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Moradabad News: जिला अस्पताल में पीआईसीयू बनाने के लिए शासन से मांगा बजट
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मुरादाबाद। जिला अस्पताल में बच्चों के लिए पीआईसीयू बनाने के लिए शासन से बजट मांगा गया है। वेंटिलेटर व अन्य अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण इस यूनिट में लगाए जाएंगे। पांच बेड की इकाई संचालित करने के लिए नर्सिंग स्टाफ की नियुक्ति कर ली गई है।
जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में बहुत जल्द बाल रोग विशेषज्ञ तैयार करने के लिए पीजी कोर्स भी शुरू होने जा रहा है। दो चिकित्सक यहां इस कोर्स के लिए पढ़ाई करेंगे। इससे अस्पताल में 24 घंटे बाल रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। इससे पीआईसीयू संचालित करने में आसानी होगी। इसके अलावा अस्पताल में एक विशेष वार्ड भी तैयार किया जा रहा है जिसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों की नजदीक से मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इसमें ऐसे बच्चों को रखा जाएगा जिन्हें वेंटीलेटर की जरूरत नहीं होगी लेकिन गंभीर डायरिया या अन्य समस्या के कारण हर समय चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होगी। शासन से इन कार्यों के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद तेजी से कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
अस्पताल प्रबंधन की कोशिश है कि बाल रोग विभाग को अपग्रेड किया जाए। पीजी कोर्स के लिए आने वाले चिकित्सकों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल परिसर में उनके लिए लाइब्रेरी वी डिजिटल क्लासरूम भी बनाया जा रहा है। उनके पढ़ने के लिए किताबों की व्यवस्था भी की जा रही है। नीट की परीक्षा पास करने के बाद आने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष परीक्षा देने के लिए बाहर भी जाना होगा। उनकी प्रतियोगात्मक परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी।
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जिला अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने बताया कि अस्पताल में बहुत जल्द बाल रोग विशेषज्ञ तैयार करने के लिए पीजी कोर्स भी शुरू होने जा रहा है। दो चिकित्सक यहां इस कोर्स के लिए पढ़ाई करेंगे। इससे अस्पताल में 24 घंटे बाल रोग विशेषज्ञ उपस्थित रहेंगे। इससे पीआईसीयू संचालित करने में आसानी होगी। इसके अलावा अस्पताल में एक विशेष वार्ड भी तैयार किया जा रहा है जिसमें गंभीर रूप से बीमार बच्चों की नजदीक से मॉनिटरिंग की जा सकेगी। इसमें ऐसे बच्चों को रखा जाएगा जिन्हें वेंटीलेटर की जरूरत नहीं होगी लेकिन गंभीर डायरिया या अन्य समस्या के कारण हर समय चिकित्सकीय निगरानी की आवश्यकता होगी। शासन से इन कार्यों के लिए बजट स्वीकृत होने के बाद तेजी से कार्रवाई आगे बढ़ाई जाएगी।
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अस्पताल प्रबंधन की कोशिश है कि बाल रोग विभाग को अपग्रेड किया जाए। पीजी कोर्स के लिए आने वाले चिकित्सकों के रहने की व्यवस्था की जाएगी। अस्पताल परिसर में उनके लिए लाइब्रेरी वी डिजिटल क्लासरूम भी बनाया जा रहा है। उनके पढ़ने के लिए किताबों की व्यवस्था भी की जा रही है। नीट की परीक्षा पास करने के बाद आने वाले विद्यार्थियों को हर वर्ष परीक्षा देने के लिए बाहर भी जाना होगा। उनकी प्रतियोगात्मक परीक्षाएं भी आयोजित की जाएंगी।
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