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Moradabad News: सरकारी दफ्तरों में बैठे रिश्वतखोर कर्मचारी और अधिकारी, बिना रकम के नहीं बढ़ाते फाइल
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एक साल में 20 से ज्यादा सरकारी कर्मचारी पकड़े गए रिश्वत लेते
मुरादाबाद। शासन की लाख सख्ती के बाद भी सरकारी विभागों के दफ्तरों में रिश्वत का खेल चल रहा है। कहीं कर्मचारी और अधिकारी सीधा घूस ले रहे हैं तो कहीं रिश्वत वसूलने के लिए उन्होंने अपने अंडर में ही एजेंट रख लिए हैं।
पिछले एक साल में बिजली विभाग, पुलिस विभाग, खनन विभाग और औषधि विभाग में रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। किसी ने फाइल पास करने के नाम पर रिश्वत वसूली तो किसी पुलिस कर्मी ने केस से नाम निकालने के नाम पर रिश्वत मांगी है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम और विजिलेंस ने पिछले एक साल में मंडल में अलग-अलग विभागों में घूस लेते हुए 20 कर्मचारियों को रंगे हाथ दबोचे जा चुके हैं।
केस एक
जिला खनन अधिकारी के लिए बाबू ने ली घूस
तीन अक्तूबर 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जिला खनन अधिकारी राहुल सिंह के कार्यालय में तैनात रहे संविदा कर्मचारी बाबू शाहरुख को बीस हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया था। टीम ने यह कार्रवाई मूंढापांडे के बुजपुर आशा निवासी मो. रफी की शिकायत पर की थी। जिसने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत कर बताया था कि जिला खनन अधिकारी राहुल सिंह ने उससे खनन का अनुमति पत्र और ऑनलाइन पोर्टल का आईडी-पासवर्ड देने के लिए तीन लाख रुपये रिश्वत मांगी है।
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केस दो
दरोगा के लिए सिपाही ले रहा था रिश्वत
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 23 सितंबर 2024 को बिलारी थाने में सिपाही कौशल कुमार को 15 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया था। सिपाही कौशल कुमार दरोगा रवि प्रकाश के लिए घूस ले रहा था। दरोगा ने बिलारी के सिहारी नंदा मितेंद्र सिंह से घूस मांगी थी। मितेंद्र के बेटों के नाम एक केस से निकालने के एवज में घूस मांगी थी। बिलारी थाने में सिपाही और दरोगा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
केस 3
एडीओ पंचायत का निजी कंप्यूटर ऑपरेटर रंगे हाथ पकड़ा गया
एक अगस्त 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने संभल में एडीओ पंचायत गुरदयाल सिंह के निजी कंप्यूटर ऑपरेटर आकाश को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। कंप्यूटर ऑपरेटर ने एडीओ पंचायत के इशारे पर घूस ली थी। विकासखंड बहजोई में तैनात पंचायत सचिव सुग्रीव सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी उनका वेतन पास करने के नाम पर एडीओ पंचायत दस हजार की घूस मांग रहे हैं। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर की ओर से एडीओ पंचायत और उनके निजी कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
केस 4
बिजली अधिकारी के लिए संविदा कर्मी ने 15 हजार की रिश्वत ली
बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी अनुराग कौशिक ने मुरादाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी कि विद्युत वितरण खंड 2 के पद पर तैनात विकास कुमार ने कनेक्शन देने के नाम पर 15 हजार रुपये मांगे। टीम ने 24 जुलाई 2024 को बिजली अधिकारी के कार्यालय में संविदा विद्युत कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथ पकड़ लिया था।
केस 5
एसडीएम कार्यालय में स्टेनो 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया
ठाकुरद्वारा एसडीएम कार्यालय में 31 अगस्त को बरेली विजिलेंस की टीम ने स्टेनो सचिन शर्मा को रंगे हाथ दबोच लिया था। ठाकुरद्वारा के करनपुर निवासी किसान से स्टेनो ने जमीन संबंधी फाइल पास करने के नाम पर घूस मांगी थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत बरेली विजिलेंस में की थी। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी स्टेनो को रंगे हाथ दबोच लिया था।
