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Moradabad News: टूटी सड़कें, स्ट्रीट लाइट ठप....किसी को नजर नहीं आ रहा इनका दर्द
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मुरादाबाद। नगर के वार्ड 49 में दीवान के बाजार की धोबी वाली गली क्षेत्र की कॉलोनी बजबजाती नालियों से उठती बदबू से परेशान है। यहां की अधिकतर नालियां खुली होने और सड़कों के ऊबड़ खाबड़ होने के कारण आवागमन में समस्या होती है, वहीं स्ट्रीट लाइटेें भी नहीं जल रही हैं, जिसके कारण रात को दिक्कत और बढ जाती है।
दीवान का बाजार में जहां से गली शुरू होती हैं, वहां से ही सड़क टूटी हुई है। यह सड़क सारा स्टेशनर्स से होते ही श्रीराम मंदिर जाती है, जो पूरी सड़क ऊबड़ खाबड़ हो गई है, क्योंकि टाइलें नीचे बैठ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद से कई बार कहने के बावजूद सड़क की मरम्मत पिछले तीन चार सालों से नहीं कराई गई है। मुख्य बाजार में तो स्ट्रीट लाइटें जलती हैं लेकिन गलियों के अंदर अंधेरा रहता है। यहां नालियां साफ करने के लिए कर्मचारी नियमित नहीं आते, जिसके कारण नालियों का पानी सड़कों पर आने लगता है, जिससे लोगों को आने जाने में भारी असुविधा होती है। इस वार्ड में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की आबादी अच्छी खासी है, सभी लोग उफनती नालियों और टूटी सड़कों से परेशान हैं। आंतरिक गलियों की स्थिति तो बहुत अधिक दयनीय है, सभी के स्लैब भी टूटे हुए हैं।
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चार साल से नहीं हुई सड़कों की मरम्मत
- सड़कों की मरम्मत तो तीन चार सालों से हुई ही नहीं है, जिसके कारण अब खासकर गलियों की सड़कें तो चलने लायक नहीं बची हैं।
हिमांशु अग्रवाल
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उफनती नालियों से निकलना मुश्किल
- गलियां तो यहां पहले से ही संकरी हैं, इसके बाद वह ऊबड़ खाबड़ हो गई हैं, नालियां भी उफन रही हैं, जिसके कारण निकलना दुश्वार हो रहा है।
अरशद
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घरों तक पहुंचती है बदबू
नालियों की सफाई नहीं होने के कारण उसमें कीचड़ भरा रहता है, पानी ठहरा रहने के कारण बदबू बहुत आती है, यह बदबू लोगों के घरों तक भी पहुंचती है।
धीरज
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स्ट्रीट लाइटें खराब हैं
- मुख्य मार्ग व बाजार में तो स्ट्रीट लाइटें जलती हैं लेकिन जैसे ही बस्ती के अंदर घुसेंगे तो गलियों में अंधेरा छाया रहता है, जिससे रात को आने जाने में दिक्कत होती है।
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पिंटू चौधरी
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सड़कें बनवाने की मांग कई बार की
नगर निगम को यहां की सड़कों की मरम्मत पर तत्काल ध्यान देना चाहिए, यहां पार्षद से मिलकर कई बार मांग की लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
नीरज कुमार
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घरों में आता है गंदा पानी
- पिछले दिनों शिकायत होने पर जलकल विभाग के कर्मचारी आए थे, कुछ दिन तक तो स्थिति ठीक रही लेकिन कुछ समय बाद फिर गंदा पानी आने लगा।
निधि
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दरवाजे पर बैठना भी मुश्किल
- अधिकतर लोगों के घर के दरवाजे मुख्य गली में ही खुलते हैं, वहां नालियां भरी पड़ी हैं, जिसके कारण बदबू उठती है, दरवाजे पर बैठना भी मुश्किल होता है।
प्रज्ञा अग्रवाल
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नालियों के स्लैब ठीक होने चाहिए
- जब नालियां बनी होंगी, तभी स्लैब डाले गए थे, अब अधिकतर स्लैब टूट चुके हैं, कई स्थानों पर लोगों ने खुद ही निकलने के लिए तख्ते व कुछ सीमेंट की स्लैब रखी हुई हैं।
मनीषा
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फॉगिंग न होने से परेशानी
- नालियों के कारण यहां मच्छरों की भरमार है, नगर निगम दावा तो करता है लेकिन महीनों से यहां फॉगिंग नहीं हुई है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुमन चौधरी
