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Moradabad News: व्यापार में बनाई खुद की पहचान...अब सामाजिक कार्यों में दे रहीं योगदान
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मुरादाबाद। शहर की कुछ महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने अपने पारिवारिक व्यापार को न सिर्फ संभाला, बल्कि सफलता के नए आयाम छूए। इसके बाद भी उनके कदम नहीं रुके। अब वह सामाजिक कार्यों में न सिर्फ सक्रियता से प्रतिभाग करती हैं, बल्कि दूसरों को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करती हैं। इन महिलाओं का कहना है कि शिक्षा और महिला सशक्तीकरण के लिए कार्य करना प्राथमिकता में है।
नियमित रूप से बच्चों को वितरित करती हूं शैक्षणिक सामग्री : रेखा सिंह
दीनदयाल नगर निवासी रेखा सिंह ने बताया कि मैं एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्य कर रही थी, लेकिन उसमें संतुष्ट नहीं थी, क्योंकि स्कूल से मिलने वाले वेतन से जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थी। मुझे खाना बनाने का शौक था, इसलिए मैंने क्लाउड किचिन शुरू किया। जल्द ही मैंने पार्टनशिप पर रेस्टोरेंट खोला और किराये पर दे दिया। एक साल पहले मैंने मुरादाबाद में ही एक और रेस्टोरेंट खोला है। अपने निर्णय से मैं खुश हूं, क्योंकि मैं स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान के लिए काम कर रही हूं। दस साल पहले मैं एक एनजीओ से जुड़ी। वहां पर जरूरतमंद बच्चों को नियमित तौर पर शैक्षणिक सामग्री देती हूं। अपनी एक सहेली के कहने पर मैं एक क्लब से जुड़ी और अब पूरी तरह से समाजसेवा में भी सक्रिय हूं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में काम करती हूं, ताकि आने वाली पीढ़ी सशक्त और समझदार बन सके।
देहदान के लिए करने हैं जागरूकता शिविर : अरुणा गोयल
गांधी नगर निवासी अरुणा गोयल ने बताया कि परिवार का नामी कंपनियों के कॉस्मेटिक व घरेलू सामान के डिस्ट्रीब्यूशन का काम है। गोदाम और ऑफिस घर में ही है, इसलिए जब पति और बेटे काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं तो व्यापार की पूरी जिम्मेदारी खुद संभालती हूं। परिवार और व्यापार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए पिछले 20 साल से सामाजिक गतिविधियों में प्रतिभाग भी करती हूं। क्लब से जुड़ने की वजह है कि हमें एक मंच मिल जाता है। इसमें नियमित तौर पर बच्चों की फीस, शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंद बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए सिलाई और ब्यूटीशियन का कोर्स करवाया है। मेरा लक्ष्य देहदान के क्षेत्र में काम करने का है। मैं नेत्रदान के लिए फॉर्म भर चुकी हूं, अब देहदान के लिए फॉर्म भरना है। साथ ही दूसरों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
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नियमित रूप से बच्चों को वितरित करती हूं शैक्षणिक सामग्री : रेखा सिंह
दीनदयाल नगर निवासी रेखा सिंह ने बताया कि मैं एक निजी विद्यालय में शिक्षिका के रूप में कार्य कर रही थी, लेकिन उसमें संतुष्ट नहीं थी, क्योंकि स्कूल से मिलने वाले वेतन से जरूरतें पूरी नहीं हो पाती थी। मुझे खाना बनाने का शौक था, इसलिए मैंने क्लाउड किचिन शुरू किया। जल्द ही मैंने पार्टनशिप पर रेस्टोरेंट खोला और किराये पर दे दिया। एक साल पहले मैंने मुरादाबाद में ही एक और रेस्टोरेंट खोला है। अपने निर्णय से मैं खुश हूं, क्योंकि मैं स्वतंत्र रूप से अपनी पहचान के लिए काम कर रही हूं। दस साल पहले मैं एक एनजीओ से जुड़ी। वहां पर जरूरतमंद बच्चों को नियमित तौर पर शैक्षणिक सामग्री देती हूं। अपनी एक सहेली के कहने पर मैं एक क्लब से जुड़ी और अब पूरी तरह से समाजसेवा में भी सक्रिय हूं। खासकर शिक्षा के क्षेत्र में काम करती हूं, ताकि आने वाली पीढ़ी सशक्त और समझदार बन सके।
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देहदान के लिए करने हैं जागरूकता शिविर : अरुणा गोयल
गांधी नगर निवासी अरुणा गोयल ने बताया कि परिवार का नामी कंपनियों के कॉस्मेटिक व घरेलू सामान के डिस्ट्रीब्यूशन का काम है। गोदाम और ऑफिस घर में ही है, इसलिए जब पति और बेटे काम के सिलसिले में बाहर रहते हैं तो व्यापार की पूरी जिम्मेदारी खुद संभालती हूं। परिवार और व्यापार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाते हुए पिछले 20 साल से सामाजिक गतिविधियों में प्रतिभाग भी करती हूं। क्लब से जुड़ने की वजह है कि हमें एक मंच मिल जाता है। इसमें नियमित तौर पर बच्चों की फीस, शैक्षणिक सामग्री का वितरण किया जाता है। इसके साथ ही जरूरतमंद बेटियों को आत्मनिर्भर बनने के लिए सिलाई और ब्यूटीशियन का कोर्स करवाया है। मेरा लक्ष्य देहदान के क्षेत्र में काम करने का है। मैं नेत्रदान के लिए फॉर्म भर चुकी हूं, अब देहदान के लिए फॉर्म भरना है। साथ ही दूसरों को जागरूक करने के लिए शिविर लगाए जाएंगे।
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