{"_id":"61d0a5777c126454dd4471b4","slug":"bsp-leader-had-kidnapped-the-agent-with-his-companions-city-news-mbd4146501143","type":"story","status":"publish","title_hn":"बसपा नेता ने साथियों संग किया था आढ़ती का अपहरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बसपा नेता ने साथियों संग किया था आढ़ती का अपहरण
विज्ञापन
मुरादाबाद। आढ़ती संदीप थरेजा का अपहरण बसपा नेता ने किया था। पुलिस ने बसपा नेता के भाई व अन्य लोगों को उठाया तो दबाव में आकर आरोपी आढ़ती को आगरा में छोड़कर साथियों के साथ भाग गया था। पुलिस ने मुख्य साजिशकर्ता रामचंद्र सैनी को गिरफ्तार कर अपहरणकांड का खुलासा कर दिया है। पुलिस का दावा है कि आढ़त और दुकान के विवाद में हत्या करने के इरादे से रामचंद्र ने अपने भाई और अन्य आरोपियों से आढ़ती का अपहरण कराया था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि सिविल लाइंस के रामगंगा विहार निवासी संदीप थरेजा (43) को स्कॉर्पियो सवार आरोपी अगवा कर फरार हो गए थे। इस घटना को आवास विकास कालोनी में अंजाम दिया गया था। घटना के समय वह स्कूटी से मंडी समिति जा रहे थे। पुलिस ने संदीप की पत्नी मीना थरेजा की तहरीर पर चक्कर की मिलक निवासी रामचंद्र सैनी समेत चार नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मौके पर ही पुलिस को आढ़ती की स्कूटी और बैग मिला था। पुलिस ने आरोपी रामचंद्र सैनी को हिरासत में पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि रामचंद्र को हिरासत में लिया गया तो आरोपियों ने दबाव में आकर अपहृत संदीप थरेजा को आगरा बस अड्डे के पास छोड़ दिया था। शनिवार को पुलिस आगरा से संदीप को लेकर मुरादाबाद पहुंची। पुलिस ने इस मामले में सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक निवासी रामचंद्र सैनी को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। एसएसपी ने बताया कि रामचंद्र ने ही अपने भाई बसपा नेता बबलू सैनी से संदीप का अपहरण कराया था। बबलू सैनी ने अपने साथी चक्कर की मिलक निवासी बहादुर और मुकेश उर्फ मुखिया और भोजपुर के गांव दादूपुर निवासी जयकरन व चालक के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। बबलू सैनी ने 2017 में बसपा के टिकट पर मुरादाबाद देेहात विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा था। आरोपी राम चंद्र ने कबूला है कि वह आढ़त और दुकान के विवाद को लेकर तंग आ चुका था। उसने संदीप की हत्या कराने के लिए अपने भाई और उसके दोस्तों को जिम्मेदारी सौंपी थी।
तीन दिन पहले खरीदी थी स्कार्पियो
मुरादाबाद। पुलिस पूछताछ में आरोपी रामचंद्र सैनी ने बताया कि उसके भाई बबलू सैनी ने 27 दिसंबर को एक स्कार्पियो खरीदी। इस वाहन के बारे में आरोपी ने किसी को कोई जानकारी नहीं दी थी।
विज्ञापन
आरोपियों की योजना थी कि आरोपी को कार में डालकर हत्या कर देंगे और मौका पाकर रामगंगा में उसका शव डाल देंगे। मगर सुबह टहलने निकले लोगों ने घटना को अंजाम देते देख लिया था और तुरंत ही पुलिस को सूचना दे दी थी। आरोपी पहले कांठ रोड पर पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्होंने रास्ता बदल दिया था। इसके बाद दो आरोपी आगरा गए और संदीप को छोड़कर फरार हो गए थे।
विज्ञापन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बबलू कुमार ने बताया कि सिविल लाइंस के रामगंगा विहार निवासी संदीप थरेजा (43) को स्कॉर्पियो सवार आरोपी अगवा कर फरार हो गए थे। इस घटना को आवास विकास कालोनी में अंजाम दिया गया था। घटना के समय वह स्कूटी से मंडी समिति जा रहे थे। पुलिस ने संदीप की पत्नी मीना थरेजा की तहरीर पर चक्कर की मिलक निवासी रामचंद्र सैनी समेत चार नामजद और चार अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मौके पर ही पुलिस को आढ़ती की स्कूटी और बैग मिला था। पुलिस ने आरोपी रामचंद्र सैनी को हिरासत में पूछताछ की। पुलिस का दावा है कि रामचंद्र को हिरासत में लिया गया तो आरोपियों ने दबाव में आकर अपहृत संदीप थरेजा को आगरा बस अड्डे के पास छोड़ दिया था। शनिवार को पुलिस आगरा से संदीप को लेकर मुरादाबाद पहुंची। पुलिस ने इस मामले में सिविल लाइंस के चक्कर की मिलक निवासी रामचंद्र सैनी को गिरफ्तार कर खुलासा कर दिया। एसएसपी ने बताया कि रामचंद्र ने ही अपने भाई बसपा नेता बबलू सैनी से संदीप का अपहरण कराया था। बबलू सैनी ने अपने साथी चक्कर की मिलक निवासी बहादुर और मुकेश उर्फ मुखिया और भोजपुर के गांव दादूपुर निवासी जयकरन व चालक के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था। बबलू सैनी ने 2017 में बसपा के टिकट पर मुरादाबाद देेहात विधान सभा सीट से चुनाव लड़ा था। आरोपी राम चंद्र ने कबूला है कि वह आढ़त और दुकान के विवाद को लेकर तंग आ चुका था। उसने संदीप की हत्या कराने के लिए अपने भाई और उसके दोस्तों को जिम्मेदारी सौंपी थी।
विज्ञापन
तीन दिन पहले खरीदी थी स्कार्पियो
मुरादाबाद। पुलिस पूछताछ में आरोपी रामचंद्र सैनी ने बताया कि उसके भाई बबलू सैनी ने 27 दिसंबर को एक स्कार्पियो खरीदी। इस वाहन के बारे में आरोपी ने किसी को कोई जानकारी नहीं दी थी।
विज्ञापन
आरोपियों की योजना थी कि आरोपी को कार में डालकर हत्या कर देंगे और मौका पाकर रामगंगा में उसका शव डाल देंगे। मगर सुबह टहलने निकले लोगों ने घटना को अंजाम देते देख लिया था और तुरंत ही पुलिस को सूचना दे दी थी। आरोपी पहले कांठ रोड पर पहुंचे थे, लेकिन बाद में उन्होंने रास्ता बदल दिया था। इसके बाद दो आरोपी आगरा गए और संदीप को छोड़कर फरार हो गए थे।