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Moradabad News: प्लॉट पर कब्जे को लेकर जिला पंचायत सदस्य समेत आठ के खिलाफ केस दर्ज
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मंडी धनौरा। चांदपुर मार्ग पर स्थित विवादित भूमि पर कब्जा करने के मामले में सराफ ललित वर्मा ने जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सैनी व उनके पुत्र समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है। भूमि के स्वामित्व का मामला अदालत में विचाराधीन है। जिला पंचायत सदस्य द्वारा भूमि पर कब्जा करने के मामले में पुलिस-प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। दोनों ही पक्ष इस भूमि पर अपना हक जता रहे हैं।
चांदपुर मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के सामने भूमि खाली पड़ी है। इस भूमि को नगर के मोहल्ला चामुंडा निवासी ललित वर्मा अपनी बताते हैं। उनका कहना है कि गाटा संख्या 23 पर वह वर्ष 1985 से काबिज हैं। उनका आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सैनी ने वर्ष 2021 में गाटा संख्या 24 का बैनामा अपनी पत्नी के नाम कराया। ललित वर्मा का कहना है कि गाटा संख्या 24 सड़क में दर्ज है। लेकिन वह गाटा संख्या 23 की भूमि को अपना बता रहे हैं। दोनों ही पक्ष इस भूमि पर अपना दावा जताने लगे।
ललित वर्मा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक रविवार की तड़के पांच बजे जिला पंचायत सदस्य अपने पुत्र व अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विवादित भूमि पर पिलर गाड़ने शुरू कर दिए। सूचना मिलने पर ललित वर्मा व उनके पुत्र मौके पर पहुचे। ललित का आरोप है कि विजयपाल सैनी ने हथियारों के दम पर उनको डराया व जान से मारने की धमकी दी। ललित ने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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दूसरी ओर जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सैनी ने भूमि पर कब्जे की बात से इन्कार करते हुए कहा कि वह एडीएम के आदेश पर नगर लेखपाल को साथ लेकर भूमि की पैमाइश के लिए गए थे। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि ललित वर्मा की तहरीर पर विजयपाल सैनी, सचिन, सुरेंद्र, अशोक, सोनू, हुकम सिंह, नितिन, भूपराम के खिलाफ समक्ष धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस-प्रशासन पर लग रहे सवालिया निशान
करोड़ों रुपयों की भूमि पर जिला पंचायत सदस्य द्वारा कथित कब्जे को लेकर पुलिस व प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। नगर पुलिस चौकी पर तैनात एक उपनिरीक्षक व नगर लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। आखिरकार किस अधिकारी के आदेश पर नगर लेखपाल तड़के ही जिला पंचायत सदस्य के साथ मौके पर गए थे। एसडीएम ने भी इस संबंध में जानकारी होने से इन्कार किया है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि नगर लेखपाल के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे। इंस्पेक्टर ने थाने में जिला पंचायत सदस्य से कहा कि आपके पास सक्षम अधिकारी के आदेश थे तो तड़के भूमि पर पिलर लगाने के लिए सुबह का इंतजार क्यों नहीं किया गया। एक दिन पहले शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में टीम गठित करने का प्रार्थनापत्र दिया जा सकता था।
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बरेली की घटना से सबक लेकर पुलिस हरकत में आई
शनिवार को बरेली में प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुए बवाल से सबक लेकर पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। लोग इस घटना की तुलना बरेली की घटना से करने लगे। पुलिस ने भी मौके की नजाकत को देखते हुए आनन फानन में कार्रवाई कर दी। पहले तो पुलिस दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रही थी। लेकिन लोगों के विरोध को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की।
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चांदपुर मार्ग पर एक पेट्रोल पंप के सामने भूमि खाली पड़ी है। इस भूमि को नगर के मोहल्ला चामुंडा निवासी ललित वर्मा अपनी बताते हैं। उनका कहना है कि गाटा संख्या 23 पर वह वर्ष 1985 से काबिज हैं। उनका आरोप है कि जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सैनी ने वर्ष 2021 में गाटा संख्या 24 का बैनामा अपनी पत्नी के नाम कराया। ललित वर्मा का कहना है कि गाटा संख्या 24 सड़क में दर्ज है। लेकिन वह गाटा संख्या 23 की भूमि को अपना बता रहे हैं। दोनों ही पक्ष इस भूमि पर अपना दावा जताने लगे।
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ललित वर्मा द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक रविवार की तड़के पांच बजे जिला पंचायत सदस्य अपने पुत्र व अन्य लोगों को लेकर मौके पर पहुंच गए। उन्होंने विवादित भूमि पर पिलर गाड़ने शुरू कर दिए। सूचना मिलने पर ललित वर्मा व उनके पुत्र मौके पर पहुचे। ललित का आरोप है कि विजयपाल सैनी ने हथियारों के दम पर उनको डराया व जान से मारने की धमकी दी। ललित ने 112 नंबर पर सूचना दी। पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई।
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दूसरी ओर जिला पंचायत सदस्य विजयपाल सैनी ने भूमि पर कब्जे की बात से इन्कार करते हुए कहा कि वह एडीएम के आदेश पर नगर लेखपाल को साथ लेकर भूमि की पैमाइश के लिए गए थे। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार ने बताया कि ललित वर्मा की तहरीर पर विजयपाल सैनी, सचिन, सुरेंद्र, अशोक, सोनू, हुकम सिंह, नितिन, भूपराम के खिलाफ समक्ष धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।
पुलिस-प्रशासन पर लग रहे सवालिया निशान
करोड़ों रुपयों की भूमि पर जिला पंचायत सदस्य द्वारा कथित कब्जे को लेकर पुलिस व प्रशासन पर सवालिया निशान लग रहे हैं। नगर पुलिस चौकी पर तैनात एक उपनिरीक्षक व नगर लेखपाल की भूमिका संदिग्ध है। आखिरकार किस अधिकारी के आदेश पर नगर लेखपाल तड़के ही जिला पंचायत सदस्य के साथ मौके पर गए थे। एसडीएम ने भी इस संबंध में जानकारी होने से इन्कार किया है। प्रभारी निरीक्षक मनोज कुमार का कहना है कि नगर लेखपाल के खिलाफ पुलिस अधीक्षक के माध्यम से जिलाधिकारी को पत्र लिखेंगे। इंस्पेक्टर ने थाने में जिला पंचायत सदस्य से कहा कि आपके पास सक्षम अधिकारी के आदेश थे तो तड़के भूमि पर पिलर लगाने के लिए सुबह का इंतजार क्यों नहीं किया गया। एक दिन पहले शनिवार को आयोजित थाना समाधान दिवस में टीम गठित करने का प्रार्थनापत्र दिया जा सकता था।
बरेली की घटना से सबक लेकर पुलिस हरकत में आई
शनिवार को बरेली में प्लॉट पर कब्जे को लेकर हुए बवाल से सबक लेकर पुलिस तत्काल हरकत में आ गई। लोग इस घटना की तुलना बरेली की घटना से करने लगे। पुलिस ने भी मौके की नजाकत को देखते हुए आनन फानन में कार्रवाई कर दी। पहले तो पुलिस दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की बात कर रही थी। लेकिन लोगों के विरोध को देखते हुए जिला पंचायत सदस्य व उनके साथियों के खिलाफ ही रिपोर्ट दर्ज की।