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नियमित नहीं होती सफाई
गलियों में कूड़ा जमा रहता है, नियमित रूप से सफाई करने वाले कर्मचारी भी नहीं आते हैं, जिसके कारण सड़कों का कूड़ा भी नालियों में ही जाता है।
पायल
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वर्जन
- नालियों व सड़कों का निर्माण तो शहरभर में प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है, नियमित सफाई भी कराई जा रही है, फिर भी किसी को दिक्कत है तो अवगत कराए, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त
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दीवान का बाजार में जहां से गली शुरू होती हैं, वहां से ही सड़क टूटी हुई है। यह सड़क सारा स्टेशनर्स से होते ही श्रीराम मंदिर जाती है, जो पूरी सड़क ऊबड़ खाबड़ हो गई है, क्योंकि टाइलें नीचे बैठ गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि पार्षद से कई बार कहने के बावजूद सड़क की मरम्मत पिछले तीन चार सालों से नहीं कराई गई है। मुख्य बाजार में तो स्ट्रीट लाइटें जलती हैं लेकिन गलियों के अंदर अंधेरा रहता है। यहां नालियां साफ करने के लिए कर्मचारी नियमित नहीं आते, जिसके कारण नालियों का पानी सड़कों पर आने लगता है, जिससे लोगों को आने जाने में भारी असुविधा होती है। इस वार्ड में हिंदू और मुस्लिम दोनों समुदायों की आबादी अच्छी खासी है, सभी लोग उफनती नालियों और टूटी सड़कों से परेशान हैं। आंतरिक गलियों की स्थिति तो बहुत अधिक दयनीय है, सभी के स्लैब भी टूटे हुए हैं।
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चार साल से नहीं हुई सड़कों की मरम्मत
- सड़कों की मरम्मत तो तीन चार सालों से हुई ही नहीं है, जिसके कारण अब खासकर गलियों की सड़कें तो चलने लायक नहीं बची हैं।
हिमांशु अग्रवाल
उफनती नालियों से निकलना मुश्किल
- गलियां तो यहां पहले से ही संकरी हैं, इसके बाद वह ऊबड़ खाबड़ हो गई हैं, नालियां भी उफन रही हैं, जिसके कारण निकलना दुश्वार हो रहा है।
अरशद
घरों तक पहुंचती है बदबू
नालियों की सफाई नहीं होने के कारण उसमें कीचड़ भरा रहता है, पानी ठहरा रहने के कारण बदबू बहुत आती है, यह बदबू लोगों के घरों तक भी पहुंचती है।
धीरज
स्ट्रीट लाइटें खराब हैं
- मुख्य मार्ग व बाजार में तो स्ट्रीट लाइटें जलती हैं लेकिन जैसे ही बस्ती के अंदर घुसेंगे तो गलियों में अंधेरा छाया रहता है, जिससे रात को आने जाने में दिक्कत होती है।
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पिंटू चौधरी
सड़कें बनवाने की मांग कई बार की
नगर निगम को यहां की सड़कों की मरम्मत पर तत्काल ध्यान देना चाहिए, यहां पार्षद से मिलकर कई बार मांग की लेकिन कोई लाभ नहीं हुआ।
नीरज कुमार
घरों में आता है गंदा पानी
- पिछले दिनों शिकायत होने पर जलकल विभाग के कर्मचारी आए थे, कुछ दिन तक तो स्थिति ठीक रही लेकिन कुछ समय बाद फिर गंदा पानी आने लगा।
निधि
दरवाजे पर बैठना भी मुश्किल
- अधिकतर लोगों के घर के दरवाजे मुख्य गली में ही खुलते हैं, वहां नालियां भरी पड़ी हैं, जिसके कारण बदबू उठती है, दरवाजे पर बैठना भी मुश्किल होता है।
प्रज्ञा अग्रवाल
नालियों के स्लैब ठीक होने चाहिए
- जब नालियां बनी होंगी, तभी स्लैब डाले गए थे, अब अधिकतर स्लैब टूट चुके हैं, कई स्थानों पर लोगों ने खुद ही निकलने के लिए तख्ते व कुछ सीमेंट की स्लैब रखी हुई हैं।
मनीषा
फॉगिंग न होने से परेशानी
- नालियों के कारण यहां मच्छरों की भरमार है, नगर निगम दावा तो करता है लेकिन महीनों से यहां फॉगिंग नहीं हुई है, जिससे परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
सुमन चौधरी
नियमित नहीं होती सफाई
गलियों में कूड़ा जमा रहता है, नियमित रूप से सफाई करने वाले कर्मचारी भी नहीं आते हैं, जिसके कारण सड़कों का कूड़ा भी नालियों में ही जाता है।
पायल
वर्जन
- नालियों व सड़कों का निर्माण तो शहरभर में प्राथमिकता के आधार पर कराया जा रहा है, नियमित सफाई भी कराई जा रही है, फिर भी किसी को दिक्कत है तो अवगत कराए, समाधान कराया जाएगा।
अजीत कुमार, अपर नगर आयुक्त