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दिल्ली से मंगवाए गुलाब और गेंदे के फूलों से महकेगा चौरासी घंटा मंदिर

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Thu, 24 Feb 2022 01:20 AM IST
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Chaurasi Ghanta Mandir will be decorated with rose and marigold flowers ordered from Delhi
मुरादाबाद। महाशिवरात्रि के त्योहार में अब सिर्फ पांच दिन का समय शेष रह गया है, तो शहर में तैयारियों की धूम है। शिवालयों में सफाई व्यवस्था को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भोले का जलाभिषेक करने के लिए गंगा जल लेने को श्रद्धालु हरिद्वार जा रहे हैं। बुधवार को शहर के कई मोहल्लों से कांवड़ लाने के लिए श्रद्धालुओं के जत्थे रवाना हुए।
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मुरादाबाद के सबसे प्राचीन मंदिरों में से एक चौरासी घंटा मंदिर किसरौल में सजावट की खास व्यवस्था की जा रही है। मुख्य पुजारी पंडित विष्णुदत्त शर्मा ने बताया कि इस बार शासन की पाबंदी नहीं होने की वजह से ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु आने की संभावना है। इसके लिए पुरुषों के लिए अलग और महिलाओं के लिए अलग प्रवेश द्वार की व्यवस्था की जाएगी। मंदिर परिसर में गुलाब, गेंदा और चमेली के फूलों से खास सजावट की जाएगी। पांच क्विंटल फूल दिल्ली से मंगवाए जा रहे हैं।
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झारखंडी महादेव मंदिर के महंत पंडित भोलेनाथ योगीराज ने बताया कि मंदिर में रंगाई-पुताई का कार्य पूरा हो चुका है। साफ-सफाई की जा रही है। रंग-बिरंगी झालरों से सजावट की जाएगी। भवन में गुलाब और गेंदा के फूलों की सजावट की जाएगी। ग्रामीण क्षेत्रों से जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालु आएंगे। इस बार करीब दस हजार कांवड़ चढ़ाई जा सकती है। पिछली बार तो मुश्किल से डेढ़ सौ कांवड़ चढ़ी थीं। मंदिर में सुबह साढ़े तीन बजे आरती के बाद चार बजे कांवड़ चढ़ना शुरू हो जाएंगी। आने-जाने का अलग-अलग रास्ता किया जाएगा, ताकि जल चढ़ाने के लिए श्रद्धालुओं को प्रवेश में परेशानी नहीं होगी। फलों का प्रसाद का वितरण किया जाएगा। रात को फिर आरती की जाएगी।
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प्राचीन शिव मंदिर झांझनपुर के महंत पंडित केदारनाथ मिश्रा ने बताया कि मंदिर में साफ-सफाई हो चुकी है। प्रतिदिन महाशिवपुराण कथा का आयोजन किया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर कथा के समापन के बाद हवन होगा और फिर कांवड़ चढ़ानी शुरू की जाएंगी। उन्होंने बताया कि मंदिर में गुलाब, गेंदा और मोगरा के फूलों से सजावट की जाएगी।

मंदिरों से भी गए कांविड़यों के जत्थे
बुधवार को प्राचीन शिव मंदिर से 21 श्रद्धालु और झारखंडी महादेव मंदिर से दस श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार रवाना हुए। यह श्रद्धालु गंगाजल लेकर 28 फरवरी को शहर आ जाएंगे। मंदिर प्रशासन की ओर से ही इनके रुकने की व्यवस्था की जा रही है। वहीं, लाइनपार से भी 25 श्रद्धालु कांवड़ लेने के लिए हरिद्वार रवाना हुए। उन्होंने मोहल्ले के मंदिर में पूजा-अर्चना की। मोहल्ले के लोगों ने तिलक आरती कर उन्हें रवाना किया।
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