलाएं
- दिक्कत बढ़ने पर डाक्टर के पास ले जाएं
- सुबह-शाम घर से बाहर न ले जाएं
ये बीमारियां भी संभव
: मौसमी बुखार होना
: सांस फूलना
: सर्दी जुकाम होना
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एक नजर दस दिनों के तापमान पर
तारीख अधिकतम न्यूनतम
14 फरवरी 21 07
15 फरवरी 25 09
16 फरवरी 22.8 10
17 फरवरी 25 10
18 फरवरी 26.5 09
19 फरवरी 27 08
20 फरवरी 26.8 12.3
21 फरवरी 26 12
22 फरवरी 26 11
23 फरवरी 25.7 13