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बदलता मौसम बच्चों-बुजुर्गों की सेहत पर कर रहा वार

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 09 Feb 2022 01:39 AM IST
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Changing weather is attacking the health of children and elderly
मुरादाबाद। शीतलहर के बीच कभी कोहरा तो कभी चटख धूप और हर तीसरे-चौथे दिन होने वाली बारिश बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर भारी पड़ रही है। जिला अस्पताल में बच्चे कोल्ड डायरिया के उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं, बुजुर्गों को दमा और ब्राेंकाइटिस की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि 20 फरवरी तक मौसम ठंडा रहने का अनुमान है। इसलिए लोगों को अपनी सेहत के प्रति अतिरिक्त सतर्कता बरतनी है।
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जिला अस्पताल की ओपीडी करीब दो सौ बच्चे प्रतिदिन उपचार करवाने के लिए आ रहे हैं, इसमें से लगभग 30 बच्चे कोल्ड डायरिया से पीड़ित होते हैं। करीब 50 बच्चे खांसी, जुकाम, बुखार से पीड़ित होते हैं। वहीं, करीब ढाई सौ बुजुर्ग मरीजों में से लगभग सौ मरीज दमा, ब्राेंकाइटिस की समस्या से पीड़ित आ रहे हैं। जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार का कहना है कि बदलते मौसम में बच्चों को कोल्ड डायरिया समेत तमाम अन्य बीमारियां हो रही हैं।
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अभी दिन का तापमान बढ़त रहा है और रात का पारा गिर रहा है, जिसकी वजह से बच्चे कोल्ड डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। सर्दियों में बच्चों की इम्युनिटी सामान्य दिनों की अपेक्षा कुछ कमजोर हो जाती है, जिसके चलते उनके जल्दी बीमार होने की आशंका रहती है। उन्होंने बताया कि जब भी बच्चों को सर्दी, खांसी और जुकाम के साथ दस्त हो तो तुरंत यह समझ लेना चाहिए कि बच्चा कोल्ड डायरिया का शिकार हो गया है। ऐसी स्थिति में अभिभावकों को तुरंत चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए।
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इमरजेंसी में भर्ती हो रहे चार-पांच मरीज
जिला अस्पताल के वरिष्ठ चेस्ट फिजीशियन डॉ. प्रवीण शाह ने बताया कि ठंड की चपेट में आने से हृदय बीमारी, दमा या सीओपीडी वाले मरीजों की समस्या बढ़ रही है। प्रतिदिन करीब सौ मरीज सांस रोग से संबंधित होते हैं। ठंड का सीजन लंबा चलने की वजह से लगातार ओपीडी और इमरजेंसी में मरीज पहुंच रहे हैं। इमरजेंसी में प्रति 24 घंटे में ऑक्सीजन की आवश्यकता के करीब पांच-छह मरीज भर्ती हो रहे हैं। सामान्य दिनों में यह संख्या एक या दो मरीजों की होती है।
ऐसे रखें सेहत का ध्यान...
- बच्चे और बुजुर्ग अभी पूरे गर्म कपड़े पहनें
- जब अच्छी धूप निकले तभी धूप में जाएं, हल्की धूप में बाहर न जाएं
- शाम-सुबह मोजे, ग्लव्स और ऊनी कैप पहनें या मफलर से कान ढंकें।
- फ्रिज में रखे सामान को न खाएं।
- बच्चों को गुनगुना दूध और पानी पीने को दें।
- कोल्ड डायरिया वाले बच्चों को ओआरएस का घोल दें और डॉक्टर से संपर्क करें।
- पहले से ही दिल की बीमारी वाले मरीज न सुबह जल्दी उठें और न जल्दी सैर पर जाएं
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