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बचपन का संस्कार व्यक्ति निर्माण में सहायक होता हैं : अतुल कृष्ण
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मुरादाबाद। दीनदयाल नगर स्थित नेहरू युवा केंद्र में राधा कृष्ण सेवा ट्रस्ट एमडीए के तत्वावधान में सात दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन शनिवार को कथावाचक अतुल कृष्ण भारद्वाज (वृंदावन) ने भक्तों को श्रीरामकथा का रसपान कराया। कथा वाचक ने कहा कि दुनिया भर के कौआ गंदगी में वास करते हैं, परंतु कागभुसुंडी ने भगवान के जन्म के उपरांत संकल्प किया कि जब तक भगवान पांच वर्ष के नहीं हो जाएंगे, तब तक वह सब कुछ त्याग देंगे और अवध में ही वास करेंगे। राजा दशरथ के महल में बैठकर भगवान की बाल लीलाओं का दर्शन कर अपना जीवन धन्य करुंगा।
उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ भी कागभुसुंडी से श्री राम कथा सुनने स्वयं जाया करते थे। कथा वाचक ने नामकरण की व्याख्या करते हुए सुनाया कि नाम ही मनुष्य का भाग्य और भविष्य तय करता है। प्रभु श्री राम का नाम लेने मात्र से ही मनुष्य धन हो जाता है। हमारे समाज में जो बुराइयां व्याप्त हैं उनका कारण शिक्षा का अभाव ही हैं। आज जो भारत में शिक्षा दी जा रही है, वह संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं। हमारी संस्कृति में शिक्षा धर्म से जोड़ने वाली, त्याग में जीवन जीने वाली व दूसरों का हित करने वाली शिक्षा होती थी। बचपन का संस्कार व्यक्ति निर्माण में सहायक होता है। राम की महिमा का व्याख्यान करते हुए धनुष भंजन, श्री परशुराम लक्ष्मण संवाद और श्री राम सीता का भावपूर्ण वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। इस दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख डा. ललित कौशिक एडवोकेट, राजेश रस्तोगी, एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त, नगर विधायक रितेश गुप्ता, विक्की भरतौल, मनोज गुप्ता, श्याम बिहारी शर्मा, सचिन अग्रवाल, राजीव सरीन, एचपी शर्मा, उमेश त्रिवेदी पप्पन, विकास शर्मा, गौरव गौतम, विजय गुप्ता, विनोद गुप्ता, योगेंद्र राणा आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने बताया कि भगवान भोलेनाथ भी कागभुसुंडी से श्री राम कथा सुनने स्वयं जाया करते थे। कथा वाचक ने नामकरण की व्याख्या करते हुए सुनाया कि नाम ही मनुष्य का भाग्य और भविष्य तय करता है। प्रभु श्री राम का नाम लेने मात्र से ही मनुष्य धन हो जाता है। हमारे समाज में जो बुराइयां व्याप्त हैं उनका कारण शिक्षा का अभाव ही हैं। आज जो भारत में शिक्षा दी जा रही है, वह संस्कृति के अनुरूप नहीं हैं। हमारी संस्कृति में शिक्षा धर्म से जोड़ने वाली, त्याग में जीवन जीने वाली व दूसरों का हित करने वाली शिक्षा होती थी। बचपन का संस्कार व्यक्ति निर्माण में सहायक होता है। राम की महिमा का व्याख्यान करते हुए धनुष भंजन, श्री परशुराम लक्ष्मण संवाद और श्री राम सीता का भावपूर्ण वर्णन किया। जिसे सुनकर श्रोता भाव विभोर हो गए। इस दौरान पूर्व ब्लाक प्रमुख डा. ललित कौशिक एडवोकेट, राजेश रस्तोगी, एमएलसी डा. जयपाल सिंह व्यस्त, नगर विधायक रितेश गुप्ता, विक्की भरतौल, मनोज गुप्ता, श्याम बिहारी शर्मा, सचिन अग्रवाल, राजीव सरीन, एचपी शर्मा, उमेश त्रिवेदी पप्पन, विकास शर्मा, गौरव गौतम, विजय गुप्ता, विनोद गुप्ता, योगेंद्र राणा आदि मौजूद रहे।
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