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फेरे पड़ने से पहले मातम: बरात आने से कुछ घंटे पहले दुल्हन की ऐसे हुई मौत, परिवार की यह आस भी टूटी
Wed, 15 Mar 2023 12:11 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
अमर उजाला नेटवर्क, अमरोहा
Published by: शाहरुख खान
Updated Wed, 15 Mar 2023 12:11 PM IST
सार
अमरोहा के हसनपुर में बरात आने से कुछ घंटे पहले ही दुल्हन की बुखार से मौत हो गई। बुधवार को उसकी बरात आनी थी। दुल्हन की मौत से परिवार में मातम पसर गया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : Social media
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विस्तार
अमरोहा के हसनपुर कोतवाली इलाके के गांव रुस्तमपुर में रहने वाले किसान की 21 साल की बेटी कविता की बुखार से मौत हो गई। उसे पांच दिन पहले बुखार आया था, उसका इलाज मुरादाबाद के निजी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार को कविता की बरात आनी थी। उसकी मौत के बाद दोनों परिवारों में शादी की खुशियां काफूर हो गईं।
गांव में चंदकिरन का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटी और एक बेटा है। चंदकिरन गांव में दूसरे किसानों की जमीन बटाई पर लेकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी कविता की शादी पड़ोस के गांव पतेई खादर में तय की थी। बुधवार को बरात आनी थी।
लेकिन बीते पांच दिन पहले अचानक बुखार आने के बाद कविता की तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय चिकित्सकों से दवा ली, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। लिहाजा परिजनों ने उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मंगलवार की रात करीब दो बजे कविता की मौत हो गई।
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खबर मिलते ही दोनों परिवारों में चल रहीं शादी की खुशियां काफूर हो गईं। बुधवार की सुबह शव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया।
लगातार बिगड़ रहा था कविता का स्वास्थ्य
बुखार से पीड़ित कविता का स्वास्थ्य अस्पताल में लगातार बिगड़ रहा था। परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने दो दिन पहले ही कविता के नहीं बचने की बात कह दी थी। इसलिए परिजनों ने घर पर आने वाले रिश्तेदारों, हलवाई व टेंट वालों को वापस लौटा दिया था। परिवार वालों की इच्छा थी कि यदि कविता के स्वास्थ्य में सुधार होगा तो दूल्हे पक्ष के कुछ लोगों को बुलाकर सामान्य रूप से फेरे कराने के बाद उसे ससुराल के लिए विदा कर देंगे।
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गांव में चंदकिरन का परिवार रहता है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटी और एक बेटा है। चंदकिरन गांव में दूसरे किसानों की जमीन बटाई पर लेकर परिवार का पालन पोषण करते हैं। उन्होंने अपनी बड़ी बेटी कविता की शादी पड़ोस के गांव पतेई खादर में तय की थी। बुधवार को बरात आनी थी।
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लेकिन बीते पांच दिन पहले अचानक बुखार आने के बाद कविता की तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय चिकित्सकों से दवा ली, लेकिन उसकी तबीयत में सुधार नहीं हुआ। लिहाजा परिजनों ने उसे मुरादाबाद के निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां मंगलवार की रात करीब दो बजे कविता की मौत हो गई।
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खबर मिलते ही दोनों परिवारों में चल रहीं शादी की खुशियां काफूर हो गईं। बुधवार की सुबह शव पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया।
लगातार बिगड़ रहा था कविता का स्वास्थ्य
बुखार से पीड़ित कविता का स्वास्थ्य अस्पताल में लगातार बिगड़ रहा था। परिजनों के मुताबिक डॉक्टर ने दो दिन पहले ही कविता के नहीं बचने की बात कह दी थी। इसलिए परिजनों ने घर पर आने वाले रिश्तेदारों, हलवाई व टेंट वालों को वापस लौटा दिया था। परिवार वालों की इच्छा थी कि यदि कविता के स्वास्थ्य में सुधार होगा तो दूल्हे पक्ष के कुछ लोगों को बुलाकर सामान्य रूप से फेरे कराने के बाद उसे ससुराल के लिए विदा कर देंगे।