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Moradabad News: प्रथमा बैंक की शाखा से तीन करोड़ 39 लाख के गबन के मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक और सहायक प्रबंधक पर केस दर्ज

Sat, 28 Dec 2024 01:48 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, मुरादाबाद Updated Sat, 28 Dec 2024 01:48 AM IST
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Case registered against former branch manager and assistant manager in case of embezzlement of Rs 3 crore 39 lakh from Pratham Bank branch.
प्रथमा बैंक की शाखा से तीन करोड़ 39 लाख के गबन के मामले में पूर्व शाखा प्रबंधक और सहायक प्रबंधक पर केस दर्ज
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मुरादाबाद। प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा मोरा मुस्तकम में 3.39 करोड़ रुपये के गबन का मामला प्रकाश में आया है। यह गबन 47 हाउसिंग और ई-रिक्शा लोन के माध्यम से किया गया। बैंक की आंतरिक जांच में पूर्व शाखा प्रबंधक साईं प्रकाश और सहायक प्रबंधक मनोज कुमार पर गंभीर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए गए हैं। इस मामले में ईओडब्ल्यू के महानिदेशक के आदेश पर सिविल लाइंस पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज किया है।

प्रथमा यूपी ग्रामीण बैंक मोरा मुस्तकम के वरिष्ठ प्रबंधक किसलय कुमार ने 14 अक्तूबर को ईओडब्ल्यू के महानिदेशक को पत्र भेजकर बैंक में गबन की शिकायत की थी। बताया कि विभाग की प्राथमिक जांच में पाया गया कि हाउसिंग लोन खातों में फर्जी आयकर रिटर्न (आईटीआर) के आधार पर शाखा प्रबंधक द्वारा लोन स्वीकृत किए गए। इसके साथ ही निर्माण कार्य के लिए जारी धनराशि के उपयोग की पुष्टि किए बिना अगली किस्त जारी कर दी गई। ई-रिक्शा लोन के मामले में ऋण की राशि का उपयोग ई-रिक्शा खरीदने के लिए किया गया या नहीं, इसकी पुष्टि भी नहीं की गई। यह गबन जनवरी 2018 से अगस्त 2021 के बीच हुआ है। उस समय शाखा प्रबंधक के पद पर साईं प्रकाश और सहायक प्रबंधक के पद पर मनोज कुमार कार्यरत थे। आरोप लगाया कि यह गबन पूर्व अधिकारियों द्वारा सुनियोजित और जानबूझकर किया गया है। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया है कि इस अनियमितता में कई कर्जदारों की भी मिलीभगत है। बैंक ने छह अगस्त 2024 को इस मामले को धोखाधड़ी के रूप में लिया। इस मामले में विभागीय जांच में प्राप्त विवरण और गबन से संबंधित सभी मूल दस्तावेज शाखा में उपलब्ध हैं। बैंक ने मांग की है कि साईं प्रकाश और मनोज कुमार सहित अन्य संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज होना चाहिए। जांच रिपोर्ट में कुल 3.39 करोड़ रुपये गबन करने का मामला आया है। इस बारे में सिविल लाइंस थाना प्रभारी मनीष सक्सेना ने बताया कि ईओडब्ल्यू के महानिदेशक के निर्देश पर केस दर्ज किया गया है। मुकदमे की जांच ईओडब्ल्यू मेरठ करेगी।
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साजिश के तहत फंसाया जा रहा : साईं प्रकाश
मोरा मुस्तकम के तत्कालीन शाखा प्रबंधक साईं प्रकाश क्षेत्रीय कार्यालय में वरिष्ठ प्रबंधक के पद पर तैनात हैं। उन्होंने बताया कि विभागीय जांच के दौरान तीन माह पहले उन्होंने बैंक को स्पष्टीकरण भेज दिया था। उन्होंने बताया कि करीब 16 रिक्शा कोविड के समय लोन पर दिए गए थे। सात ई रिक्शा स्वामी कोविड के चलते उसका संचालन नहीं कर पाए और बेच दिए। इसी प्रकार हाउसिंग लोन के तहत बने मकानों के फोटो भी भेजे गए थे। लोन की रिकवरी करना वर्तमान प्रबंधक की जिम्मेदारी है। बेवजह प्रताड़ित करने के लिए यह कदम उठाया गया है। मैंने बैंक के पैसे का गबन नहीं किया है। अगर वित्तीय अनियमितता होती तो बैंक में हर साल होने वाली ऑडिट में उजागर हो जाती। बैंक की रिपोर्ट में कई गलत तथ्यों को गिनाने के बाद भी प्रबंधन ने मेरे जवाब के प्रति उत्तर में कोई पत्र जारी नहीं किया है। एफआईआर की एकतरफा कार्रवाई कर दी। उन्होंने बैंक मैनेजर से इस मामले की गंभीरता से जांच कराने और न्याय दिलाने की अपील की है।
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