Moradabad University Update: मुरादाबाद विश्वविद्यालय के लेआउट में बदलाव, मेरठ की कंपनी करेगी भवन का निर्माण
मुरादाबाद में तैयार होने वाले राज्य विश्वविद्यालय के ले आउट में बदलाव किया गया है। इसकी रिपोर्ट लोनिवि ने भेज दी है। अधिकारियों ने बताया कि विवि के निर्माण को मेरठ की कंपनी तैयार करेगी।
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राज्य विश्वविद्यालय की चहारदीवारी के पिलर लगाने के बाद ले आउट को संशोधित किया गया है। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने संशोधित ले आउट की रिपोर्ट क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी को भेज दी है। वहीं, मंडलायुक्त के निर्देश पर लोनिवि के अभियंता अगस्त से यूनिवर्सिटी का निर्माण कार्य तेजी से करने के लिए तैयार हो गए हैं।
रामगंगा पार हरदासपुर में गुरु जंभेश्वर राज्य विश्वविद्यालय की जमीन को घेरने के लिए पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने एक सप्ताह में चारों तरफ पिलर लगा दिए। इसके बाद पीडब्ल्यूडी के अभियंताओं ने पूरी जमीन का सर्वे कर संशोधित एवं फाइनल ले आउट तैयार किया है।
अधिशासी अभियंता आरबी सिंह का कहना है कि ले आउट की रिपोर्ट क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी डॉ. संध्या रानी को भेज दी गई है। इसी रिपोर्ट के आधार पर पर्यावरण, वन विभाग, स्थानीय निकाय सहित अन्य विभागों से अनापत्ति प्रमाणपत्र लिया जाएगा।
शासन ने उच्च शिक्षा विभाग के क्षेत्रीय अधिकारी को रिसीवर नामित किया है। विश्वविद्यालय के लिए 50 एकड़ की भूमि निर्धारित है। इसमें ढाई एकड़ जमीन चार किसानों की है। बाकी जमीन सरकारी है। शिक्षा विभाग ने एक किसान की जमीन की रजिस्ट्री करा ली है। रजिस्ट्री की डीड बनाकर न्याय विभाग को भेजी गई है। जमीन खरीद के लिए शासन ने नौ करोड़ रुपये दिए थे।
ढाई हेक्टेयर पट्टे की जमीन फंसी
राज्य विश्वविद्यालय के निर्धारित की गई जमीन में से ढाई हेक्टेयर जमीन पट्टे पर दी गई है। डीएम अनुज सिंह ने बताया कि पट्टे को निरस्त कराने के लिए विधिक कार्यवाही की जा रही है। विश्वविद्यालय निर्माण के लिए 47.5 एकड़ जमीन सरकारी है।
इस कारण निर्माण में बाधा नहीं आएगी। हरदासपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरु जंभेश्वर राज्य विश्वविद्यालय का शिलान्यास लोकसभा चुनाव से पहले ही कर चुके हैं।
मेरठ की कंपनी करेगी निर्माण
पीडब्ल्यूडी ने राज्य विश्वविद्यालय के लिए 299 करोड़ का एस्टीमेट बनाकर शासन को भेजा था। शासन से स्वीकृति मिलने के बाद 121.33 करोड़ का टेंडर पास हो गया। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता आरबी सिंह का कहना है कि डिजायन और अन्य कार्यों को जोड़ने पर फिलहाल लागत 169.58 करोड़ आ रही है।
मेरठ की आरसीसी डेवलपर कंपनी विश्वविद्यालय का निर्माण करने जा रही है। निर्माण के लिए डिजायन पीडब्ल्यूडी के नियोजन विभाग ने तैयार किया है।
परिसर के अंदर होंगे कुलपति और चीफ प्राक्टर के आवास
पीडब्ल्यूडी के अभियंता ने बताया कि राज्य विश्वविद्यालय में विभिन्न संकायों के साथ कुलपति और चीफ प्राक्टर के आवास परिसर के अंदर ही रहेंगे। छात्र - छात्राओं की सुविधा के लिए हाल भी बनाए जाएंगे।
राज्य विश्वविद्यालय का निर्माण मुख्यमंत्री की प्राथमिकता वाले कार्यों में है। पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता को निर्देश दिए हैं कि समय से कार्य नहीं होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। सिर्फ पत्राचार से काम नहीं होगा। - आंजनेय कुमार सिंह, मंडलायुक्त