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Moradabad News: 7.50 मीटर सड़क पर 15 साल पहले पास हुआ नक्शा, अब एमडीए के लिए गले की फांस
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- आशियाना की निजी कॉलोनी का मामला बोर्ड बैठक में उठा, नियम में 12 मीटर सड़क जरूरी थी
- नियम बदले तो नौ मीटर सड़क पर मिली छूट, लेकिन मौके पर अब भी सड़क सिर्फ 7.50 मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। आशियाना में करीब 15 साल पहले स्वीकृत एक निजी कॉलोनी का नक्शा अब एमडीए के लिए बड़ा पेच बन गया है। जिस समय नक्शा पास हुआ था, तब नियम के मुताबिक निजी कॉलोनी के लिए कम से कम 12 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी थी। इसके बावजूद मौके पर महज 7.50 मीटर चौड़ी सड़क पर नक्शा स्वीकृत कर दिया गया। अब इतने वर्षों बाद मामला एमडीए बोर्ड की बैठक में पहुंचा तो पुराने निर्णय पर ही सवाल खड़े हो गए।
बोर्ड सदस्य राजू कालरा ने बैठक में सवाल उठाया कि जब तत्कालीन व्यवस्था में 12 मीटर से कम सड़क पर निजी कॉलोनी का नक्शा पास करने की अनुमति नहीं थी तो 7.50 मीटर सड़क के आधार पर स्वीकृति कैसे दी गई। मामले की जानकारी कमिश्नर संगीता सिंह और डीएम अनुनय झा के सामने भी रखी गई। अधिकारियों के सामने प्रकरण आने के बाद एमडीए की तत्कालीन प्रक्रिया पर जवाब मांगा गया, लेकिन बैठक में अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उस समय नक्शा किस आधार पर स्वीकृत हुआ था। बाद में शासन ने नियम में बदलाव करते हुए नौ मीटर चौड़ी सड़क पर भी निजी कॉलोनी के नक्शे की व्यवस्था कर दी। लेकिन आशियाना का मामला इस बदलाव के बाद भी नहीं सुलझा, क्योंकि यहां सड़क नौ मीटर तक पहुंची ही नहीं। मौके पर चौड़ाई 7.50 मीटर ही है।
बोर्ड बैठक में सड़क चौड़ी करने का रास्ता भी तलाशा गया। कॉलोनी से सटे नगर निगम के पार्क की जमीन का कुछ हिस्सा सड़क में शामिल करने के लिए नगर निगम से एनओसी लेने की संभावना पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी अड़चन आरडब्ल्यूए की सहमति को लेकर है। जिस क्षेत्र में कॉलोनी प्रस्तावित है, वहां आरडब्ल्यूए ही नहीं है। ऐसे में न सड़क मौजूदा नियम के मुताबिक है और न सहमति की शर्त पूरी होती दिख रही है। फिलहाल मामला एमडीए से आगे बढ़ाकर शासन के पाले में डाल दिया गया है। एमडीए वीसी अनुभव सिंह का कहना है कि यह निजी कॉलोनी का मामला है। बोर्ड अध्यक्ष के निर्देशों के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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- नियम बदले तो नौ मीटर सड़क पर मिली छूट, लेकिन मौके पर अब भी सड़क सिर्फ 7.50 मीटर
अमर उजाला ब्यूरो
मुरादाबाद। आशियाना में करीब 15 साल पहले स्वीकृत एक निजी कॉलोनी का नक्शा अब एमडीए के लिए बड़ा पेच बन गया है। जिस समय नक्शा पास हुआ था, तब नियम के मुताबिक निजी कॉलोनी के लिए कम से कम 12 मीटर चौड़ी सड़क जरूरी थी। इसके बावजूद मौके पर महज 7.50 मीटर चौड़ी सड़क पर नक्शा स्वीकृत कर दिया गया। अब इतने वर्षों बाद मामला एमडीए बोर्ड की बैठक में पहुंचा तो पुराने निर्णय पर ही सवाल खड़े हो गए।
बोर्ड सदस्य राजू कालरा ने बैठक में सवाल उठाया कि जब तत्कालीन व्यवस्था में 12 मीटर से कम सड़क पर निजी कॉलोनी का नक्शा पास करने की अनुमति नहीं थी तो 7.50 मीटर सड़क के आधार पर स्वीकृति कैसे दी गई। मामले की जानकारी कमिश्नर संगीता सिंह और डीएम अनुनय झा के सामने भी रखी गई। अधिकारियों के सामने प्रकरण आने के बाद एमडीए की तत्कालीन प्रक्रिया पर जवाब मांगा गया, लेकिन बैठक में अधिकारी यह स्पष्ट नहीं कर सके कि उस समय नक्शा किस आधार पर स्वीकृत हुआ था। बाद में शासन ने नियम में बदलाव करते हुए नौ मीटर चौड़ी सड़क पर भी निजी कॉलोनी के नक्शे की व्यवस्था कर दी। लेकिन आशियाना का मामला इस बदलाव के बाद भी नहीं सुलझा, क्योंकि यहां सड़क नौ मीटर तक पहुंची ही नहीं। मौके पर चौड़ाई 7.50 मीटर ही है।
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बोर्ड बैठक में सड़क चौड़ी करने का रास्ता भी तलाशा गया। कॉलोनी से सटे नगर निगम के पार्क की जमीन का कुछ हिस्सा सड़क में शामिल करने के लिए नगर निगम से एनओसी लेने की संभावना पर चर्चा हुई। नगर आयुक्त हिमांशु कौशिक को मौके का निरीक्षण करने के निर्देश दिए गए हैं। दूसरी अड़चन आरडब्ल्यूए की सहमति को लेकर है। जिस क्षेत्र में कॉलोनी प्रस्तावित है, वहां आरडब्ल्यूए ही नहीं है। ऐसे में न सड़क मौजूदा नियम के मुताबिक है और न सहमति की शर्त पूरी होती दिख रही है। फिलहाल मामला एमडीए से आगे बढ़ाकर शासन के पाले में डाल दिया गया है। एमडीए वीसी अनुभव सिंह का कहना है कि यह निजी कॉलोनी का मामला है। बोर्ड अध्यक्ष के निर्देशों के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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