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मुरादाबाद। शासन की लाख सख्ती के बाद भी सरकारी विभागों के दफ्तरों में रिश्वत का खेल चल रहा है। कहीं कर्मचारी और अधिकारी सीधा घूस ले रहे हैं तो कहीं रिश्वत वसूलने के लिए उन्होंने अपने अंडर में ही एजेंट रख लिए हैं।
पिछले एक साल में बिजली विभाग, पुलिस विभाग, खनन विभाग और औषधि विभाग में रिश्वत लेते पकड़े जा चुके हैं। किसी ने फाइल पास करने के नाम पर रिश्वत वसूली तो किसी पुलिस कर्मी ने केस से नाम निकालने के नाम पर रिश्वत मांगी है। एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम और विजिलेंस ने पिछले एक साल में मंडल में अलग-अलग विभागों में घूस लेते हुए 20 कर्मचारियों को रंगे हाथ दबोचे जा चुके हैं।
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केस एक
जिला खनन अधिकारी के लिए बाबू ने ली घूस
तीन अक्तूबर 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने जिला खनन अधिकारी राहुल सिंह के कार्यालय में तैनात रहे संविदा कर्मचारी बाबू शाहरुख को बीस हजार की घूस लेते गिरफ्तार किया था। टीम ने यह कार्रवाई मूंढापांडे के बुजपुर आशा निवासी मो. रफी की शिकायत पर की थी। जिसने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत कर बताया था कि जिला खनन अधिकारी राहुल सिंह ने उससे खनन का अनुमति पत्र और ऑनलाइन पोर्टल का आईडी-पासवर्ड देने के लिए तीन लाख रुपये रिश्वत मांगी है।
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केस दो
दरोगा के लिए सिपाही ले रहा था रिश्वत
एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने 23 सितंबर 2024 को बिलारी थाने में सिपाही कौशल कुमार को 15 हजार रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया था। सिपाही कौशल कुमार दरोगा रवि प्रकाश के लिए घूस ले रहा था। दरोगा ने बिलारी के सिहारी नंदा मितेंद्र सिंह से घूस मांगी थी। मितेंद्र के बेटों के नाम एक केस से निकालने के एवज में घूस मांगी थी। बिलारी थाने में सिपाही और दरोगा के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
केस 3
एडीओ पंचायत का निजी कंप्यूटर ऑपरेटर रंगे हाथ पकड़ा गया
एक अगस्त 2024 को एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने संभल में एडीओ पंचायत गुरदयाल सिंह के निजी कंप्यूटर ऑपरेटर आकाश को दस हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा था। कंप्यूटर ऑपरेटर ने एडीओ पंचायत के इशारे पर घूस ली थी। विकासखंड बहजोई में तैनात पंचायत सचिव सुग्रीव सिंह ने एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी उनका वेतन पास करने के नाम पर एडीओ पंचायत दस हजार की घूस मांग रहे हैं। इस मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो के इंस्पेक्टर की ओर से एडीओ पंचायत और उनके निजी कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
केस 4
बिजली अधिकारी के लिए संविदा कर्मी ने 15 हजार की रिश्वत ली
बिजनौर के नूरपुर थाना क्षेत्र के गोपालपुर निवासी अनुराग कौशिक ने मुरादाबाद एंटी करप्शन ब्यूरो में शिकायत की थी कि विद्युत वितरण खंड 2 के पद पर तैनात विकास कुमार ने कनेक्शन देने के नाम पर 15 हजार रुपये मांगे। टीम ने 24 जुलाई 2024 को बिजली अधिकारी के कार्यालय में संविदा विद्युत कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथ पकड़ लिया था।
केस 5
एसडीएम कार्यालय में स्टेनो 50 हजार की घूस लेते पकड़ा गया
ठाकुरद्वारा एसडीएम कार्यालय में 31 अगस्त को बरेली विजिलेंस की टीम ने स्टेनो सचिन शर्मा को रंगे हाथ दबोच लिया था। ठाकुरद्वारा के करनपुर निवासी किसान से स्टेनो ने जमीन संबंधी फाइल पास करने के नाम पर घूस मांगी थी। पीड़ित ने इस मामले की शिकायत बरेली विजिलेंस में की थी। टीम ने जाल बिछाकर आरोपी स्टेनो को रंगे हाथ दबोच लिया था।